कृषि मंत्रालय से गुजरात और सिक्किम के लिए 275 करोड़ मंजूर, योजनाएं किसानों तक पहुंचाने के निर्देश
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात, सिक्किम में कृषि विकास के लिए 275 करोड़ रुपये जारी करने का ऐलान किया है. यह राशि कृषि के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ ही फसल सुधार और किसान की आय बढ़ाने की दिशा में खर्च की जाएगी.
किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादकता में सुधार करने, आधुनिक कृषि तकनीक को बढ़ावा देने समेत कृषि विकास के लिए केंद्र सरकार ने गुजरात और सिक्किम को 275 करोड़ रुपये देने को मंजूरी दे दी है. यह राशि की मदद से खेती से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में खर्च की जाएगी. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दोनों राज्यों के अधिकारियों से कहा कि कृषि से जुड़ी योजनाओं का लाभ कागजों तक ना रहे, बल्कि किसान तक पहुंचे. इसके लिए केंद्र की राशि का इस्तेमाल पारदर्शिता और समय से खर्च किया जाए.
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और कृषोन्नति योजना की समीक्षा
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात और सिक्किम के कृषि मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और कृषोन्नति योजना (KY) की प्रगति की समीक्षा की. दोनों राज्यों में कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने, किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और स्वीकृत राशि को समय पर इस्तेमाल करने पर चर्चा हुई.
गुजरात और सिक्किम के लिए 275.52 करोड़ रुपये की मंजूरी
शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और कृषोन्नति योजना के तहत गुजरात को 224.94 करोड़ रुपये देने का निर्णय लिया. इसके साथ ही सिक्किम को 50.58 करोड़ रुपये की दूसरी मदर सैंक्शन जारी करने का निर्णय लिया गया. इस प्रकार दोनों राज्यों के लिए कुल 275.52 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी गई है. कृषि विकास के लिए केंद्रीय मदद के रूप में दोनों राज्यों के लिए राशि को मंजूरी दी गई है. यह राशि कृषि के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ ही फसल सुधार और किसान की आय बढ़ाने की दिशा में खर्च की जाएगी.
कृषि विकास पर केंद्र सरकार का फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र को अधिक मजबूत, आधुनिक और लाभकारी बनाने के लिए काम कर रही है. सरकार का उद्देश्य किसानों को बेहतर कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण इनपुट, सिंचाई, बागवानी, कृषि यंत्रीकरण, डिजिटल सेवाओं और बाजार से जुड़ी सुविधाओं का लाभ समय पर मिले. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कृषि संबंधी परियोजनाएं, सूक्ष्म सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, जैविक खेती, मृदा एवं जल संरक्षण तथा कृषि वनीकरण जैसे कार्य शामिल हैं.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गुजरात में कृषोन्नति योजना के तहत कृषि विस्तार, पोषक अनाज एवं खाद्य सुरक्षा, बीज तथा रोपण सामग्री, बागवानी विकास, डिजिटल कृषि, तिलहन मिशन, ऑयल पाम और दलहन मिशन से जुड़े कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा. इन योजनाओं से किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने, उत्पादन लागत कम करने और कृषि उत्पादों की गुणवत्ता तथा उत्पादकता बढ़ाने में सहायता मिलेगी.
योजनाओं का लाभ कागजों तक ना रहे, किसान तक पहुंचे
केंद्रीय मंत्री ने दोनों राज्यों से कहा कि केंद्र सरकार की ओर से दी जा रही राशि का इस्तेमाल पारदर्शिता और समय से किया जाए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक पात्र किसान तक पहुंचे. साथ ही, स्वीकृत परियोजनाओं की नियमित निगरानी करने और उन्हें लागू करने में आने वाली समस्याओं का शीघ्र समाधान करने पर भी जोर दिया.
राज्यों को स्थानीय जरूरतों और किसानों की प्राथमिकताओं के अनुरूप परियोजनाओं को लागू करना चाहिए ताकि योजनाओं का सीधा लाभ खेत और किसान तक पहुंच सके. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है.