यूपी में चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती, CM योगी ने दिए कार्रवाई के निर्देश

चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 30 दिन से ज्यादा स्टॉक रखने और 400 टन से अधिक चीनी जमा करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. वहीं, केंद्र ने कीमत बढ़ने की वजह कम उत्पादन, त्योहारी मांग, मौसम और ग्लोबल सप्लाई को बताया है.

नोएडा | Published: 22 Aug, 2026 | 07:01 PM

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में चीनी के स्टॉक और उपलब्धता की समीक्षा की. उन्होंने अधिकारियों को चीनी की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. राज्य सरकार के मुताबिक, इस समय उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों में कुल 179.38 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक उपलब्ध है. इसमें सहकारी चीनी मिलों के पास 23.60 लाख क्विंटल, निगम की चीनी मिलों के पास 5.28 लाख क्विंटल और निजी चीनी मिलों के पास 150.50 लाख क्विंटल चीनी का स्टॉक है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था 30 दिन से ज्यादा समय तक चीनी का स्टॉक जमा करके न रखे. इसके अलावा, एक समय में 400 टन से ज्यादा चीनी रखने वाले कारोबारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने को कहा गया है. सरकार के मुताबिक, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) और अन्य संबंधित नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.

गन्ना किसानों को 3,217 करोड़ रुपये का भुगतान

उत्तर प्रदेश सरकार ने बताया कि राज्य में गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान किया गया है. अब तक 48 लाख किसानों को कुल 3,217 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है. सरकार के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में नया गन्ना पेराई सीजन 15 अक्टूबर से शुरू होने वाला है.

चीनी के दाम बढ़ने की ये 5 बड़ी वजहें

वहीं, केंद्र सरकार ने कहा है कि देश में चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के पीछे कई कारण हैं. इनमें घरेलू उत्पादन उम्मीद से कम रहना, त्योहारी सीजन से पहले मांग बढ़ना, मौसम से गन्ने की फसल को नुकसान, दुनियाभर में चीनी की सप्लाई कम होना और कुछ कारोबारियों की जमाखोरी शामिल है. उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मुताबिक, सरकार बाजार में चीनी की उपलब्धता और कीमतों पर लगातार नजर रख रही है. कीमतों को नियंत्रित करने और त्योहारी सीजन में पर्याप्त सप्लाई बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए गए हैं.

एक महीने में 48 से बढ़कर 55.70 रुपये किलो हुई चीनी

सरकार के मुताबिक, देश में चीनी की औसत खुदरा कीमत 20 जुलाई को 48.18 रुपये प्रति किलो थी, जो बढ़कर 20 अगस्त को 55.70 रुपये प्रति किलो हो गई. इसके बाद केंद्र ने कीमतों में तेजी को रोकने और बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाए हैं. मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि चीनी की कीमत बढ़ने के लिए इथेनॉल उत्पादन को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है. सरकार के मुताबिक, एथेनॉल के लिए चीनी डायवर्जन का हिस्सा 2022-23 में करीब 12 फीसदी था, जो 2025-26 में घटकर करीब 9 फीसदी रह गया है. वहीं, देश में इथेनॉल उत्पादन का करीब तीन-चौथाई हिस्सा अब अनाज, खासकर मक्का से आता है.

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