3.5 करोड़ महिलाएं बनीं लखपति दीदी, शिवराज चौहान ने सुनीं समस्याएं.. सरकार ने रखा 6 करोड़ का लक्ष्य

Lakhpati Didi Scheme: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुंबई में लखपति दीदियों के साथ पौधारोपण किया और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से उनकी समस्याओं पर बात की. उन्होंने बताया कि देश में अब तक करीब 3.5 करोड़ लखपति दीदियां बन चुकी हैं, जबकि सरकार का लक्ष्य 6 करोड़ का है.

नोएडा | Published: 3 Sep, 2026 | 06:49 PM

Lakhpati Didi Yojana: केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को मुंबई में ‘लखपति दीदियों’ के साथ वृक्षारोपण अभियान में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं से बातचीत भी की और उनके कामकाज से जुड़ी परेशानियों को समझने की कोशिश की. बैंकर्स के साथ होने वाली बैठक से पहले हुई इस बातचीत में महिलाओं के लिए लोन की आसान प्रक्रिया और बैंकिंग से जुड़ी दिक्कतें भी प्रमुख मुद्दा रहीं.

6 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में 6 करोड़ लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य रखा है. उन्होंने बताया कि इस दिशा में तेजी से काम हो रहा है और अब तक करीब 3.5 करोड़ महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं. लखपति दीदी योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपनी कमाई बढ़ाने और छोटे कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है. महिलाएं खेती, पशुपालन, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और दूसरी छोटी गतिविधियों के जरिए अपनी आमदनी बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं. मंत्री ने कहा कि मौजूदा रफ्तार को देखते हुए सरकार 6 करोड़ लखपति दीदियों के लक्ष्य की तरफ तेजी से आगे बढ़ रही है.

पेड़ लगाने के साथ महिलाओं से सीधी बातचीत

मुंबई में कार्यक्रम के दौरान चौहान ने लखपति दीदियों के साथ मिलकर पौधे लगाए. इसके बाद उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से बातचीत की. उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ महिलाओं को कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना ही नहीं चाहती, बल्कि यह भी जानना चाहती है कि इस दौरान उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. खासतौर पर बैंक से लोन लेने में आने वाली दिक्कतों को समझने पर जोर दिया गया.

लोन लेने में क्यों आ रही परेशानी?

शिवराज सिंह चौहान ने माना कि कई बार बैंक से लोन लेने के दौरान महिलाओं को काफी औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं. इसके अलावा लोन मिलने में देरी भी उनके लिए परेशानी बन जाती है. इससे कारोबार शुरू करने या उसे आगे बढ़ाने की उनकी योजना प्रभावित हो सकती है. उन्होंने बताया कि बैंकर्स के साथ बैठक से पहले महिलाओं से बातचीत करने का फैसला इसलिए किया गया, ताकि उनकी वास्तविक समस्याओं को सीधे समझा जा सके और बैंकिंग व्यवस्था को उनके लिए आसान बनाने पर विचार किया जा सके.

100 से ज्यादा लखपति दीदियां वर्चुअली जुड़ीं

इस बातचीत में असम, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड की 100 से ज्यादा लखपति दीदियां ऑनलाइन जुड़ीं. महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बैंक लोन से जुड़ी समस्याओं के बारे में भी बताया. एक सीएसपी सेंटर चलाने वाली महिला ने बताया कि उन्हें अब तक चार बार व्यक्तिगत लोन मिल चुका है, लेकिन दूसरी महिलाओं को इतनी आसानी से लोन नहीं मिल पाया. उन्होंने यह भी बताया कि कुछ बैंक शाखाएं एक से ज्यादा आवेदन लेने से इनकार कर रही हैं.

महिलाओं की कमाई बढ़ाने पर फोकस

सरकार का लक्ष्य लखपति दीदियों की संख्या बढ़ाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी है. इसके लिए स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाओं को बचत, बैंकिंग, कर्ज और छोटे कारोबार से जोड़ा जा रहा है. मुंबई की बैठक में सामने आई समस्याओं से साफ है कि महिलाओं को कारोबार के लिए सिर्फ पैसे की जरूरत नहीं है, बल्कि बैंकिंग प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना भी जरूरी है. ऐसे में बैंकर्स के साथ होने वाली बैठकों में इन समस्याओं के समाधान पर चर्चा अहम मानी जा रही है.

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