दो किसानों ने डीएम के सामने जनसुनवाई के दौरान जहर खाया, जांच करने गांव पहुंची राजस्व टीम

Farmers consumed poison : केंद्रपाड़ा जिले में जन-शिकायत सुनवाई के दौरान दो किसानों ने उनकी शिकायतों को दूर नहीं किए जाने के विरोध में अधिकारियों की मौजूदगी में कथित रूप से जहर खा लिया.

नोएडा | Updated On: 11 Aug, 2026 | 12:49 PM

Odisha News: ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले की राजनगर तहसील में जनसुवाई के दौरान जिलाधिकारी के सामने दो किसानों ने जहर खा लिया. इस घटना से वहां मौजूद अधिकारियों में हड़कंप मच गया. पुलिस कर्मियों ने मौके पर भारी तादाद में मौजूद फरियादियों हटाया है. समय रहते दोनों किसानों के मुंह से जहर निकलवाया गया है और तुरंत अस्पताल ले जाया गया. घटना के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच और पीड़ित किसानों की शिकायत अब तक दूर नहीं किए जाने पर तहसील अधिकारियों और मत्स्य पालन विभाग को फटकार लगाई है. अब राजस्व विभाग ने मंगलवार को किसानों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है और दोनों पीड़ितों के गांव पहुंचे हैं.

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले के राजनगर तहसील की पुलिस के अनुसार बीते दिन सोमवार को जन-शिकायत सुनवाई के दौरान दो किसानों ने अवैध झींगा पालन से फसल को हुए नुकसान पर अधिकारियों की ओर से कोई कारवाई नहीं किये जाने के विरोध में कथित तौर पर जहर खाकर आत्मत्या करने की कोशिश की. पुलिस ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि यह घटना तब हुई जब जिलाधिकारी रघुराम आर. अय्यर राजनगर तहसील के निवासियों की शिकायतें सुन रहे थे.

दोनों किसान अस्पताल में भर्ती

पुलिस के बयान में कहा गया कि किसानों की पहचान तालचुआ के गणेश चंद्र मंडल और ढोलामारा गांव के रामकृष्ण मंडल के तौर पर की गई है और घटना के तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार चल रहा है. पुलिस ने बताया कि दोनों किसानों ने कई बार अधिकारियों से संपर्क करके यह आरोप लगाया कि झींगा पालन केंद्र से निकलने वाला पानी आस-पास के खेतों में जा रहा है, जिससे फसलें खराब हो रही हैं और उत्पादन घट रहा है.

झींगा पालन केंद्र के केमिकल कचरे-पानी से फसल खराब हुई

पीड़ित एक किसान ने अस्पताल ले जाते वक्त मीडिया से कहा कि वह अपनी शिकायतों के समाधान के लिए हम जिलाधिकारी से लेकर संभागीय वन अधिकारी तक, हर जगह चक्कर लगाते रहे. लेकिन हमारी सारी कोशिशें बेकार गईं. किसानों ने जनसुनवाई में दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों के बावजूद झींगा पालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. किसानों ने कहना है कि झींगा पालन केंद्र पर केमिकल युक्त पानी और उससे निकलने वाला कचरा खेतों में बहाया जा रहा है.

राजस्व अधिकारी पीड़ित किसानों के गांव पहुंचे

जिलाधिकारी अय्यर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि किसानों की शिकायतों की जांच की जा रही है और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा. उनके निर्देश पर राजस्व विभाग दोनों पीड़ित किसानों के गांव पहुंचा है और खेतों में जा रहे दूषित पानी की स्थिति और खराब फसलों का जायजा लिया गया है. राजस्व अधिकारियों ने कहा कि वह जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

Published: 11 Aug, 2026 | 12:47 PM

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