अल नीनो के बीच मक्का फसल पर मंडराया फॉल आर्मीवर्म का खतरा, जानें बचाव के 6 जरूरी उपाय

Maize Farming: सागर जिले में किसान अब तेजी से सोयाबीन की जगह मक्का की खेती अपना रहे हैं, लेकिन इस बार अल नीनो के असर ने उनकी चिंता बढ़ा दी है. बदलते मौसम के कारण मक्का की फसल पर फॉल आर्मीवर्म जैसे खतरनाक कीट का खतरा मंडरा रहा है. ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को समय रहते सतर्क रहने और फसल बचाने के लिए जरूरी उपाय अपनाने की सलाह दी है. खबर में आगे जानिए मक्का की फसल पर मंडरा रहे खतरे और उससे बचाव के 6 अहम उपाय.

नोएडा | Updated On: 23 Jul, 2026 | 11:28 AM
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किसान पारंपरिक सोयाबीन की खेती छोड़कर तेजी से मक्का की ओर बढ़ रहे हैं. पिछले तीन साल में करीब ढाई लाख एकड़ क्षेत्र में मक्का की खेती शुरू हो चुकी है और इस खरीफ सीजन में भी इसकी बुवाई पूरी हो गई है.

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इस साल अल नीनो के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिला है, जिससे मक्का की फसल पर कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है. कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को नियमित रूप से फसल की निगरानी करने और समय रहते कीट नियंत्रण के उपाय अपनाने की सलाह दी है.

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शुरुआती अवस्था में किसान साइकिल हैंड या कुलफा जैसे कृषि उपकरणों से खरपतवार हटाएं. अगर इससे नियंत्रण न हो, तभी जरूरत के अनुसार रासायनिक खरपतवारनाशकों का उपयोग करें.

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मक्का की बढ़ती फसल में फॉल आर्मीवर्म (Fall Armyworm) नाम का खतरनाक कीट तेजी से फैल सकता है. यह पौधे की पत्तियों के अंदर छिपकर नुकसान पहुंचाता है और कम समय में पूरी फसल को प्रभावित करने की क्षमता रखता है.

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शुरुआती संक्रमण की स्थिति में किसान नीम का तेल, निमास्त्र और ब्रह्मास्त्र जैसे जैविक कीटनाशकों का छिड़काव कर सकते हैं. इसके अलावा पौधे की गुफा (व्हॉर्ल) में थोड़ी-थोड़ी रेत डालना भी इस कीट को नियंत्रित करने का एक प्रभावी तरीका माना जाता है.

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अगर फॉल आर्मीवर्म का हमला ज्यादा हो जाए, तो किसान क्लोरेंट्रानिलिप्रोल, एमामेक्टिन बेंजोएट, स्पिनेटोराम, इंडोक्साकार्ब और क्लोरफेनापायर जैसी अनुशंसित दवाओं का उपयोग कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार करें. लगातार निगरानी और समय पर उपचार से फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है.

Published: 23 Jul, 2026 | 11:32 AM

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