पशुपालकों के लिए खुशखबरी, बाढ़-आगजनी या ठनका से पशु की मौत पर सरकार देगी मुआवजा, जानें

Livestock Compensation Scheme: बाढ़, आग लगने या आकाशीय बिजली गिरने जैसी प्राकृतिक आपदाएं सिर्फ लोगों की जिंदगी को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि पशुपालकों को भी भारी नुकसान पहुंचाती हैं. कई बार एक ही पशु की मौत से परिवार की पूरी आय पर असर पड़ जाता है. ऐसे में सरकार की एक खास योजना पशुपालकों के लिए बड़ी राहत बन सकती है. इस योजना के तहत आपदा में पशु की मौत होने पर आर्थिक मुआवजा दिया जाता है.

नोएडा | Updated On: 24 Jun, 2026 | 04:54 PM
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बिहार सरकार राज्य आपदा राहत कोष (SDRF) के तहत बाढ़, आग लगने और ठनका (आकाशीय बिजली) गिरने जैसी आपदाओं में पशुओं की मौत होने पर पशुपालकों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है.

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मुआवजा पाने के लिए पशुओं के कान में ईयर टैग लगा होना जरूरी है. यह पशु के आधार कार्ड की तरह काम करता है और उसकी पहचान सुनिश्चित करता है.

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ईयर टैग लगवाने के बाद पशु का विवरण NDLM पोर्टल पर अपलोड किया जाता है. इससे पशु का रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है और मुआवजा प्रक्रिया आसान हो जाती है.

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पशुपालक अपने नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल में जाकर पशुओं का ईयर टैग लगवा सकते हैं, जिससे वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के पात्र बन जाते हैं.

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इस योजना के तहत दूध देने वाले बड़े पशुओं जैसे गाय और भैंस, खेती और सामान ढोने में उपयोग होने वाले पशुओं जैसे बैल और ऊंट और छोटे पशुओं जैसे भेड़, बकरी और सूअर पर अनुदान (सहायता राशि) का लाभ दिया जाएगा. इससे पशुपालकों को पशु खरीदने और पशुपालन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी.

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आपदा में पशु की मौत होने पर उसका पोस्टमार्टम कराया जाता है. इसके बाद पहचान संख्या और आवश्यक जांच के आधार पर पशुपालक को मुआवजा राशि जारी की जाती है.

Published: 24 Jun, 2026 | 06:22 PM

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