ब्लैक थ्रिप्स से आम की फसल प्रभावित.. उत्पादन कम होने से कीमतों में बढ़ोतरी, 23000 रुपये क्विंटल रेट

आंध्र प्रदेश में इस साल आम की फसल घटने से कीमतें बढ़ गई हैं. ब्लैक थ्रिप्स कीट और बारिश ने कई जिलों में उत्पादन 50 फीसदी तक घटाया है. रेड्डीगुडेम में प्रीमियम बंगनपल्ली आम 2.30 लाख रुपये प्रति टन बिके. सीजन की शुरुआत में 200 टन आम निर्यात किए गए, लेकिन आवक कम और देर से हुई.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 31 Mar, 2026 | 07:01 PM

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में इस साल आम के शौकीनों को महंगे आम खाने पड़ सकते हैं. जलवायु में बदलाव और कीटों के हमले के कारण आम का उत्पादन काफी घट गया है, जिससे बाजार में सप्लाई कम हो गई है और कीमतें बढ़ने लगी हैं. कृष्णा, एनटीआर, एलुरु, चित्तूर, कुरनूल, वाईएसआर कडप्पा और अनंतपुर जैसे प्रमुख जिलों में किसानों का कहना है कि शुरुआत में बौर अच्छा आया था, लेकिन बाद में मौसम और ब्लैक थ्रिप्स कीट के कारण फल बनना प्रभावित हुआ. ऐसे में उत्पादन कम होने से कीमतों में बढ़ोतरी शुरू हो गई है. अभी प्रीमियम क्वालिटी के बंगनपल्ली आम की कीमत 23,000 रुपये क्विंटल पहुंच गई है.

अधिकारियों के अनुसार, रायलसीमा क्षेत्र में शुरुआत में स्थिति अच्छी थी, लेकिन अब फल विकास को लेकर चिंता बढ़ गई है, जबकि तटीय इलाकों में फसल को नुकसान हुआ है. अनुमान है कि इस साल केवल 60-70 प्रतिशत ही उत्पादन हो पाएगा, जिससे आम की कीमतों में तेज बढ़ोतरी  देखने को मिल सकती है. हालांकि, कीमतों में बढ़ोतरी होने से किसानों की अच्छी कमाई हो रही है, लेकिन उपभोक्ता की जेब पर असर पड़ रहा है.

आम की कीमतों में बढ़ोतरी

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एनटीआर जिले के रेड्डीगुडेम में प्रीमियम क्वालिटी  बंगनपल्ली आम की कीमतें काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं. रिपोर्ट के अनुसार, इस किस्म के आम की कीमत करीब 2.30 लाख रुपये प्रति टन तक रही. यानी 23,000 रुपये क्विंटल यह आम बिका. जबकि दूसरी श्रेणी के आम करीब 1.75 लाख रुपये प्रति टन बिके. सीजन की शुरुआत में ही करीब 200 टन आम इन ऊंची कीमतों पर निर्यात किए गए हैं, जिससे बाजार में मजबूत मांग का संकेत मिलता है.

फसल को 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ

एनटीआर जिले में आम की आवक इस बार काफी कम हो गई है. नुन्ना मैंगो ग्रोअर्स एसोसिएशन के सचिव आई. श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि जहां पिछले साल इस समय तक सैकड़ों टन आम बाजार में आ जाते थे, वहीं इस बार सिर्फ करीब 20 टन ही पहुंचे हैं, वो भी करीब 20 दिन की देरी से. जिले के बागवानी अधिकारी पी. बालाजी कुमार ने कहा कि ब्लैक थ्रिप्स कीट और हाल की बारिश के कारण आम की फसल को 50 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से यह समस्या गंभीर बनी हुई है और किसान भारी नुकसान झेल रहे हैं. जिले में करीब 23,000 हेक्टेयर में आम की खेती होती है.

ईरान-इजरायल जंग से आम निर्यात प्रभावित

बता दें कि आंध्र प्रदेश देश के प्रमुख आम उत्पादक राज्यों में शामिल है. साल 2022-23 में यहां करीब 3.98 लाख हेक्टेयर (लगभग 9.85 लाख एकड़) में आम की खेती की गई थी. राज्य राष्ट्रीय उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान देता है और अक्सर टॉप राज्यों में शामिल रहता है. प्रमुख किस्मों में बंगनपल्ली, तोतापुरी और चिनारासालू शामिल हैं. यहां से आम का निर्यात विदेशों में होता है. लेकिन इस साल ईरान-इजरायल जंग के चलते आम निर्यात प्रभावित हुआ है.

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Published: 31 Mar, 2026 | 06:18 PM
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