Tomato Farming: फल फटने से बर्बाद हो सकती है पूरी फसल, बचाव के लिए अपनाएं ये आसान तरीके!
Tomato Fruit Cracking: गर्मियों की तेज धूप और बढ़ता तापमान टमाटर की फसल के लिए बड़ी चुनौती बन जाते हैं. कई बार किसान पूरी मेहनत से फसल तैयार करते हैं, लेकिन अचानक फल फटने की समस्या उनकी उम्मीदों पर पानी फेर देती है. कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रमोद कुमार के अनुसार, देखने में यह मामूली लगने वाली समस्या असल में उत्पादन और मुनाफे दोनों को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है. सही पोषण और थोड़ी सावधानी से इस नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है.
गर्मियों में टमाटर की खेती फायदेमंद होती है, लेकिन फल फटने की समस्या से टमाटर की गुणवत्ता खराब हो जाती है, जिससे बाजार में सही दाम नहीं मिल पाता और किसानों को आर्थिक नुकसान होता है.
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह पौधों में होने वाली एक शारीरिक समस्या (Physiological Disorder) है, जिसे सही पोषण प्रबंधन और उचित देखभाल से आसानी से नियंत्रित किया जा सकता है.
मिट्टी में सूक्ष्म पोषक तत्व बोरोन (Boron) की कमी होने पर फल की बाहरी परत सख्त हो जाती है, और अंदर का दबाव बढ़ने की वजह से फल फटने लगता है.
अंतिम जुताई के समय प्रति हेक्टेयर 15–20 किलो बोरोन को गोबर खाद और NPK के साथ मिलाकर डालने से मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और फलों की गुणवत्ता सुधरती है.
अगर बोरोन का उपयोग पहले नहीं किया गया हो, तो 0.2 फीसदी बोरेक्स घोल का छिड़काव 10 दिन के अंतराल पर 2–3 बार करने से पौधों को जरूरी पोषण मिलता है और फल फटने की समस्या कम होती है.
ज्यादा या असंतुलित सिंचाई से मिट्टी की नमी में अचानक बदलाव आता है, जिससे फल पर दबाव पड़ता है. इसलिए नियमित अंतराल पर हल्की और जरूरत अनुसार सिंचाई करना ही सबसे बेहतर उपाय है.