भारत-अफगानिस्तान के बीच कृषि सहयोग को मिलेगी रफ्तार, बीज-सिंचाई-तकनीक पर बनी सहमति

India Afghanistan Bilateral Meeting: भारत और अफगानिस्तान ने कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. नई दिल्ली में हुई बैठक में शिवराज सिंह चौहान और अफगानिस्तान के कृषि मंत्री ने बेहतर बीज, सिंचाई, कृषि अनुसंधान, पशुपालन, प्रशिक्षण और कृषि व्यापार को मजबूत बनाने पर चर्चा की.

नोएडा | Updated On: 9 Jul, 2026 | 11:36 AM

India-Afghanistan Agriculture Cooperation: भारत और अफगानिस्तान ने कृषि क्षेत्र में अपने सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान और अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई एवं पशुधन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमारी के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई. दोनों देशों ने बेहतर बीज, कृषि अनुसंधान, जल प्रबंधन, पशुपालन, कृषि शिक्षा, प्रशिक्षण और कृषि व्यापार को बढ़ावा देने पर सहमति जताई.

इस पहल का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, कृषि उत्पादन में सुधार करना और खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाना है. साथ ही आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती के जरिए कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने पर भी जोर दिया गया.

दोनों देशों के रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

बैठक के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान के रिश्ते केवल सरकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच सदियों पुराना विश्वास और दोस्ती का संबंध है. उन्होंने कहा कि भारत हमेशा अफगानिस्तान के साथ खड़ा रहा है और आगे भी कृषि विकास के क्षेत्र में हर संभव सहयोग देता रहेगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भारत अपनी आधुनिक कृषि तकनीक, वैज्ञानिक अनुभव और शोध संस्थानों की विशेषज्ञता साझा करेगा, जिससे अफगानिस्तान के किसानों को भी सीधा लाभ मिल सके.

बेहतर बीजों से बढ़ेगी फसलों की पैदावार

बैठक में अफगानिस्तान ने गेहूं उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत से सहयोग मांगा. इस पर भारत ने हाई क्वालिटी वाले गेहूं, मक्का और आलू के बीज उपलब्ध कराने की पेशकश की. इसके साथ ही भारत ने जलवायु-अनुकूल और बायोफोर्टिफाइड (पोषणयुक्त) बीजों की तकनीक साझा करने और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की वैज्ञानिकों की मदद देने का भी प्रस्ताव रखा. इससे अफगानिस्तान में बेहतर बीज प्रणाली विकसित होगी और फसलों की पैदावार बढ़ाने में मदद मिलेगी.

जल संकट से निपटने में भारत करेगा मदद

अफगानिस्तान ने बैठक में बताया कि पानी की कमी और बदलता मौसम वहां की खेती के लिए सबसे बड़ी परेशानी हैं. इस पर भारत ने पानी बचाने और उसका बेहतर इस्तेमाल करने के अपने सफल तरीके साझा करने की बात कही. भारत ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई, बारिश के पानी को जमा करना, खेतों में तालाब बनाना, चेक डैम और पानी के बेहतर उपयोग से जुड़े अपने अनुभव अफगानिस्तान के साथ साझा करेगा. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आने वाले समय में अच्छी खेती के लिए पानी का सही इस्तेमाल और वैज्ञानिक तरीके अपनाना सबसे ज्यादा जरूरी है.

ICAR देगा अनुसंधान और प्रशिक्षण में सहयोग

बैठक में कृषि शिक्षा और अनुसंधान को भी खास महत्व दिया गया. भारत ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और अफगानिस्तान के कृषि संस्थानों के बीच संयुक्त शोध कार्यक्रम चलाने का प्रस्ताव रखा.

इसके तहत छात्रों, शिक्षकों, वैज्ञानिकों और पशु चिकित्सकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा बागवानी, डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन, पशु स्वास्थ्य, मृदा स्वास्थ्य, डिजिटल कृषि और फसल कटाई के बाद होने वाले प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.

कृषि व्यापार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

दोनों देशों ने खेती से जुड़े सामान, अच्छी क्वालिटी वाले बीज और कृषि से बने तैयार उत्पादों के कारोबार को बढ़ाने पर भी सहमति जताई. इसके साथ ही निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने और खेती से लेकर बाजार तक की पूरी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया. इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बेहतर बाजार, नई तकनीक और कमाई बढ़ाने के ज्यादा मौके मिलने की उम्मीद है.

संयुक्त कार्य समूह तैयार करेगा भविष्य की योजना

बैठक का सबसे अहम फैसला भारत और अफगानिस्तान के बीच संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group) बनाने का रहा. यह समूह दोनों देशों के बीच कृषि और पशुपालन से जुड़े दीर्घकालिक सहयोग का रोडमैप तैयार करेगा. यह समूह समय-समय पर बैठकें करेगा, नई योजनाओं पर काम करेगा और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करेगा, ताकि दोनों देशों के किसान आधुनिक तकनीक और बेहतर संसाधनों का लाभ उठा सकें.

किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

इस सहयोग से सिर्फ दोनों देशों के रिश्ते ही मजबूत नहीं होंगे, बल्कि किसानों को भी आधुनिक खेती, बेहतर बीज, नई तकनीक और प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा. इससे कृषि उत्पादन बढ़ेगा, खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी और किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. भारत और अफगानिस्तान के बीच यह पहल कृषि क्षेत्र में दीर्घकालिक साझेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है.

Published: 9 Jul, 2026 | 11:34 AM

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