भीषण गर्मी में भी अंडा हुआ महंगा, कीमत में भारी बढ़ोतरी.. अब 6.67 रुपये पीस रेट
असम में ईंधन और परिवहन लागत बढ़ने से अंडों की कीमतों में फिर उछाल आया है. 30 अंडों की ट्रे 180 रुपये से बढ़कर 200 रुपये हो गई है राज्य अपनी जरूरत का केवल 10 प्रतिशत अंडे ही पैदा कर पाता है, इसलिए पंजाब, आंध्र प्रदेश और हैदराबाद से बड़े पैमाने पर सप्लाई मंगाई जा रही है.
Egg Price Hike: ईंधन और कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब असम में अंडों के दाम भी बढ़ गए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है. खासकर राजधानी गोवाहाटी में बाहर से आने वाले अंडों की कीमतों में पिछले एक हफ्ते में बड़ा उछाल देखने को मिला है. 30 अंडों की एक पेटी की कीमत करीब 50 रुपये तक बढ़ गई है. व्यापारियों के मुताबिक, बाहर से मंगाए जाने वाले 30 अंडों की एक ट्रे अब 200 रुपये में बिक रही है, जबकि एक हफ्ते पहले इसकी कीमत 180 रुपये थी. यानी अभी एक अंडा का रेट 6.67 रुपये है. वहीं, सात ट्रे वाले एक कार्टन की कीमत भी 1,250 रुपये से बढ़कर 1,300 रुपये हो गई है.
हालांकि, राज्य अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए दूसरे राज्य से अंडा सप्लाई मंगा रहा है. पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, असम में सालाना करीब 62 करोड़ अंडों का उत्पादन होता है, जबकि राज्य की जरूरत लगभग 560 करोड़ अंडों की है. यानी राज्य अपनी कुल जरूरत का सिर्फ 10 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा अंडे ही खुद पैदा कर पाता है.
कीमत में 40 से 50 रुपये की बढ़ोतरी
हर दिन असम में करीब 1.53 करोड़ अंडों की मांग रहती है, लेकिन स्थानीय स्तर पर केवल लगभग 17 लाख अंडों का ही उत्पादन हो पाता है. इसी कमी के कारण राज्य को बड़े पैमाने पर दूसरे राज्यों से अंडे मंगाने पड़ते हैं, जिसका असर कीमतों पर पड़ रहा है. राजधानी गोवाहाटी के नालापारा इलाके में अंडों के थोक व्यापारी राशिदुल काजी ने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ को बताया कि पिछले साल की तुलना में इस समय अंडों की एक पेटी की कीमत 40 से 50 रुपये ज्यादा हो गई है. उन्होंने कहा कि बढ़ती परिवहन लागत का सीधा असर अंडों के दाम पर पड़ रहा है.
अंडों का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है
पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग के एक वरिष्ठ शोध अधिकारी ने कहा कि फिलहाल राज्य अपनी अंडों की जरूरत पूरी करने के लिए पंजाब, आंध्र प्रदेश और हैदराबाद से सप्लाई मंगाता है. हालांकि, राज्य में स्थानीय स्तर पर अंडों का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि अभी उत्पादन कुल मांग से कम है, लेकिन पिछले वित्तीय वर्षों की तुलना में इसमें सुधार हुआ है. इसका बड़ा कारण यह है कि सरकारी योजनाओं के तहत पढ़े-लिखे युवा अब पशुपालन और पोल्ट्री व्यवसाय की ओर बढ़ रहे हैं.
अंडा उत्पादन 2023-24 के मुकाबले ज्यादा रहेगा
अधिकारी के मुताबिक, वर्ष 2024-25 के आधिकारिक आंकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं, लेकिन उम्मीद है कि अंडा उत्पादन 2023-24 के मुकाबले ज्यादा रहेगा. पिछले साल दिसंबर में अंडों की कीमतों में भी तेज बढ़ोतरी हुई थी. उस समय एक ट्रे अंडों की कीमत 230 से 250 रुपये तक पहुंच गई थी, जिसकी मुख्य वजह उत्पादन में मौसमी कमी थी. हालांकि बाद में कीमतें सामान्य हो गई थीं, लेकिन अब फिर से दाम बढ़ने लगे हैं.
हर दिन लगभग 20 लाख अंडों की जरूरत
अधिकारी ने बताया कि करीब 13 लाख आबादी वाले गुवाहाटी शहर में हर दिन लगभग 20 लाख अंडों की जरूरत होती है. शहर में तीन बड़े अंडा गोदाम हैं, जहां बाहर से आने वाले अंडों को पहले स्टोर किया जाता है और फिर बाजारों में सप्लाई की जाती है. उन्होंने कहा कि हर दिन सड़क मार्ग से लगभग 20 से 25 लाख अंडे गुवाहाटी पहुंचते हैं.