अब मौसम बताएगा पहले ही खतरे का संकेत, सरकार ने लॉन्च की नई हाईटेक सेवा
नई मौसम सेवाएं किसानों के लिए काफी उपयोगी मानी जा रही हैं. सही समय पर बारिश की जानकारी मिलने से किसान फसल बोआई, खाद और सिंचाई की बेहतर योजना बना सकेंगे. अगर किसी इलाके में भारी बारिश या सूखे की संभावना होगी, तो किसान पहले से तैयारी कर पाएंगे.
weather forecast products: देश में मौसम की सही और समय पर जानकारी देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में दो नए मौसम पूर्वानुमान उत्पाद लॉन्च किए. इनमें देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए ‘मानसून एडवांस फोरकास्ट’ और उत्तर प्रदेश के लिए हाई-रेजोल्यूशन रेनफॉल फोरकास्ट पायलट सेवा शामिल है.
सरकार का कहना है कि इन नई सेवाओं से मौसम की भविष्यवाणी पहले से ज्यादा सटीक होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा किसानों, आपदा प्रबंधन एजेंसियों और आम लोगों को मिलेगा.
मानसून की जानकारी अब और ज्यादा सटीक होगी
भारत में खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर करती है. ऐसे में बारिश कब होगी, कितनी होगी और किस इलाके में ज्यादा असर पड़ेगा, इसकी सही जानकारी किसानों के लिए बेहद जरूरी होती है.
नए ‘Monsoon Advance Forecast’ के जरिए देश के अलग-अलग क्षेत्रों में मानसून की स्थिति का पहले से बेहतर अनुमान लगाया जा सकेगा. इससे किसानों को फसल बोने, सिंचाई और खेती की योजना बनाने में मदद मिलेगी.
यूपी के लिए शुरू हुई हाई-रेजोल्यूशन बारिश पूर्वानुमान सेवा
सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए हाई-रेजोल्यूशन रेनफॉल फोरकास्ट सेवा भी शुरू की है. फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया गया है. इस तकनीक के जरिए छोटे क्षेत्रों तक बारिश की ज्यादा सटीक जानकारी दी जा सकेगी. इससे अचानक होने वाली भारी बारिश, बाढ़ या आंधी-तूफान जैसी घटनाओं के बारे में पहले से चेतावनी देना आसान होगा.
किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?
नई मौसम सेवाएं किसानों के लिए काफी उपयोगी मानी जा रही हैं. सही समय पर बारिश की जानकारी मिलने से किसान फसल बोआई, खाद और सिंचाई की बेहतर योजना बना सकेंगे. अगर किसी इलाके में भारी बारिश या सूखे की संभावना होगी, तो किसान पहले से तैयारी कर पाएंगे. इससे फसल नुकसान कम करने में मदद मिल सकती है. सरकार का मानना है कि मौसम पूर्वानुमान जितना मजबूत होगा, खेती उतनी सुरक्षित और बेहतर बन सकेगी.
आपदा प्रबंधन में भी मिलेगी मदद
देश में हर साल बाढ़, भारी बारिश, चक्रवात और आंधी-तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाएं बड़ी चुनौती बनती हैं. ऐसे में समय रहते सटीक मौसम चेतावनी मिलना बेहद जरूरी होता है. नई तकनीक और बेहतर पूर्वानुमान सेवाओं से प्रशासन को पहले से अलर्ट जारी करने में मदद मिलेगी. इससे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और नुकसान कम करने में आसानी होगी.
IMD की बढ़ती भूमिका पर बोले जितेंद्र सिंह
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि अब भारतीय मौसम विभाग यानी IMD लोगों और मीडिया के बीच ज्यादा चर्चा का विषय बन चुका है. उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में मौसम विभाग की भूमिका काफी मजबूत हुई है और अब यह देश के विकास और आपदा प्रबंधन में अहम भूमिका निभा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि IMD की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी इस बात को दिखाती है कि सरकार मौसम विज्ञान को कितनी प्राथमिकता दे रही है.
मिशन मौसम के तहत हो रहे कई बदलाव
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव एम. रविचंद्रनने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा पिछले साल शुरू किए गए ‘Mission Mausam’ के बाद कई नई पहलें शुरू हुई हैं. उन्होंने बताया कि मौसम संबंधी नई ऑब्जर्वेशन तकनीकों और सिस्टम को लगातार विकसित किया जा रहा है. आने वाले समय में इसके और बेहतर परिणाम देखने को मिलेंगे. सरकार का फोकस मौसम पूर्वानुमान को ज्यादा आधुनिक, तेज और भरोसेमंद बनाने पर है.
आम लोगों को भी होगा फायदा
नई मौसम सेवाओं का फायदा सिर्फ किसानों तक सीमित नहीं रहेगा. आम लोगों को भी समय पर मौसम की जानकारी मिलने से यात्रा, स्कूल, कारोबार और रोजमर्रा की जिंदगी में सुविधा मिलेगी. तेज बारिश, गर्मी, बिजली गिरने या तूफान जैसी स्थितियों में पहले से चेतावनी मिलने से लोग सुरक्षित रह सकेंगे.
तकनीक के जरिए मौसम जानकारी होगी मजबूत
सरकार लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर मौसम सेवाओं को बेहतर बनाने में जुटी हुई है. हाई-रेजोल्यूशन डेटा, आधुनिक रडार सिस्टम और सैटेलाइट तकनीक की मदद से अब मौसम की ज्यादा सटीक जानकारी देना संभव हो रहा है. आने वाले समय में भारत का मौसम पूर्वानुमान सिस्टम और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे कृषि, आपदा प्रबंधन और आम जनजीवन को बड़ा फायदा मिल सकता है.