केरल में बाढ़ से खेती को नुकसान, 10 हजार मुआवजा मिलेगा.. नया आपदा अलर्ट सिस्टम लाएगी सरकार
Kerala Floods Damage Crops: केरल में भारी बारिश से केला, पपीता समेत अन्य फसलों को को भारी नुकसान हुआ है. राज्य में मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई है. क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति और भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
केरल में अचानक मौसम बदलावों का असर खेती पर नुकसान के रूप में दिखने लगा है. पहले सूखा स्थिति के चलते किसान फसलों की समय पर बुवाई नहीं कर सके हैं और अब बीते एक सप्ताह से लगातार बारिश के चलते फसलें पानी में डूब गई हैं. राज्य के अलग-अलग जिलों में 3596 किसानों की फसलें पूरी तरह से चौपट हो गई हैं. बाढ़ पीड़ितों को त्वरित 10 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया गया है. केरल के मुख्यमंत्री ने कहा है कि अचानक मौसम बदलावों से बचाव के लिए उनकी सरकार असरदार आपदा प्रबंधन और मजबूत अलर्ट सिस्टम लाने पर विचार कर रही है.
केरल के मुख्यमंत्री वीडी. सतीसन ने आज मंगलवार को पथानामथिट्टा जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया. यहां उन्होंने प्रभावित किसानों और ग्रामीणों से मुलाकात की और फसल नुकसान के साथ ही घरों के क्षतिग्रस्त होने की हकीकत देखी. उन्होंने कहा कि नुकसान की भरपाई सरकार करेगी. वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में रेड अलर्ट जारी किया.
नया आपदा प्रबंधन और अलर्ट सिस्टम का पायलट प्रोजेक्ट लगेगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अचानक होने वाले मौसम के बदलावों का पता लगाने के लिए एक असरदार आपदा प्रबंधन और मज़बूत सिस्टम लाने पर विचार कर रही है. उन्होंने कहा कि इस सिस्टम को बनाने के लिए विशेषज्ञों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद ली जाएगी, जो पहले से चेतावनी देने वाले सिस्टम के तौर पर काम करेगा. उन्होंने कहा कि इस सिस्टम को पथानामथिट्टा जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि सरकार केरलम में भारत के सबसे एडवांस्ड डिजास्टर रेजिलिएंस सिस्टम में से एक बनाएगी.
बाढ़ से बेघर हुए 6400 से ज्यादा लोग
मुख्यमंत्री ने जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए रन्नी, अरनमुला और थिरुवल्ला समेत बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा किया. उन्होंने राहत कैंपों का भी मुआयना किया, जरूरी सुविधाओं की मौजूदगी देखी और बेघर हुए परिवारों से बातचीत की और चल रहे डिज़ास्टर मैनेजमेंट ऑपरेशन पर नजर रखी. उन्होंने कहा कि अभी पूरे जिले में 133 रिलीफ कैंप चल रहे हैं, जिनमें बाढ़ से बेघर हुए 6,400 से ज्यादा लोग रह रहे हैं. उन्होंने बताया कि कैंप थिरुवल्ला इलाके में बनाए गए हैं, जहां बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह से उतरा नहीं है.
3596 किसानों की केला, पपीता फसल चौपट
केरल में भारी बारिश और फसल नुकसान हुआ है और मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने बड़े स्तर पर तबाही मचाई है. क्लाउडबर्स्ट जैसी स्थिति और भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. शुरुआती सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में लगभग 165 हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसलों को गंभीर नुकसान हुआ है. इस प्राकृतिक आपदा से सीधे तौर पर 3,596 किसान प्रभावित हुए हैं. बाढ़, बारिश और तेज हवा चलने से केला, पपीता और चाय समेत अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.
बाढ़ प्रभावितों को 10 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जिला प्रशासन को पूरी अथॉरिटी दी है, जिसमें राहत और पुनर्वास के लिए जरूरी खर्च करने की पावर भी शामिल है. उन्होंने अधिकारियों को कैंप में रहने वालों के लिए साफ खाना, पीने का पानी, हेल्थकेयर सर्विस की बिना रुकावट सप्लाई पक्का करने का निर्देश दिया. तुरंत फाइनेंशियल मदद का ऐलान करते हुए सतीशन ने कहा कि बाढ़ के पानी से प्रभावित हर घर को 10,000 रुपये दिए जाएंगे, ताकि परिवारों को इस आपदा के तुरंत बाद के हालात से निपटने में मदद मिल सके.
नदियों, नहरों की गाद हटाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि अचानक तेज बारिश होने और नदियों, नहरों में गाद जमा होने से उनकी पानी ले जाने की क्षमता काफी कम हो गई है, जिससे बाढ़ ज्यादा बार आ रही है. उन्होंने कहा कि सरकार जमा हुई गाद हटाने और नदी, नहरों का बहाव ठीक करने के लिए तुरंत कदम उठाएगी. उन्होंने आगे कहा कि जलाशयों को भी साफ कराकर पानी स्टोरेज की क्षमता बढ़ाने का काम किया जाएगा.