आलू को रंगकर महंगे दाम में बेच रहे थे मिलावटखोर, छापेमारी में 6670 क्विंटल रंगा आलू पकड़ा गया

Potato adulteration exposed : छापेमारी टीम ने कोल्ड स्टोरेज परिसर में लगभग 6,670 किलोग्राम आलू को रंगते हुए पाया. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल पूरी खेप को सीज कर दिया और आवश्यक नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला भेज दिए.

नोएडा | Published: 30 Jul, 2026 | 07:45 PM

खाद्य पदार्थों में मिलावट और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. यूपी के सीतापुर जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने महमूदाबाद क्षेत्र में छापेमारी कर एक कोल्ड स्टोरेज में रंगे जा रहे 6,670 किलोग्राम आलू बरामद किए. टीम ने मौके पर पूरी खेप को सीज कर नमूने जांच के लिए लखनऊ स्थित प्रयोगशाला भेज दिए. विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.

कोल्ड स्टोरेज में छापेमारी के बाद सैंपल जांच को भेजे गए

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के पैतेपुर रोड स्थित फाइन कोल्ड स्टोरेज, महमूदाबाद में आलू रंगकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किए जाने की शिकायत की गई थी. जिला परीक्षण एवं प्रवर्तन विभाग ने जांच की. इस दौरान दौरान टीम ने कोल्ड स्टोरेज परिसर में लगभग 6,670 किलोग्राम आलू को रंगते हुए पाया. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तत्काल पूरी खेप को सीज कर दिया और आवश्यक नमूने लेकर गुणवत्ता परीक्षण के लिए लखनऊ की प्रयोगशाला भेज दिए. अब जांच रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.

खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनपद में मिलावटी एवं संदिग्ध खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा. विभाग ने खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की चेतावनी देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा. इस कार्रवाई में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वागीश मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनन्त स्वरूप, अरविन्द सिंह, नृत्यु कुशवाहा, दिवाकर तथा सुभाष बाबू यादव उपस्थित रहे.

मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है आलू

कृषि विज्ञान केंद्र, कटिया-2 के अध्यक्ष डॉ. दया शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि वर्तमान समय में कुछ बिचौलिए अधिक लाभ कमाने की लालसा में खाद्य पदार्थों के साथ छेड़छाड़ कर लोगों के स्वास्थ्य को जोखिम में डाल रहे हैं. आकर्षक दिखाने और ऊंचे दाम पर बेचने के उद्देश्य से सब्जियों एवं अन्य खाद्य वस्तुओं में कृत्रिम रंगों का प्रयोग बेहद चिंताजनक है. ऐसे रासायनिक रंग लंबे समय तक शरीर में पहुंचने पर विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं.

उन्होंने कहा कि सीतापुर में आलू पर लगाए जा रहे रंग का मामला जांच के दायरे में है. नमूने प्रयोगशाला में संबंधित विभाग द्वारा भेजे गए हैं और यह जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि प्रयुक्त रंग स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक है. इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले वैज्ञानिक जांच का इंतजार करना आवश्यक है.

खाद्य वस्तुओं की खरीद के वक्त क्वालिटी जांचने की अपील

डॉ. श्रीवास्तव ने उपभोक्ताओं से अपील की कि बाजार से फल, सब्जियां और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उनकी गुणवत्ता और प्राकृतिक स्वरूप पर विशेष ध्यान दें. यदि किसी खाद्य पदार्थ का रंग, चमक या रूप-रंग असामान्य प्रतीत हो तो उसे खरीदने से बचें तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें. उन्होंने कहा कि जागरूक उपभोक्ता ही मिलावट और खाद्य पदार्थों में होने वाली अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

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