Tip Of The Day: मक्का की 6 किस्में कराएंगी कमाई, बुवाई के लिए किसानों के पास अभी भी मौका
Maize Farming: खरीफ सीजन में मक्का की खेती किसानों के लिए अच्छा मुनाफा देने वाली फसल बन सकती है. इसकी बुवाई जून के मध्य से जुलाई के मध्य तक सबसे उपयुक्त मानी जाती है. उन्नत बीजों और सही खेती तकनीक से अच्छी पैदावार हासिल की जा सकती है.
Maize Cultivation Tips: देश के कई हिस्सों में खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस सीजन में मक्का की खेती किसानों के लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. यह फसल कम समय में तैयार हो जाती है, इसकी बाजार में अच्छी मांग रहती है और सही तरीके से खेती करने पर अच्छी पैदावार भी मिलती है.
कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, पिछले कुछ सालों में मक्का की मांग पशु चारे, पोल्ट्री कारोबार, स्टार्च बनाने वाले उद्योगों और खाद्य उत्पाद तैयार करने वाले उद्योगों में तेजी से बढ़ी है. इसी वजह से अब किसान मक्का की खेती पर भी ज्यादा ध्यान दे रहे हैं.
मॉनसून के साथ शुरू करें बुवाई
कृषि विशेषज्ञ के मुताबिक मक्का की बुवाई के लिए जून के मध्य से जुलाई के मध्य तक का समय सबसे अच्छा माना जाता है. इस दौरान मिट्टी में पर्याप्त नमी रहती है, जिससे बीज जल्दी और अच्छी तरह अंकुरित होते हैं. साथ ही पौधों की बढ़वार भी बेहतर होती है. जिन इलाकों में ज्यादा बारिश होती है, वहां खेत में मेड़ बनाकर या ऊंची क्यारियों पर मक्का की बुवाई करने की सलाह दी जाती है. इससे खेत में पानी जमा नहीं होता और फसल को खराब होने से बचाया जा सकता है. इससे पौधों की जड़ें भी स्वस्थ रहती हैं और अच्छी पैदावार मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
उन्नत किस्मों से बढ़ सकती है पैदावार
मक्का की अच्छी फसल पाने के लिए अच्छे और भरोसेमंद बीजों का चुनाव बहुत जरूरी होता है. कृषि विशेषज्ञ
- DKC 9144
- DKC 9108
- Pioneer 3396
- Pioneer 1899
- NK 6240
- Bioseed 9544
- JMH 1001 जैसी हाइब्रिड किस्मों को बेहतर मानते हैं.
ये किस्में कम समय में तैयार हो जाती हैं और अच्छी पैदावार देने की क्षमता रखती हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसान सही मात्रा में खाद का इस्तेमाल करें और वैज्ञानिक तरीके से खेती करें, तो मक्का का उत्पादन और भी बढ़ाया जा सकता है, जिससे किसानों की आय में सुधार हो सकता है.
स्वीट कॉर्न भी बन सकता है मुनाफे का सौदा
अगर किसान सामान्य मक्का की खेती के अलावा कुछ नया और ज्यादा कमाई वाला विकल्प तलाश रहे हैं, तो स्वीट कॉर्न की खेती कर सकते हैं. बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है और इसके अच्छे दाम भी मिलते हैं. स्वीट कॉर्न की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 40 से 45 दिनों के भीतर भुट्टे आने शुरू हो जाते हैं. यानी किसानों को कम समय में ही कमाई का मौका मिल जाता है. शहरों के बाजारों, होटल-रेस्तरां और पैक्ड फूड बनाने वाले उद्योगों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे किसानों को बेहतर मुनाफा मिलने की संभावना रहती है.
मिट्टी की जांच और सुधार पर दें ध्यान
कई इलाकों में मिट्टी की प्रकृति ऐसी होती है कि, फसलों की बढ़वार पर असर पड़ सकता है. इसलिए बुवाई से पहले मिट्टी की जांच कराना किसानों के लिए फायदेमंद रहता है. अगर मिट्टी में ज्यादा खट्टापन (अम्लीयता) हो, तो कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार डोलोमाइट या बुझा हुआ चूना इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे मिट्टी की स्थिति बेहतर होती है और पौधों को जरूरी पोषक तत्व आसानी से मिल पाते हैं. नतीजतन फसल की बढ़वार अच्छी होती है और पैदावार बढ़ने की संभावना भी रहती है.
बढ़ रही है मक्का की बाजार मांग
देश और विदेश दोनों बाजारों में मक्का की मांग लगातार बढ़ रही है. पशु चारा, पोल्ट्री कारोबार, एथेनॉल बनाने और खाद्य उत्पादों में इसके बढ़ते इस्तेमाल से किसानों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं. इसी वजह से अब कई किसान धान और दूसरी खरीफ फसलों के साथ-साथ मक्का की खेती को भी कमाई बढ़ाने का अच्छा विकल्प मान रहे हैं. अच्छी मांग और बेहतर बाजार मिलने से मक्का किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है.