अपने ही दिन पर उदास हैं मजदूर, 3 साल से वेतन बढ़ोत्तरी और भुगतान का इंतजार

Labor Day 2026: देश में हैप्पी मजदूर दिवस मनाया जा रहा है, लेकिन मजदूर खुश होने की बजाय दुखी हैं. वह इसकी वजह मजदूरी दर में बढ़ोत्तरी नहीं होने को बताते हैं. मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री टीकेंद्र कटारा ने बताया कि मजदूरी और वेतन बढ़ाने या मांगने पर दबाव बनाया जाता है. मजदूरी बढ़ाने को लेकर राजस्थान के पूर्व सीएम ने मौजूदा सीएम को आज चिट्ठी भेजी है.

नोएडा | Updated On: 1 May, 2026 | 01:01 PM

आज 1 मई को मजदूर दिवस है. देशभर में श्रमिक संगठन आज के दिन मजदूरों- कर्मचारियों के हक और अधिकारों को लेकर रैली, प्रदर्शन और जागरूकता अभियान चला रहे हैं. प्रमुख मुद्दा वेतन बढ़ोत्तरी और समय पर भुगतान को लेकर है. हाल ही में उत्तर प्रदेश, हरियाणा समेत कई राज्यों ने मजदूरों-कर्मचारियों के न्यूनतम और अधिकतम वेतन को लेकर नए नियम लागू किए हैं. हालांकि, राजस्थान में बीते 3 साल से वेतन बढ़ोत्तरी नहीं की गई है. इसको लेकर श्रमिक संगठनों में नाराजगी है. वहीं, राजस्थान में बीते 6 माह से चल रहे आंदोलन को जबरदस्ती दबाव बनाकर रद्द कराने का आरोप लगाया गया है. वहीं, यूपी के नोएडा में श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों पर पुलिस का पहरा लगा दिया गया है.

सरकार के फैसले से मजदूर संगठनों में भारी नाराजगी

राजस्थान सरकार ने कुछ सप्ताह पहले ही 12 लाख सरकारी कर्मचारियों महंगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी कर के वेतन बढ़ा दिया है. इसके साथ ही पेंशनर्स को मिलने वाला पैसा भी बढ़ाया है. राज्य सरकार ने महंगाई भत्ता 2 फीसदी बढ़ाने को मंजूरी दी है, जिसके बाद कर्मचारियों को बढ़े हुए भत्ते के साथ है वेतन मिलेगा. नई बढ़ोत्तरी 1 जनवरी 2026 से लागू की गई है. इसके साथ ही 1 जून को आने वाली सैलरी में ऐरियर जुड़कर मिलेगा. इस फैसले से राज्य सरकार पर लगभग 1156 करोड़ रुपये का वार्षिक खर्च करेगी. वहीं, मजदूरों का न्यूनतम वेतन 2023 से नहीं बढ़ाया गया है. भारतीय मजदूर संघ ने नाराजगी जताते हुए सरकार पर शोषण करने का आरोप लगाया है.

3 साल से नहीं बढ़ी न्यूनतम मजदूरी

भारतीय मजदूर संघ ने कहा कि राजस्थान में 2023 से मजदूरी नहीं बढ़ाई गई है, जबकि सरकारी कर्माचारियों को साल में दो बार महंगाई भत्ता बढ़ाया जाता है. संगठन की ओर से कहा गया कि कई क्षेत्रों में 2026 तक 21,000 रुपये मासिक वेतन की मांग की जा रही है, लेकिन आधिकारिक तौर पर न्यूनतम दरें अभी 2023 के आदेशानुसार ही हैं. संघ ने कहा कि मजदूरों के हितों पर काम करने से सरकार ने मुंह मोड़ लिया है.

भारतीय मजदूर संघ ने सरकार पर शोषण के लगाए आरोप

राजस्थान में सक्रिय भारतीय मजदूर संघ ने जारी बयान में मजदूरों का मेहनताना बढ़ाने की मांग की है. संघ की ओर से भरतपुर जिला कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि कुशल श्रमिक को न्यूनतम वेतन 20,335 रुपये और अत्यधिक कुशल मजदूर को 26,900 रुपये मासिक दिया जाए. सरकार मजदूरों का शोषण बंद करे और संगठन की मांगों को माना जाए.

वेतन की मांग कर रहे श्रमिकों का आंदोलन को बंद कराया

राजस्थान सहकारी मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री टीकेंद्र कटारा ने किसान इंडिया को बताया कि मजदूरी बढ़ाने की बात छोड़िए समय पर भुगतान भी नहीं किया जाता है. कई साल से कर्मचारियों का वेतन रोका हुआ है. अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए विरोध प्रदर्शन करने पर जबरिया दबाव बनाया जाता है. उन्होंने कहा कि 6 महीने से उनका संगठन आंदोलन कर रहा था, लेकिन आंदोलन को बंद कराया गया है.

पूर्व सीएम ने मौजूदा सीएम भजनलाल को मजदूरी बढ़ाने के लिए लेटर भेजा

राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलौत ने कहा कि आज मजदूरों का दिवस है, लेकिन आज मजदूरों के हालात बहुत गंभीर हैं. जो न्यूनतम मजदूरी होती है वो भी मजदूरों को नहीं मिल पा रही है. ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण बात है. उन्होंने कहा कि नोएडा में आप ने देखा कि तमाशा कितना बड़ा हो गया. किस प्रकार से लोग सड़कों पर आ गए. यह सरकारों के लिए वॉर्निंग है. उन्होंने कहा कि राजस्थान की तो स्थिति और खराब है. राजस्थान देश में सबसे कम मजदूरी देने की सूची में सबसे नीचे है. ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि मैंने कल ही पत्र लिखा है मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को कि मजदूरी बढ़ाएं, जिससे राजस्थान में मजदूरों और श्रमिकों शांति और भाईचारा के साथ रहें.

राजस्थान में न्यूनतम मजदूरी कितनी है

राजस्थान में 1 जनवरी 2023 से लागू न्यूनतम मजदूरी अकुशल श्रमिकों के लिए 285 रुपये प्रतिदिन या 7,410 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है. वहीं, कुशल श्रमिकों के लिए यह दर 309 रुपये प्रतिदिन या 8,034 रुपये प्रति माह है. वहीं, अत्यधिक कुशल के लिए 359 रुपये प्रतिदिन या 9,334 प्रति माह तय की गई है. यह न्यूनतम वेतन दरें राज्य सरकार की ओर से विभिन्न उद्योगों और दुकानों के लिए निर्धारित की गई हैं. वहीं, राजस्थान में मनरेगा (MGNREGA) के तहत मजदूरी की दरें 281 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से तय की गई हैं. 18 अप्रैल 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में मनरेगा के तहत सक्रिय श्रमिकों (Active Workers) की संख्या लगभग 1.05 करोड़ है. वहीं, राज्य में कुल पंजीकृत श्रमिक (Total Workers) लगभग 2.32 करोड़ है.

सबसे ज्यादा न्यूनतम वेतन देने वाले राज्य

अप्रैल 2026 के आंकड़ों के अनुसार भारत में दिल्ली, कर्नाटक और महाराष्ट्र मजदूरों को सबसे अधिक न्यूनतम वेतन लगभग 15,000 रुपये से 22,000 रुपये प्रति माह तक मिलता है. वहीं, देश के अन्य राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार में न्यूनतम वेतन दरें कम हैं, जो अकुशल श्रमिकों के लिए लगभग 8,500 रुपये से 15,000 रुपये प्रति माह के बीच शुरू होती हैं.

Published: 1 May, 2026 | 12:39 PM

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