पंचना बांध से नहीं छोड़ा पानी.. किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम किया, बवाल बढ़ने पर कृषि मंत्री ने लिखी चिट्ठी

Farmers Protest over Panchna Dam Issue: कृषि मंत्री ने चिट्ठी में यह भी जिक्र किया है कि हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2022, 23 अप्रेल 2026 और 1 मई 2026 को नहरों में पानी छोड़े जाने के संबंध में स्पष्ट आदेश दिए थे. लेकिन अब तक किसानों को पानी उपलब्ध नहीं कराया गया है.

नोएडा | Updated On: 17 Jun, 2026 | 04:19 PM

राजस्थान में पंचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने के विरोध में किसानों का प्रदर्शन उग्र हो गया और नाराज किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया है. घटना के बाद हरकत में आई सरकार ने कड़ा एक्शन लेते हुए कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है. कृषि मंत्री ने कहा कि नहरों में पानी नहीं जाने की वजह से लगभग 40 हजार बीघा जमीन को सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा है.

12 दिनों से चल रहा किसानों का धरना

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया. किसानों ने कहा कि पंचना बांध से दो दशक से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है. किसान 12 दिनों से वजीरपुर तहसील के खंडीप गांव में शांति पूर्ण तरीके धरना दिया जा रहा है. लेकिन, अधिकारियों और प्रशासन ने उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया, जिसके बाद किसान उग्र हो गए. पुलिस ने कहा कि मंगलवार को बड़ी संख्या में किसान पंचना बांध से नहरों में पानी न छोड़े जाने के विरोध में यहां खांडीप रेलवे स्टेशन के पास दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक पर जमा हुए.

नाराज किसानों ने रेलवे ट्रैक जाम कर दिया

किसान दोपहर में सवाई माधोपुर जिले में जमा हुए और आने वाली खरीफ फसल की बुवाई के लिए कमांड एरिया में तुरंत पानी छोड़ने की मांग की. पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने रेलवे गेट को बंद होने से रोका और लगभग डेढ़ घंटे तक ट्रैक पार करते रहे, जिससे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता पैदा हो गई. सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभालने के लिए प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू की.

सीएम को लिखी चिट्ठी में कृषि मंत्री तत्काल हस्तक्षेप की मांग की

नहरों में पानी छोड़ने के मामले के तूल पकड़ने पर राजस्थान के कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को चिट्ठी लिखकर तुरंत नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की है. उन्होंने चिट्ठी में लिखा कि राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद पिछले 2 दशकों से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है, जिससे हजारों किसान और ग्रामीण गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं. पंचना बांध के कैचमेंट और कमांड एरिया के बीच पानी के वितरण को लेकर विवाद बना हुआ है, इसे दूर कराया जाए.

खंडीप गांव में किसानों का धरना. कृषि मंत्री किरोड़ी मीणा की चिट्ठी.

हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पानी नहीं छोड़ा गया

कृषि मंत्री ने चिट्ठी में यह भी जिक्र किया है कि हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2022, 23 अप्रेल 2026 और 1 मई 2026 को नहरों में पानी छोड़े जाने के संबंध में स्पष्ट आदेश दिए थे. लेकिन अब तक किसानों को पानी उपलब्ध नहीं कराया गया है. कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने अपनी चिट्ठी में जिक्र करते हुए लिखा है कि पंचना बांध का निर्माण वर्ष 1977 से 2004 के बीच हुआ था और उस समय इसे बनाने में करीब 125 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे. इसके बावजूद साल 2006 से पानी किसानों को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है.

40 हजार बीघा कृषि भूमि सिंचाई से वंचित

कृषि मंत्री ने चिट्ठी में दावा किया कि पंचना बांध से पानी नहरों में नहीं दिए जाने से लगभग 40 हजार बीघा भूमि सिंचाई से वंचित है, जिससे 35 गांवों के लगभग 1.25 लाख लोग प्रभावित हैं और उनकी कृषि लागत भी बढ़ रही है. कृषि मंत्री ने कहा कि सवाई माधोपुर जिले की वजीरपुर तहसील के खंडीप गांव में किसान 12 दिनों से धरना दे रहे हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए किसानों की समस्या दूर करने की मांग की है.

Published: 17 Jun, 2026 | 04:08 PM

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