खेती में बड़ा बदलाव लाएंगी गूगल समेत कई कंपनियां, 28 जिलों के 10 लाख किसानों की चमकेगी किस्मत
UP AGREES Project: खेती में तेजी से तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने वाला है और इससे उपज उत्पादन और कमाई बढ़ाने में मदद मिलेगी. यूपी-एग्रीज परियोजना के तहत 28 जिलों में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने गूगल समेत कई कंपनियों के साथ करार किया है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने कृषि उत्पादन बढ़ाने, क्वालिटी बेहतर करने और किसानों की कमाई बढ़ाने के लिए ताजा प्रयासों में गूगल, आईटीसी और एक्वाब्रिज समेत अन्य कंपनियों के साथ समझौता किया है. इन कंपनियों की मदद से यूपी के बुंदेलखंड और पूर्वी यूपी के 28 जिलों में कई नई परियोजनाओं लागू की जाएंगी, जिनका उद्देश्य खेती को लाभकारी बनाना है. इसमें मिट्टी के स्वास्थ्य और पर्यावरण, मौसम आदि भी शामिल किए गए हैं.
उत्तर प्रदेश में किसानों की उत्पादकता और आमदनी में बढ़ाने के लिये गूगल तथा आईटीसी समेत प्रमुख कंपनियों के साथ करारनामों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये. राज्य सरकार के आधिकारिक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में गूगल एवं ग्लोबल एंड नेटवर्क फॉर ह्यूमैनिटी, आईटीसी और एक्वाब्रिज के साथ विश्व बैंक की मदद से उत्तर प्रदेश एग्रीकल्चर ग्रोथ एंड रूरल एंटरप्राइज इकोसिस्टम स्ट्रेंथनिंग (यूपी-एग्रीज) परियोजना के तहत यूपीडीएएसपी (उत्तर प्रदेश विविधीकृत कृषि सहायता परियोजना) के साथ ये एमओयू किये गये हैं.
कृषि उत्पादन और किसान की कमाई बढ़ाने पर फोकस
आधिकारिक बयान में कहा गया है कि इन एमओयू का लक्ष्य सिर्फ कृषि उत्पादन बढ़ाना नहीं बल्कि किसान की कमाई, खेती की जलवायु अनुकूलन क्षमता को मूल्यवर्द्धन तथा ग्रामीण उद्यमिता को एक साथ मजबूत करना भी है. उन्होंने बताया कि ये एमओयू पूर्वी उत्तर प्रदेश के 21 तथा बुंदेलखंड के 7 जिलों में कृषि उत्पादकता व अन्नदाताओं की कमाई बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएंगे.
4 हजार करोड़ की परियोजना 28 जिलों में लागू की जा रही
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपीएग्रीज प्रधानमंत्री मोदी और विश्व बैंक के अध्यक्ष के दृष्टिकोण के अनुरूप उत्तर प्रदेश में कार्य करते दिख रहा है और ये एमओयू उसी कड़ी को मजबूत तरीके से बढ़ाने के लिए किए गए हैं. उन्होंने कहा कि लगभग 4,000 करोड़ रुपये की विश्व बैंक समर्थित इस परियोजना का केंद्र पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड पर है, जहां बदलाव की जरूरत के साथ-साथ व्यापक संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों को पिछड़ेपन का पर्याय मानकर दशकों तक उपेक्षित छोड़ दिया गया था, आज वही क्षेत्र सरकार की प्राथमिकता व प्रदेश की उत्पादकता का आधार भी बन रहा है.
10 लाख लाभार्थियों में 3 लाख महिलाएं और मछली पालक भी शामिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पूर्वी उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड के 28 जिलों के 123 विकास खंडों में इस परियोजना को लागू कर रहे हैं. इसका लक्ष्य लगभग छह लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती, मौसम, जलवायु और मिट्टी के साथ ही सिंचाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इससे 10 लाख किसानों, 35 हजार मत्स्य उत्पादक किसानों और 3 लाख महिलाओं को लाभ पहुंचाने का टारगेट है. इस दिशा में तेजी से काम किए जा रहे हैं और शुरुआती नतीजे भी उत्साहजनक मिले हैं.