आयात किए जाने वाले खाद्य तेलों के भाव में गिरावट, सरसों तेल का भाव 75 रुपये चढ़ा
Edible oils Prices: घरेलू आयातक पैसे की दिक्कतों के चलते बाजार में जल्दी से जल्दी अपना माल खपाने और बैंकों में कर्ज का चक्र बनाये रखने के लिए आयातित तेलों जैसे सोयाबीन और पाम-पामोलीन तेल को पिछले काफी समय से लागत से नीचे दाम पर बेच रहे हैं, जो बीते सप्ताह विशेषकर सोयाबीन तेल एवं पाम-पामोलीन तेल में आई गिरावट की वजह बना है.
घरेलू खपत पूरी करने के लिए विदेशों से आयात किए जाने वाले खाद्य तेलों के भाव में गिरावट दर्ज की गई है. वहीं, सरसों तेल का भाव 75 रुपये चढ़ गया है. लागत से नीचे दाम पर की जाने वाली बिकवाली की वजह से बीते सप्ताह देश के तेल-तिलहन बाजारों में आयातित तेलों के दाम गिरावट के साथ बंद हुए. वहीं, आगामी त्योहारी सीजन की मांग की सुगबुगाहट के कारण सरसों के साथ मूंगफली तेल तिलहन और बिनौला तेल के दाम में मामूली सुधार दर्ज किया गया है.
ट्रेडर्स के माल खपाने की टेंडेंसी से लुढ़के भाव
बाजार सूत्रों ने कहा कि घरेलू आयातक पैसे की दिक्कतों के कारण बाजार में जल्दी से जल्दी अपना माल खपाने और बैंकों में कर्ज का चक्र बनाये रखने के लिए आयातित तेलों जैसे सोयाबीन और पाम-पामोलीन तेल को पिछले काफी समय से लागत से नीचे दाम पर बेच रहे हैं जो बीते सप्ताह विशेषकर सोयाबीन तेल एवं पाम-पामोलीन तेल में आई गिरावट का मुख्य कारण है.
बाजार सूत्रों के हवाले से पीटीआई की रिपोर्ट में कहा गया है कि जनमाष्टमी, रक्षा बंधन जैसे त्योहारों के लिए मिठाई और नमकीन बनाने वाली कंपनियों की भी निरंतर मांग बढ़ रही है. इस वजह से सरसों एवं मूंगफली तेल-तिलहन तथा नगण्य उपलब्धता के बीच बीते सप्ताह औद्योगिक मांग बढ़ने से बिनौला तेल में सुधार आया.
सोयाबीन तेल-तिलहन में गिरावट
सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन प्लांट वाले सोयाबीन का खरीद दाम घटा रहे हैं क्योंकि वे किसानों से सस्ते में सोयाबीन की खरीद की कोशिशों में लगे रहते हैं. उनके दाम घटाने से बाजार में किसान अपनी आवक घटा देते हैं क्योंकि उन्हें पहले बेहतर दाम मिल चुके हैं और अब वे सस्ते में बिकवाली करने से बचते हैं. प्लांट वालों द्वारा खरीद दाम कमजोर रखने से भी सोयाबीन तेल-तिलहन में गिरावट आई. बीते सप्ताह कमोबेश पाम-पामोलीन का भी यही हाल दिखा जिसे आयातक लागत से नीचे दाम पर बेचते नजर आये.
सरसों कच्ची घानी तेल 2855 रुपये प्रति टिन
सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाना 75 रुपये के सुधार के साथ 8,150-8,175 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ. सरसों तेल दादरी 75 रुपये के मामूली सुधार के साथ 16,625 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ. दूसरी ओर सरसों पक्की 2,705-2,805 रुपये और और कच्ची घानी तेल 2,705-2,855 रुपये टिन (15 किलो) पर स्थिर बंद हुए.
सोयाबीन के भाव में गिरावट रही
सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 100-75 रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 7,450-7,500 रुपये और 7,325-7,400 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ. दिल्ली में सोयाबीन तेल 75 रुपये की गिरावट के साथ 15,750 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन इंदौर तेल 75 रुपये की गिरावट के साथ 15,600 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल 100 रुपये की गिरावट के साथ 12,250 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ.
मूंगफली तेल का रेट सुधरा
औद्योगिक मांग बढ़ने के बीच बीते सप्ताह मूंगफली तिलहन का दाम 25 रुपये के सुधार के साथ 7,375-7,950 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 100 रुपये के सुधार के साथ 17,100 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 15 रुपये के सुधार के साथ 2,680-2,980 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ.
विदेश से आयातित पामोलिन लुढ़का
समीक्षाधीन सप्ताह में क्रूड पाम ऑयल यानी सीपीओ तेल का दाम 50 रुपये की गिरावट के साथ 13,800 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ. पामोलीन दिल्ली 125 रुपये की गिरावट के साथ 15,700 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल 125 रुपये की गिरावट के साथ 14,500 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ. औद्योगिक मांग बढ़ने के बीच बिनौला तेल का दाम 250 रुपये के सुधार के साथ 16,750 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ.