किसान ने अनाज के दानों से बनाई ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की तस्वीर, गेहूं-धान, सरसों का इस्तेमाल
agriculture ministers portraits by grains : योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने इंदौर में संपन्न हुई ब्रिक्स कृषि सम्मेलन में पहुंचे ब्राजील, चीन, रूस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित कई देशों के प्रतिनिधियों की तस्वीरों को अनाज के दानों के जरिए बनाया है.
अनाज के छोटे छोटे दानों से लोगों की तस्वीरें बनाने वाले किसान योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने इंदौर में हुई ब्रिक्स कृषि सम्मेलन में शामिल हुए देशों के कृषि मंत्रियों की तस्वीर बनाकर चर्चा में हैं. उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की तस्वीर भी अनाज के दानों का इस्तेमाल करके बनाई है. कलाकृतियां बनाने में वह गेहूं, धान समेत कई तरह की फसलों के बीज और दानों का इस्तेमाल करते हैं. खास बात है कि अब उनकी बनाई गई ये कलाकृतियां संबंधित देशों के दूतावासों और केंद्रीय कृषि मंत्रालय को भेजना की तैयारी की जा रही है.
ब्रिक्स कृषि सम्मेलन में आए कृषि मंत्रियों की तस्वीरें बनाईं
मध्य प्रदेश में नर्मदापुरम जिले के ग्राम सुपरली के किसान कलाकार योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने अपनी अनूठी कला से एक बार फिर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है. रिपोर्ट के अनुसार इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों के सम्मेलन के दौरान उन्होंने 11 देशों के कृषि मंत्रियों की आकर्षक तस्वीरें विभिन्न प्रकार के अनाजों से तैयार कर सभी का ध्यान आकर्षित किया.
गेहूं समेत कई तरह के अनाज के दानों से तैयार करते हैं तस्वीर
योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी ने मीडिया को बताया कि ब्राजील, चीन, रूस, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) सहित कई देशों के प्रतिनिधियों को दर्शाया गया है. अनाज के दानों से तैयार इन चित्रों को सम्मेलन में सराहना मिली और इन्हें कृषि तथा खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता का अनूठा माध्यम माना गया. किसान योगेंद्र पाल ने मीडिया से कहा कि अनाज के दानों से कलाकृतियां वह लंबे समय से बना रहे हैं. ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों की तस्वीरें बनाने के लिए उन्होंने गेहूं, सरसों, धान और दालों के दानों का इस्तेमाल किया है.
योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी.
किसानों के योगदान को दुनियभर में पहुंचाना उद्देश्य
उनकी कला का उद्देश्य विश्व समुदाय तक खाद्य सुरक्षा, अनाज संरक्षण और किसानों के योगदान का संदेश पहुंचाना है. उनका मानना है कि बढ़ती वैश्विक चुनौतियों के बीच खाद्य संसाधनों के संरक्षण और उनके महत्व को समझना बेहद जरूरी है. उन्होंने बताया कि अनाज से तैयार ये कलाकृतियां केवल कला का प्रदर्शन नहीं हैं, बल्कि किसानों की मेहनत, कृषि की महत्ता और भविष्य में संभावित खाद्य संकट से बचाव के प्रति जागरूकता का संदेश भी देती हैं.
दूतावासों और कृषि मंत्रालय को भेजी जाएंगी तस्वीरें
वे चाहते हैं कि दुनिया खाद्यान्न संरक्षण को प्राथमिकता दे, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के खाद्य संकट की स्थिति उत्पन्न न हो. योगेंद्र पाल सिंह सोलंकी की इन अनूठी कलाकृतियों को अब विभिन्न देशों के दूतावासों और कृषि मंत्रालयों तक भेजने की तैयारी की जा रही है. इससे उनकी कला के माध्यम से भारत का खाद्य सुरक्षा और कृषि संरक्षण का संदेश वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा.