किसानों के लिए खुशखबरी: MP में अब 6 दिन होगी गेहूं खरीदी, स्लॉट बुकिंग बढ़ी और मिलेगा ज्यादा मुआवजा

मुख्यमंत्री ने रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है. इस फैसले से छोटे, मध्यम और बड़े सभी किसानों को अपनी उपज बेचने का पूरा मौका मिलेगा. पहले सीमित खरीदी के कारण कई किसानों को अपनी फसल कम दाम पर बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें राहत मिलेगी.

नई दिल्ली | Updated On: 25 Apr, 2026 | 11:17 AM

MP wheat procurement 2026: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश के किसानों को संबोधित करते हुए गेहूं खरीदी से लेकर मुआवजा, बिजली, दुग्ध उत्पादन और खाद उपलब्धता तक कई अहम फैसलों का ऐलान किया. इन फैसलों का सीधा फायदा लाखों किसानों को मिलने वाला है. लेकिन सबसे खास बात है कि अब गेहूं खरीदी सप्ताह में 6 दिन होगी और शनिवार को भी केंद्र खुले रहेंगे.

गेहूं खरीदी का लक्ष्य बढ़ा, किसानों को बड़ा फायदा

मुख्यमंत्री ने रिकॉर्ड उत्पादन को देखते हुए गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है. इस फैसले से छोटे, मध्यम और बड़े सभी किसानों को अपनी उपज बेचने का पूरा मौका मिलेगा. पहले सीमित खरीदी के कारण कई किसानों को अपनी फसल कम दाम पर बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें राहत मिलेगी.

सप्ताह में 6 दिन होगी खरीदी

सरकार ने खरीदी प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए बड़ा बदलाव किया है. अब गेहूं खरीदी सप्ताह में 6 दिन होगी और शनिवार को भी केंद्र खुले रहेंगे. इससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए ज्यादा समय मिलेगा और मंडियों में भीड़ और इंतजार की समस्या कम होगी.

स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ी

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 30 अप्रैल से बढ़ाकर 9 मई 2026 कर दी गई है. साथ ही स्लॉट बुकिंग पूरी तरह खोल दी गई है, ताकि कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रह जाए. यह कदम खासतौर पर उन किसानों के लिए फायदेमंद है, जो समय पर स्लॉट नहीं ले पाए थे.

अभी कैसे होती है गेहूं खरीदी?

फिलहाल गेहूं खरीदी जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर तय सीमा में होती है. उदाहरण के तौर पर, अगर किसी किसान की जमीन 2 हेक्टेयर है और प्रति हेक्टेयर उत्पादन 40 क्विंटल माना गया है, तो वह अधिकतम 80 क्विंटल गेहूं ही बेच सकता है. सरकार की नई नीतियों से इस व्यवस्था को और आसान और किसान हितैषी बनाने की कोशिश की जा रही है.

‘किसान कल्याण वर्ष’ का ऐलान

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास की नींव किसान हैं, इसलिए इस साल को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है. सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आय बढ़े और उन्हें हर संभव सुविधा मिले.

जमीन अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा

सरकार ने भू-अर्जन को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है. अब किसानों को उनकी जमीन के बदले 4 गुना तक मुआवजा दिया जाएगा. यह निर्णय किसानों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.

उड़द पर बोनस और फसल विविधीकरण

दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने नई पहल की है. उड़द की खरीदी MSP पर की जाएगी और उस पर 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जाएगा. इसके साथ ही फसल विविधीकरण और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है.

बिजली और सिंचाई में आत्मनिर्भरता

किसानों को सस्ती और आसान बिजली उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार काम कर रही है.

इससे किसान बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनेंगे और उनकी लागत भी घटेगी.

‘मिल्क कैपिटल’ बनने की ओर प्रदेश

कृषि के साथ-साथ पशुपालन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. प्रदेश में 1752 नई दुग्ध समितियां बनाई गई हैं और रोजाना दूध संग्रहण 10 लाख किलो से ज्यादा हो चुका है. अब तक किसानों को 1600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है और दूध के दाम में 8 से 10 रुपये प्रति किलो तक बढ़ोतरी हुई है.

खाद की पर्याप्त उपलब्धता

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस साल प्रदेश में 5.90 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो पिछले साल से ज्यादा है. अन्य उर्वरकों का भी पर्याप्त भंडारण किया गया है और अब वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि किसानों को बिना लंबी लाइन के खाद मिल सके.

Published: 25 Apr, 2026 | 11:15 AM

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