सूखा की स्थिति में नुकसान से बचाएगा फसल बीमा, 48 रुपये के प्रीमियम पर मिलेगा 60 हजार मुआवजा

PM Fasal Bima Yojana: कृषि विभाग के अनुसार पीएम फसल बीमा योजना के तहत फसल का बीमा कराने के लिए एक कनाल भूमि पर उगाई गई फसल के लिए 48 रुपये का प्रीमियम किसान को चुकाना होगा. राज्य सरकार ने सभी किसानों से बीमा कराने की अपील की है.

नोएडा | Updated On: 3 Jul, 2026 | 05:32 PM

अल नीनो के असर से मॉनसून कमजोर बना हुआ है. जून में सामान्य से 40 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. सूखे की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकारों ने किसानों को सोच-संभलकर फसलों की बुवाई करने की सलाह दी है. ऐसे में अगर किसान नुकसान से बचना चाहते हैं तो उन्हें फसल का बीमा जरूर कराना चाहिए. हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों को 31 जुलाई तक अपनी फसलों का बीमा कराने की सलाह दी है.

हिमाचल सरकार ने फसल बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की

हिमाचल प्रदेश सरकार ने किसानों से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान पर फसल बीमा का लाभ लेने के लिए 31 जुलाई तक खरीफ मौसम की मक्का और धान की फसल का बीमा कराने की अपील की है. आधिकारिक बयान में कहा गया कि सूखा, बाढ़, जलभराव और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए शुरू की गई प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ मौजूदा खरीफ मौसम में भी लिया जा सकता है.

तहसील अधिकारियों को बीमा प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

कृषि विभाग के उपनिदेशक डीडी. शर्मा ने मीडिया से कहा कि पीएम फसल बीमा योजना के तहत किसान मक्का और धान की फसलों का भी बीमा करा सकते हैं. उन्होंने कहा कि इन फसलों के बीमा की अंतिम तिथि 31 जुलाई तय की गई है. उन्होंने बताया कि हमीरपुर जिले में मक्का फसल बीमा के लिए सभी तहसीलों और उप-तहसीलों को निर्देशित किया गया है. जबकि, धान की फसल के बीमा के लिए हमीरपुर, नादौन तथा भोरंज तहसीलों में कराने के निर्देश दिए गए हैं.

48 रुपये प्रीमियम भरकर 60 हजार रुपये मुआवजा पा सकेंगे

हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग के अनुसार पीएम फसल बीमा योजना के तहत फसल का बीमा कराने के लिए एक कनाल भूमि पर उगाई गई फसल के लिए 48 रुपये का प्रीमियम किसान को चुकाना होगा. अगर फसल को नुकसान पहुंचता है तो उसे अधिकतम 60 हजार रुपये तक की भरपाई की जाएगी. भरपाई रकम नुकसान आकलन के हिसाब से कम ज्यादा हो सकती है. मक्का और धान की फसल के लिए बीमा प्रीमियम 1,200 रुपये प्रति हेक्टेयर या 48 रुपये प्रति कनाल तय किया गया है.

फसल बीमा कहां करा सकते हैं किसान

फसल बीमा कराने के लिए किसान अपनी फोटो पहचान पत्र, आधार कार्ड और भूमि संबंधी दस्तावेज जमा कर नजदीकी लोक मित्र केंद्र, बैंक या ऑनलाइन माध्यम से फसल का बीमा करा सकते हैं. बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान से ऋण लेने वाले किसानों का बीमा संबंधित वित्तीय संस्थान खुद करेंगे. यदि कोई ऋणी किसान इस योजना का लाभ नहीं लेना चाहता है, तो वह संबंधित बैंक शाखा को इसकी जानकारी दे.

Published: 3 Jul, 2026 | 05:31 PM

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