देशभक्ति से लबरेज ये आम है बेहद खास, जानें क्या है रक्षा मंत्री Rajnath Singh से कनेक्शन!

Rajnath Aam: जिस तरह से नेताओं के नाम सड़कें और इमारतें सजाती हैं, उसी तरह अब एक आम भी देशभक्ति की मिठास लिए हमारे बीच है, मिलिए 'राजनाथ आम' से. मलिहाबाद के मशहूर ‘मैंगो मैन’ कलीमुल्लाह खान ने इसे खास तकनीक से तैयार किया है और देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को समर्पित किया है. यह आम न सिर्फ स्वाद में खास है, बल्कि इसके पीछे छिपी कहानी भी दिल जीत लेती है.

नोएडा | Published: 8 Jun, 2025 | 05:39 PM
1 / 6मशहूर बागवानी विशेषज्ञ 'मैंगो मैन' कलीमुल्लाह खान ने एक नई आम की प्रजाति विकसित की है, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर 'राजनाथ आम' नाम दिया गया है.

मशहूर बागवानी विशेषज्ञ 'मैंगो मैन' कलीमुल्लाह खान ने एक नई आम की प्रजाति विकसित की है, जिसे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नाम पर 'राजनाथ आम' नाम दिया गया है.

2 / 6यह आम मलिहाबाद स्थित उनके बाग में विशेष ग्राफ्टिंग तकनीक से उगाया गया है. यही तकनीक उन्हें आमों की नई-नई किस्में विकसित करने के लिए प्रसिद्ध बनाती है.

यह आम मलिहाबाद स्थित उनके बाग में विशेष ग्राफ्टिंग तकनीक से उगाया गया है. यही तकनीक उन्हें आमों की नई-नई किस्में विकसित करने के लिए प्रसिद्ध बनाती है.

3 / 6कलीमुल्लाह खान का मानना है कि जो लोग देश की सेवा करते हैं, उनके नामों को आमों के जरिए पीढ़ियों तक जीवित रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह जैसे संतुलित और शांति-प्रिय नेता को याद रखना जरूरी है.

कलीमुल्लाह खान का मानना है कि जो लोग देश की सेवा करते हैं, उनके नामों को आमों के जरिए पीढ़ियों तक जीवित रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजनाथ सिंह जैसे संतुलित और शांति-प्रिय नेता को याद रखना जरूरी है.

4 / 61919 में मलिहाबाद क्षेत्र में जहां 1300 आम की किस्में थीं, वहीं अब बहुत कम बची हैं. खान साहब ने अब तक 300 से ज्यादा किस्में फिर से विकसित की हैं और उन्हें संरक्षित किया है.

1919 में मलिहाबाद क्षेत्र में जहां 1300 आम की किस्में थीं, वहीं अब बहुत कम बची हैं. खान साहब ने अब तक 300 से ज्यादा किस्में फिर से विकसित की हैं और उन्हें संरक्षित किया है.

5 / 6कलीमुल्लाह खान केवल सातवीं कक्षा तक पढ़े हैं. उन्होंने बताया कि उनका मन कभी पढ़ाई में नहीं लगा, लेकिन आमों की बागवानी के प्रति उनका प्रेम बचपन से था, और आज भी वही जुनून कायम है.

कलीमुल्लाह खान केवल सातवीं कक्षा तक पढ़े हैं. उन्होंने बताया कि उनका मन कभी पढ़ाई में नहीं लगा, लेकिन आमों की बागवानी के प्रति उनका प्रेम बचपन से था, और आज भी वही जुनून कायम है.

6 / 6कलीमुल्लाह खान ने यह भी दावा किया कि आम में कई औषधीय गुण होते हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य और शरीर की शक्ति को बढ़ाते हैं. उन्होंने इस पर शोध सामग्री भी जुटाई है और अब अनुसंधान संस्थानों से आगे की उम्मीद करते हैं.

कलीमुल्लाह खान ने यह भी दावा किया कि आम में कई औषधीय गुण होते हैं, जो मानसिक स्वास्थ्य और शरीर की शक्ति को बढ़ाते हैं. उन्होंने इस पर शोध सामग्री भी जुटाई है और अब अनुसंधान संस्थानों से आगे की उम्मीद करते हैं.