मछुआरों के सामने बड़ा संकट, डीजल की कमी से ठप पड़ने लगा समुद्री कारोबार… सरकार से मांगी मदद

मछुआरा समुदाय के लिए यह समय बेहद अहम माना जाता है क्योंकि एक जुलाई से समुद्र में मछली पकड़ने पर दो महीने का प्रतिबंध लगने वाला है. हर साल समुद्री जीवों के संरक्षण और प्रजनन को ध्यान में रखते हुए यह रोक लगाई जाती है. ऐसे में मछुआरों के पास कमाई के लिए केवल डेढ़ महीने का समय बचा है.

नई दिल्ली | Published: 16 May, 2026 | 12:23 PM

Kerala fishing industry: केरल में समुद्री डीजल की भारी कमी ने मछली पकड़ने के कारोबार को मुश्किल में डाल दिया है. हालात ऐसे बन गए हैं कि कई मछली पकड़ने वाली नावें ईंधन नहीं मिलने के कारण समुद्र में उतर ही नहीं पा रहीं. इससे हजारों मछुआरों और उनके परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट गहराने लगा है.

मछली कारोबार से जुड़े संगठनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है. उनका कहना है कि समुद्री ईंधन केंद्रों पर डीजल की आपूर्ति बढ़ाई जाए, ताकि मछुआरे बिना रुकावट अपने काम पर लौट सकें.

बिजनेस लाइन की खबर के अनुसार, केरल फिशिंग बोट्स एंड फिशरी इंडस्ट्रीज फेडरेशन ने बताया कि समुद्री इलाकों में बने डीजल पंपों पर पिछले कुछ समय से भारी कमी बनी हुई है. इसका सीधा असर मछली पकड़ने वाले कारोबार पर पड़ रहा है. कई नावों को समुद्र में जाने के बजाय किनारे खड़ा रखना पड़ रहा है.

अच्छे मौसम के बावजूद नहीं जा पा रहे समुद्र में

मछुआरों का कहना है कि इस समय मौसम पूरी तरह अनुकूल है और समुद्र में मछली पकड़ने के लिए अच्छा समय चल रहा है. लेकिन अचानक पैदा हुए डीजल संकट ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सामान्य तौर पर इस मौसम में बड़ी संख्या में नावें समुद्र में उतरती हैं, लेकिन ईंधन की कमी के कारण कई नावें बंद पड़ी हैं. इससे मछुआरों की कमाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है.

जुलाई से शुरू होगा दो महीने का प्रतिबंध

मछुआरा समुदाय के लिए यह समय बेहद अहम माना जाता है क्योंकि एक जुलाई से समुद्र में मछली पकड़ने पर दो महीने का प्रतिबंध लगने वाला है. हर साल समुद्री जीवों के संरक्षण और प्रजनन को ध्यान में रखते हुए यह रोक लगाई जाती है. ऐसे में मछुआरों के पास कमाई के लिए केवल डेढ़ महीने का समय बचा है. इसी दौरान अगर डीजल की कमी बनी रहती है तो हजारों परिवारों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है.

संगठनों ने जताई गंभीर चिंता

फेडरेशन के महासचिव जोसेफ जेवियर कलापुरक्कल ने कहा कि अगर जल्द डीजल आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो मछुआरों के परिवारों के सामने भुखमरी जैसी स्थिति पैदा हो सकती है. उन्होंने सरकार और तेल कंपनियों से अपील की है कि समुद्री डीजल की पूरी आपूर्ति तुरंत बहाल की जाए. उनका कहना है कि मछली कारोबार पर लाखों लोगों की आजीविका निर्भर करती है और ईंधन संकट से पूरा तटीय अर्थतंत्र प्रभावित हो सकता है.

बाजार और रोजगार पर भी असर

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नावें समुद्र में नहीं जाएंगी तो बाजार में मछली की आपूर्ति घट सकती है. इससे कीमतों में बढ़ोतरी भी देखने को मिल सकती है. इसके अलावा मछली पकड़ने के काम से जुड़े मजदूर, ट्रांसपोर्ट, बर्फ फैक्टरी और छोटे व्यापारियों पर भी असर पड़ने की आशंका है. केरल में बड़ी आबादी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से मछली कारोबार पर निर्भर करती है.

मछुआरों का कहना है कि सरकार को जल्द समाधान निकालना चाहिए ताकि समुद्र में मछली पकड़ने का काम फिर से सामान्य हो सके और लोगों की आजीविका सुरक्षित रह सके.

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