आम के बौर आते ही बढ़ी किसानों की चिंता! फलों के झड़ने और कीट से बचाने के लिए अपनाएं एक्सपर्ट के ये टिप्स
Mango Crop Protection Tips: भारत में आम को ‘फलों का राजा’ कहा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पेड़ों पर लगे अधिकांश आम पकने से पहले ही झड़ जाते हैं? बदलते मौसम, कीट-रोग और पोषण की कमी के कारण किसान भारी नुकसान झेलते हैं. बिहार स्थित डॉ. राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.के. सिंह ने किसान इंडिया (Kisan India) को बताया कि, सही तकनीक और खेत की देखभाल से इस समस्या को 40-60% तक कम किया जा सकता है और उत्पादन में 20-30% तक बढ़ोतरी संभव है.
भारत में आम की खेती में सबसे बड़ी चुनौती है फलों का समय से पहले गिरना. डॉ. एस.के. सिंह के अनुसार, पेड़ पर लगे अधिकांश फल पकने से पहले ही झड़ जाते हैं, खासकर बिहार जैसे राज्यों में बदलते मौसम और तेज हवाओं के कारण.
फलों के झड़ने को रोकने के लिए समय पर कीट और रोग नियंत्रण जरूरी है. फफूंद, मिलीबग, थ्रिप्स और फल मक्खी से बचाव के लिए दवा और जैविक विकल्प का सही उपयोग लाभकारी होता है.
सही हार्मोन और पोषण फलों के टिकाऊ विकास के लिए जरूरी हैं. NAA और GA₃ का छिड़काव फलों की संख्या और आकार बढ़ाता है, जबकि बोरेक्स, जिंक और कैल्शियम नाइट्रेट फलों को मजबूत बनाकर झड़ने से बचाते हैं.
हल्की और नियमित सिंचाई से खेत में नमी बनी रहती है. डॉ. एस.के. सिंह के अनुसार, ड्रिप सिंचाई सबसे प्रभावी तरीका है, जिससे पौधों को नियंत्रित पानी मिलता है और फलों के झड़ने की संभावना कम होती है.
सूखी और रोगग्रस्त शाखाओं को हटाना जरूरी है. बिना फल वाले मंजरों की छंटाई से पौधे की ऊर्जा सीधे फलों के विकास में लगती है और उत्पादन में सुधार होता है.
स्वच्छ बाग में पौधे स्वस्थ रहते हैं और रोग कम फैलते हैं. डॉ. एस.के. सिंह बताते हैं कि नियमित सफाई से फलों की गुणवत्ता बढ़ती है और उत्पादन में 20-30% तक सुधार संभव है.