प्याज मूल्य में मामूली बढ़ोत्तरी से बिफरे किसान, भाव 3000 रुपये करने की मांग पर अड़े

प्याज किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक योजना के तहत खरीद मूल्य 15.80 रुपये से बढ़ाकर 16.50 रुपये प्रति किलो कर दिया है. हालांकि महाराष्ट्र के किसान इस दर से संतुष्ट नहीं हैं और बढ़ती लागत का हवाला देते हुए 30 रुपये प्रति किलो खरीद मूल्य की मांग कर रहे हैं.

नोएडा | Updated On: 13 Jun, 2026 | 10:40 AM

Onion Procurment: महाराष्ट्र के प्याज किसानों को राहत देने के इरादे से केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक योजना के तहत खरीद मूल्य में बढ़ोतरी की है. सरकार ने 13 जून यानी शनिवार से प्याज का खरीद मूल्य 15.80 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 16.50 रुपये प्रति किलो कर दिया है. लेकिन, महाराष्ट्र के किसान इस बढ़ोतरी से संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि बढ़ती खेती लागत को देखते हुए 16.50 रुपये प्रति किलो का भाव पर्याप्त नहीं है और खरीद मूल्य कम से कम 30 रुपये प्रति किलो (3 हजार रुपये प्रति क्विंटल) होना चाहिए. ऐसे में सरकार की नई घोषणा के बावजूद किसानों और सरकार के बीच उचित मूल्य को लेकर बहस जारी है.

सरकार हर साल मूल्य स्थिरीकरण कोष (PSF) के तहत बफर स्टॉक  तैयार करती है, ताकि जरूरत पड़ने पर बाजार में हस्तक्षेप कर कीमतों को नियंत्रित किया जा सके. इस वर्ष सरकार ने 2 लाख टन प्याज खरीदने का लक्ष्य रखा है, जबकि 2025-26 में 3 लाख टन प्याज खरीदा गया था. केंद्र सरकार ने प्याज किसानों को बेहतर दाम दिलाने और खरीद व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बफर स्टॉक के तहत प्याज खरीद मूल्य बढ़ा दिया है. इस संबंध में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने 12 जून को उपभोक्ता मामलों के विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की.

आज से 16.50 रुपये किलो प्याज खरीदी

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि मंडियों में चल रही कीमतों और भंडारण योग्य प्याज की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (MAPP) को 13 जून 2026 से बढ़ाकर 1,650 रुपये प्रति क्विंटल (16.50 रुपये प्रति किलो) कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि खरीद मूल्य तय करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है, ताकि बाजार की स्थिति के अनुसार तेजी से निर्णय लिए जा सकें. इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिलेगी. इससे पहले भी केंद्र सरकार ने बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए खरीद मूल्य 12.70 रुपये प्रति किलो से बढ़ाकर 15.80 रुपये प्रति किलो किया था.

इस दिन से शुरू हुई प्याज खरीदी

मौजूदा सीजन के लिए प्याज की सरकारी खरीद 15 मई से शुरू हो चुकी है. सरकार के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 में देश में प्याज उत्पादन 307.37 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 2024-25 के 307.67 लाख टन के लगभग बराबर है. इस बीच, महाराष्ट्र के किसानों ने सरकार से न्यूनतम खरीद मूल्य  3,000 रुपये प्रति क्विंटल (30 रुपये प्रति किलो) तय करने की मांग की है. किसानों का कहना है कि नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) द्वारा दी जा रही करीब 1,580 रुपये प्रति क्विंटल की खरीद दर उनकी उम्मीदों से कम है और इससे खेती की बढ़ती लागत की भरपाई नहीं हो पा रही है. इसलिए वे प्याज का बेहतर समर्थन मूल्य देने की मांग कर रहे हैं.

प्याज के बाजार भाव कब बढ़ेंगे

महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ के नासिक जिला अध्यक्ष जयदीप भदाणे ने कहा कि सरकार ने खरीद के नियमों में कुछ राहत जरूर दी है, लेकिन इसके बावजूद किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. उनका कहना है कि असली चिंता यह है कि प्याज के बाजार भाव कब बढ़ेंगे, क्योंकि मौजूदा कीमतों पर किसानों को उनकी लागत के अनुसार उचित लाभ नहीं मिल रहा है.

Published: 13 Jun, 2026 | 09:49 AM

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