उपजाऊ भूमि अधिग्रहण के विरोध में 3 हजार किसानों का प्रदर्शन, सभी प्रोजेक्ट पर रोक लगी   

गढ़चिरौली एयरपोर्ट और दूसरे प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को किसानों के भारी विरोध के बाद रोक दिया गया है. 3 हजार महिला और पुरुष किसानों के कलेक्ट्रे में विरोध प्रदर्शन करने के बाद प्रशासन ने रोक लगाई है.

नोएडा | Updated On: 7 Jun, 2026 | 05:29 PM

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली एयरपोर्ट समेत अन्य प्रोजेक्ट के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण के मामले ने तूल पकड़ लिया है. 13 से ज्यादा गांवों के 6 हजार से अधिक किसान परिवारों के प्रभावित होने के खतरे को देखते हुए काफी समय से अधिग्रहण के विरोध में धरना प्रदर्शन चल रहा रहा है. 7 जून को 3 हजार से ज्यादा किसानों के जोरदार प्रदर्शन और आमरण अनशन की चेतावनी के बाद प्रशासन ने सभी प्रोजेक्ट का काम और अधिग्रहण को रोक दिया है.

गढ़चिरौली में राज्य सरकार की ओर से जिला प्रशासन एयरपोर्ट और इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण कर रहा है. लेकिन, किसान कई बिंदुओं पर राजी नहीं हैं और लगातार धरना प्रदर्शन चल रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों ने आधिकारिक बयान में रविवार को बताया कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में प्रस्तावित एयरपोर्ट और इंडस्ट्रियल एरिया के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है.

3 हजार किसानों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने रोकी प्रक्रिया

जिला प्रशासन ने कहा कि अधिग्रहण प्रक्रिया को रोकने का यह कदम 3000 से ज्यादा किसानों के जिला कलेक्ट्रेट में विरोध प्रदर्शन करने के बाद उठाया गया. पिछले कुछ दिनों से धरने पर बैठे इन किसानों का दावा था कि एयरपोर्ट और चारमोर्शी में इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स के लिए उनकी उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा था.

311 हेक्टेयर से ज्यादा जमीन को मिली थी मंजूरी

अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने इस साल 12 मई को जिले में एयरपोर्ट बनाने के लिए शिरापुर चक, गुरुवाला, हीरापुर और राखी गांवों से 311.81 हेक्टेयर जमीन (जिसमें सरकारी, निजी और वन विभाग के नियंत्रण वाली ज़मीन शामिल है) के अधिग्रहण के लिए लगभग 104 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दी थी.

14 गांवों के 6 हजार किसान प्रभावित

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के जिला महासचिव अमोल मारकावर ने PTI से कहा कि असली जमीन मालिकों की सहमति लिए बिना इन प्रोजेक्ट्स के लिए सीधे आदेश जारी करके जमीन अधिग्रहण करने की सरकार की कोशिश बहुत अन्यायपूर्ण और अस्वीकार्य है. सरकार को जमीन अधिग्रहण के सभी आदेश तुरंत रद्द करने चाहिए.

आजाद समाज पार्टी के नेता विवेक खोब्रागड़े ने दावा किया कि एयरपोर्ट के लिए पांच गांवों की कई एकड़ जमीन ली जाएगी और चारमोर्शी में JSW ग्रुप के प्रस्तावित स्टील प्लांट के लिए 14 गांव प्रभावित होंगे, जबकि लॉयड्स मेटल्स प्रोजेक्ट के लिए 13 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जिस जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है, वह उपजाऊ जमीन है, जिससे 6000 से ज्यादा किसान परेशान हैं.

सीएम से चर्चा के बाद होगा अंतिम फैसला

शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री आशीष जायसवाल ने विरोध कर रहे किसानों से मुलाकात की और घोषणा की कि एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की आगे की प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोक दिया गया है. उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया पर अंतिम फैसला मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ चर्चा के बाद लिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा किसानों की सुरक्षा में सकारात्मक भूमिका निभाई है. अधिकारियों ने विरोध कर रहे किसानों को जिला कलेक्टर के हस्ताक्षर वाला एक पत्र सौंपा. इस आश्वासन के बाद शनिवार को विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया गया. जयसवाल ने कहा कि प्रस्तावित चमोर्शी इंडस्ट्रियल टाउनशिप और JSW के लिए जमीन अधिग्रहण की जो प्रक्रिया शुरू हुई है, उसके तहत निवासियों और किसानों को आपत्तियां दर्ज कराने और अपनी बात रखने के लिए 90 दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा. जायसवाल ने कहा कि इससे आगे की कार्रवाई रुकी रहेगी और अगला फैसला लेने से पहले सभी संबंधित मुद्दों पर विचार करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा.

Published: 7 Jun, 2026 | 05:28 PM

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