बाहर से लाल, अंदर से फीका.. हर बार खा रहे हैं धोखा? इन 5 स्मार्ट ट्रिक्स से चुनें सबसे मीठा तरबूज!
Meethe Tarbuj Ki Pehchan: गर्मी में ठंडा-ठंडा, मीठा तरबूज खाने का मजा ही कुछ और होता है लेकिन असली खेल शुरू होता है खरीदते वक्त. बाहर से लाल-लाल और ताजा दिखने वाला तरबूज अक्सर काटने पर फीका निकल जाता है और पूरा मूड खराब कर देता है. अगर आप भी हर बार मीठा निकलेगा या नहीं? वाली टेंशन में रहते हैं, तो अब चिंता छोड़ दीजिए. कुछ आसान और स्मार्ट ट्रिक्स से आप बिना काटे ही 5 सेकंड में पहचान सकते हैं कि तरबूज सच में मीठा है या सिर्फ दिखावा कर रहा है.
तरबूज खरीदते समय उसे हल्के हाथ से थपथपाना एक पुराना लेकिन असरदार तरीका है. अगर थपथपाने पर अंदर से खाली और गूंजदार आवाज सुनाई दे, तो यह संकेत है कि तरबूज पूरी तरह पका और रसदार है. वहीं अगर आवाज भारी या दबाव वाली लगे, तो समझ लें कि तरबूज अभी कच्चा है या उसमें मिठास कम हो सकती है.
जब आप एक ही आकार के दो तरबूज उठाते हैं, तो जो तरबूज ज्यादा भारी महसूस हो, वही बेहतर होता है. ज्यादा वजन इस बात का संकेत है कि उसमें पानी और प्राकृतिक शुगर की मात्रा ज्यादा है, जिससे उसका स्वाद मीठा और जूसी होगा.
तरबूज के नीचे का पीला हिस्सा बहुत कुछ बताता है. यह वह जगह होती है जहां तरबूज जमीन पर पड़ा-पड़ा पकता है. अगर यह धब्बा गहरा पीला या क्रीम रंग का है, तो इसका मतलब है कि तरबूज अच्छे से पका है और मीठा होगा. लेकिन अगर यह हल्का पीला या सफेद है, तो तरबूज अधपका हो सकता है.
तरबूज का डंठल उसकी पकने की स्थिति को साफ बताता है. अगर डंठल सूखा, सिकुड़ा हुआ और भूरे रंग का है, तो यह पके होने का संकेत है. वहीं हरा और ताजा डंठल बताता है कि फल को समय से पहले तोड़ा गया है, जिससे वह अंदर से फीका निकल सकता है.
बहुत ज्यादा चमकदार और चिकना छिलका देखने में आकर्षक लग सकता है, लेकिन अक्सर ऐसे तरबूज कच्चे होते हैं. हल्की डल (मैट) फिनिश वाला छिलका यह दर्शाता है कि तरबूज प्राकृतिक रूप से पका है और उसमें मिठास ज्यादा होगी.
तरबूज का आकार जितना गोल, संतुलित और एकसमान होगा, उसके अंदर का गूदा भी उतना ही बेहतर होगा. बहुत ज्यादा टेढ़े-मेढ़े या असमान आकार वाले तरबूज अंदर से सही तरीके से विकसित नहीं हो पाते, जिससे स्वाद प्रभावित हो सकता है.