बागवानी निर्यात बढ़ाएगी सरकार, ‘फ्रूट होराइजन’ में कई बड़े ऐलान करेंगे कृषि मंत्री शिवराज सिंह!

Fruit Horizon 2026 Lucknow: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर किसानों, पौधशाला से जुड़े लोगों और प्रॉसेसिंग सेक्टर के लोगों के साथ का संवाद करेंगे. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी भाग लेंगे. इस दौरान क्वालिटी, निर्यात, वैल्यू एडिशन, जीरो रिजेक्शन, एफपीओ को लेकर बड़े ऐलान होने की संभावना है.

नोएडा | Updated On: 6 May, 2026 | 04:18 PM

केंद्र सरकार बागवानी फसलों के निर्यात पर जोर दे रही है. इसको लेकर भारत सरकार ने वियतनाम के साथ अंगूर और अनार निर्यात संबंधी एग्रीमेंट किया है. अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान लखनऊ में होने जा रहे फ्रूट होराइजन-2026 में हिस्सा लेंगे और बागवानी क्षेत्र से जुड़े किसानों, निर्यातकों के साथ मंथन करेंगे. इससे बागवानी निर्याता और उत्पादन को नई ताकत मिलेगी.

फ्रूट होराइजन से मिलेगी बागवानी क्षेत्र को नई ताकत

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान 6 और 7 मई को उत्तर प्रदेश में लखनऊ के दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह “फ्रूट होराइजन 2026” से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. यह दो दिवसीय आयोजन देश में फल उत्पादन, क्वालिटी, प्रॉसेसिंग और निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया जा रहा है. कार्यक्रम का मकसद किसानों, वैज्ञानिकों, निर्यातकों और अन्य संबंधित पक्षों को एक मंच पर लाकर फल क्षेत्र को नई दिशा देना है.

किसानों, निर्यातकों से संवाद करेंगे शिवराज

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान निर्यातकों और अन्य हितधारकों के साथ सीधा संवाद करेंगे. प्रगतिशील निर्यातकों के साथ बैठक होगी, साथ ही निर्यातकों, निदेशकों और अन्य हितधारकों के साथ भी उनकी चर्चा होगी. इस संवाद में फल निर्यात बढ़ाने, बाजार की चुनौतियों को समझने और बेहतर रणनीति बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी. इससे देश के फल कारोबार को मजबूत करने और किसानों को बेहतर अवसर दिलाने की दिशा में मदद मिलेगी.

एफपीओ, निर्यात और क्वालिटी कई बड़े ऐलान संभव

आईसीएआर के केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान रहमानखेड़ा में 7 मई को मुख्य कार्यक्रम होगा. इसमें किसानों, पौधशाला से जुड़े लोगों और प्रॉसेसिंग सेक्टर के लोगों के साथ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह का संवाद करेंगे. कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी भाग लेंगे. इस दौरान क्वालिटी, निर्यात, वैल्यू एडिशन, जीरो रिजेक्शन, एफपीओ, एफपीसी और एसएचजी की भूमिका जैसे विषय भी शामिल हैं. इन सभी योजनाओं को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री बड़े ऐलान भी कर सकते हैं.

बागवानी उत्पादन में भारी उछाल

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अनुसार पिछले एक दशक में बागवानी उत्पादन (Horticulture Production) में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2013-14 में रहे 2773.5 लाख टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 3707.4 लाख टन हो गया है. इसमें फलों का उत्पादन 1176.5 लाख टन रहा है. जबकि, सब्जियों का उत्पादन 2178.0 लाख टन दर्ज किया गया है.

92 हजार करोड़ का बागवानी उत्पाद निर्यात

भारत ने 2024-25 में 92,532 करोड़ रुपये के बागवानी उत्पादों का निर्यात किया, जिसमें सबसे ज्यादा 38 फीसदी मसालों का निर्यात किया गया है. बागान फसलें 29.4 फीसदी और प्रसंस्कृत उत्पाद 13.9 फीसदी रहे. बता दें कि आम, अंगूर, केला और प्याज जैसे उत्पादों का निर्यात चीन, अमेरिका, और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित 100 से अधिक देशों में किया जाता है.

Published: 6 May, 2026 | 04:15 PM

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