किसानों की मांग पर सरकार का बड़ा फैसला, हरियाणा में आज से शुरू हुई सूरजमुखी की सरकारी खरीद
Haryana sunflower procurement: कई दिनों से सूरजमुखी उत्पादक किसान मांग कर रहे थे कि खरीद जल्दी शुरू की जाए, क्योंकि कई जिलों में फसल तैयार हो चुकी है और कटाई भी शुरू हो गई है. किसानों का कहना था कि अगर खरीद में देरी होती तो उन्हें फसल को घर पर रखने या कम दाम पर बेचने की मजबूरी हो सकती थी.
Haryana sunflower procurement: हरियाणा के सूरजमुखी किसानों के लिए आज से बड़ी राहत शुरू हो गई है. राज्य सरकार ने तय समय से एक सप्ताह पहले यानी 25 मई से सूरजमुखी की सरकारी खरीद शुरू कर दी है. पहले यह खरीद 1 जून से शुरू होनी थी, लेकिन किसानों की लगातार मांग और फसल कटाई को देखते हुए सरकार ने तारीख आगे बढ़ाने का फैसला लिया.
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा के अनुसार, प्रदेश की सभी मंडियों में आज से खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सरकार ने खरीद एजेंसियों को पहले ही जरूरी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दे दिए थे ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
किसानों की मांग पर लिया गया फैसला
कई दिनों से सूरजमुखी उत्पादक किसान मांग कर रहे थे कि खरीद जल्दी शुरू की जाए, क्योंकि कई जिलों में फसल तैयार हो चुकी है और कटाई भी शुरू हो गई है. किसानों का कहना था कि अगर खरीद में देरी होती तो उन्हें फसल को घर पर रखने या कम दाम पर बेचने की मजबूरी हो सकती थी.
इसी को देखते हुए हरियाणा सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के तहत प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) में सूरजमुखी की खरीद एक हफ्ता पहले शुरू करने का फैसला लिया. सरकार का मानना है कि इससे किसानों को समय पर MSP का लाभ मिल सकेगा.
मंडियों में किए गए खास इंतजाम
सरकार ने मंडियों में खरीद प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों और एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रखा है. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मंडियों में फसल तौल, उठान, भंडारण और भुगतान की पूरी व्यवस्था सही तरीके से की जाए. इसके अलावा किसानों के लिए पेयजल, छाया और बैठने जैसी सुविधाओं का भी ध्यान रखने को कहा गया है. सरकार चाहती है कि खरीद के दौरान किसानों को लंबी लाइन या अव्यवस्था जैसी परेशानी का सामना न करना पड़े.
कई एजेंसियां मिलकर संभालेंगी जिम्मेदारी
सूरजमुखी खरीद के लिए कई सरकारी एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है. इनमें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, हरियाणा राज्य कृषि मार्केटिंग बोर्ड, हैफेड, नाफेड, हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन और NCCF जैसी संस्थाएं शामिल हैं. इन सभी एजेंसियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और खरीद प्रक्रिया बिना रुकावट चलाने के निर्देश दिए गए हैं.
MSP पर होगी फसल की खरीद
सरकार ने साफ किया है कि सूरजमुखी की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर की जाएगी. इससे किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम मिल सकेगा. कृषि मंत्री ने कहा कि हरियाणा देश का ऐसा राज्य है जहां केंद्र सरकार द्वारा तय सभी 24 फसलों की खरीद MSP पर की जाती है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा और समय पर फसल खरीद सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
खरीद जल्दी शुरू होने से किसानों को सीधा फायदा मिलेगा. कटाई के तुरंत बाद फसल बिकने से किसानों को भंडारण की समस्या नहीं होगी और उन्हें बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी भी नहीं रहेगी. इसके अलावा मंडियों में फसल की आवक धीरे-धीरे होगी, जिससे भीड़ और अव्यवस्था कम रहेगी. किसानों को भुगतान भी समय पर मिलने की उम्मीद है.
हरियाणा सरकार के इस फैसले को सूरजमुखी किसानों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है. अब किसान बिना देरी अपनी फसल बेचकर MSP का लाभ उठा सकेंगे.