IFFCO ने बनाया रिकॉर्ड, कमाया 4106 करोड़ रुपये का मुनाफा.. 90.62 लाख टन उर्वरक उत्पादन

इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में इफको सहकारिता, नवाचार और किसानों की उन्नति के साझा संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि इफको की हर उपलब्धि सिर्फ व्यावसायिक सफलता नहीं, बल्कि किसानों की बेहतर सेवा का कदम है.

नोएडा | Published: 1 Apr, 2026 | 09:18 PM

दुनिया की प्रमुख सहकारी उर्वरक संस्था इफको ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने शानदार वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन की घोषणा की है. इस दौरान इफको ने 4,106 करोड़ रुपये से अधिक का अब तक का सर्वाधिक अनुमानित कर-पूर्व लाभ (Profit Before Tax) हासिल कर एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया. साथ ही पारंपरिक और नैनो उर्वरकों के उत्पादन और बिक्री में भी महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई. इफको अपने मूल मंत्र ‘सहकार से समृद्धि’ के तहत नवाचार, सतत विकास और किसानों की सेवा के जरिए भारत के कृषि तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में सक्रिय है. इफको के मुताबिक, यह अभूतपूर्व लाभ न केवल वित्तीय मजबूती और परिचालन उत्कृष्टता को दिखाता है, बल्कि किसानों के कल्याण और ग्रामीण विकास में निरंतर निवेश की उसकी प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है. वित्त वर्ष 2025-26 में इफको ने कुल 90.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का उत्पादन किया, जो उसकी उच्च परिचालन क्षमता और कुशल प्रबंधन को दर्शाता है.

किस खाद का कितना रहा उत्पादन

इस मजबूत उत्पादन आधार ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद किसानों को उर्वरकों की निरंतर और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद की. साथ ही वित्त वर्ष 2025- 26 में इफको ने कुल 119.68 लाख मीट्रिक टन उर्वरक देशभर में वितरित किए, जो उसकी सुदृढ़ वितरण प्रणाली और बढ़ती मांग को दर्शाता है.

खाद वितरण के आंकड़े

नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर

इफको नैनो उर्वरक, बायो-स्टिमुलेंट और उन्नत कृषि तकनीकों के जरिए भारतीय कृषि में बदलाव ला रहा है. इसके प्रयास आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य से जुड़े हैं, जिससे आयात पर निर्भरता कम होती है और फसल उत्पादकता व मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है.

मुख्य प्रयास

किसानों और मृदा स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता

क्या बोले दिलीप संघाणी

वहीं, इफको के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 में इफको सहकारिता, नवाचार और किसानों की उन्नति के साझा संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि इफको की हर उपलब्धि सिर्फ व्यावसायिक सफलता नहीं, बल्कि किसानों की बेहतर सेवा का कदम है. उन्होंने किसानों से नैनो उर्वरकों को अपनाने और सहकारिता की शक्ति का लाभ उठाने का आग्रह किया. दिलीप संघाणी ने कर्मचारियों और अधिकारियों से भी कहा कि वे उत्साह और उद्देश्य के साथ निरंतर उत्कृष्टता की ओर बढ़ें और ‘सहकार से समृद्धि’ के मूल्यों और विज्ञान की शक्ति के साथ प्रत्येक किसान और सहकारी संस्था के लिए उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित करें.

केजे पटेल ने दी उपलब्धियों के लिए बधाई

इफको के प्रबंध निदेशक केजे पटेल ने वित्त वर्ष 2025-26 में पारंपरिक और नैनो उर्वरकों के उत्पादन और बिक्री में हुई उपलब्धियों के लिए सभी को बधाई दी. उन्होंने कहा कि संयुक्त उपक्रमों और सहयोगी संस्थाओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन सामूहिक प्रतिबद्धता और उत्कृष्टता की निरंतर खोज को दर्शाता है. इफको अब एग्री 2.0 की ओर बढ़ रहा है, नवाचार को बढ़ावा दे रहा है, वैश्विक सहयोग मजबूत कर रहा है और भारत की कृषि मूल्य श्रृंखला को और सशक्त बनाने पर काम कर रहा है. सहकारिता, स्थिरता और किसान-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ इफको आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध कृषि व्यवस्था के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने को तैयार है.

Topics: