सिस्टम में खाद स्टॉक भरपूर पर गोदाम से बोरियां गायब, ओवररेटिंग और कालाबाजारी पर लाइसेंस निरस्त
Fertilizer stock in UP : जिला कृषि अधिकारी ने मीडिया को बताया कि स्थानीय किसानों से पूछताछ में अधिक कीमत पर खाद बेचने की शिकायतों की भी पुष्टि हुई. नकली डीएपी की शिकायत पर कोरांव में छापा मारा गया इसके बाद कोरांव क्षेत्र में नकली डीएपी बेचने की शिकायत पर कृषि विभाग ने कार्रवाई की गयी.
उत्तर प्रदेश में खरीफ सीजन की फसलों के लिए किसानों को खाद की जरूरत पड़ रही है, लेकिन किसानों को खाद स्टॉक खत्म होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है. लेकिन, अपने पसंदीदा लोगों को नियम के विपरीत ज्यादा बोरियां दी जा रही हैं. वहीं, किसानों से तय कीमत से ज्यादा वसूलने का मामला भी देखा जा रहा है. इसे रोकने के लिए राज्यभर में जांच अभियान चल रहा है. प्रयागराज कई खाद बीज विक्रेताओं के यहां जांच के दौरान खाद बिक्री केंद्र पर कई गड़बड़ियां मिलने और शिकायत सही पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त किए गए हैं.
प्रयागराज में ओवररेटिंग और खाद की कालाबाजारी पर कार्रवाई
उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त नियमों के बावजूद खाद विक्रेता घपलेबाजी करने से बाज नहीं आ रहे हैं. ताजा मामला प्रयागराज जिले का है, जहां किसानों की शिकायत के बाद जांच करने पहुंचे कृषि अधिकारियों को सिस्टम पर खाद का स्टॉक भरपूर मिला पर गोदाम की जांच करने पर एक भी बोरी नहीं मिली. जिला कृषि अधिकारी ने मीडिया को बताया कि शिकायत की जांच में पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर मौजूद वास्तविक स्टॉक में करीब 150 बोरी का अंतर मिला.
दो विक्रेताओं पर एफआईआर और लाइसेंस निरस्त
उर्वरक की अधिक कीमत वसूलने, खाद की कालाबाजारी और अवैध बिक्री की शिकायतों पर कृषि विभाग ने औचक निरीक्षण कर प्रयागराज में बड़ी कार्रवाई की है. जिला कृषि अधिकारी ने जसरा, शंकरगढ़, नारीबारी और कोरांव क्षेत्रों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान शंकरगढ़ और कोरांव में उर्वरक बिक्री में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू की गई.
पसंदीदा किसानों को 50-50 बोरी यूरिया दीं
शंकरगढ़ के गड़हिया स्थित पटेल खाद बीज भंडार के निरीक्षण में कई अनियमितताएं सामने आईं. जांच में विक्रेता द्वारा नियमों के विपरीत 15 किसानों को 50-50 बोरी यूरिया बेचने की बात सामने आई. इसके अलावा रेट बोर्ड, स्टॉक बोर्ड और बिक्री पंजिका भी अधूरी मिली. खाद लेने पहुंचे किसानों ने अधिकारियों को बताया कि यूरिया बैग की कीमत 266.50 रुपये है, लेकिन विक्रेता अधिक कीमत लेता है. किसान मजबूरी में तय कीमत से ज्यादा भाव देकर यूरिया खरीदने पर मजबूर होते हैं.
जिला कृषि अधिकारी ने मीडिया को बताया कि स्थानीय किसानों से पूछताछ में अधिक कीमत पर खाद बेचने की शिकायतों की भी पुष्टि हुई. नकली डीएपी की शिकायत पर कोरांव में छापा मारा गया इसके बाद कोरांव क्षेत्र में नकली डीएपी बेचने की शिकायत पर कृषि विभाग ने कार्रवाई की गयी.
यूपी में खाद का स्टॉक कितना है
उत्तर प्रदेश में वर्तमान में लगभग 28.82 लाख से 31 लाख मीट्रिक टन खाद उपलब्ध है. कृषि विभाग के अनुसार राज्य में खरीफ सीजन के लिए यूरिया, डीएपी और एनपीके का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और किसानों को किसी प्रकार की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. बताया गया कि यूरिया लगभग 14.77 लाख मीट्रिक टन है. डीएपी (DAP) लगभग 4.81 लाख मीट्रिक टन स्टॉक में है. इसके अलावा एनपीके (NPK) 4.90 लाख मीट्रिक टन और सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP) 3.46 लाख मीट्रिक टन मौजूद है.