मोदी-मेलोनी की ‘मेलोडी’ से सुर्खियों में आया भारतीय टॉफी बाजार, एक्सपोर्ट आंकड़ों ने सबको चौंकाया
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारत के टॉफी निर्यात के आंकड़े साझा किए. उन्होंने लिखा कि भारत की “टॉफी गाथा” अब दुनिया तक पहुंच रही है. सरकार के मुताबिक भारतीय टॉफी और कन्फेक्शनरी उत्पादों की मांग विदेशों में लगातार बढ़ रही है. खास तौर पर भारतीय फ्लेवर और कम कीमत वाले उत्पाद कई देशों में पसंद किए जा रहे हैं.
Indian toffee exports: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के दौरान दिया गया एक छोटा सा गिफ्ट अब देशभर में चर्चा का विषय बन गया है. पीएम मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को लोकप्रिय ‘मेलोडी’ टॉफी गिफ्ट की, जिसके बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर ‘मेलोडी’ ट्रेंड करने लगी. इस खास मौके के बीच भारत के टॉफी कारोबार से जुड़े आंकड़े भी सामने आए हैं, जिन्होंने सभी को चौंका दिया है.
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार पिछले 12 वर्षों में भारत से टॉफी के निर्यात में करीब 166 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. वर्ष 2013-14 में जहां भारत से करीब 49.68 करोड़ रुपये की टॉफी विदेश भेजी गई थी, वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 132 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
मेलोडी गिफ्ट के बाद बढ़ी चर्चा
इटली दौरे के दौरान पीएम मोदी ने जॉर्जिया मेलोनी को ‘मेलोडी’ टॉफी का पैकेट उपहार में दिया. मेलोनी ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया. वीडियो में मेलोनी ने मुस्कुराते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके लिए बेहद खास ‘मेलोडी’ टॉफी लेकर आए थे. इसके बाद सोशल मीडिया पर #Melodi हैशटैग फिर से वायरल हो गया.
Thank you for the gift pic.twitter.com/7ePxbJwPbA
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) May 20, 2026
यह हैशटैग दरअसल ‘मेलोनी’ और ‘मोदी’ के नामों को मिलाकर बनाया गया है. इसकी शुरुआत सबसे पहले 2023 में दुबई में हुए COP28 सम्मेलन के दौरान हुई थी. उसके बाद दोनों नेताओं की मुलाकातें और दोस्ताना अंदाज सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में रहे.
टॉफी एक्सपोर्ट में तेजी से बढ़ोतरी
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भारत के टॉफी निर्यात के आंकड़े साझा किए. उन्होंने लिखा कि भारत की “टॉफी गाथा” अब दुनिया तक पहुंच रही है. सरकार के मुताबिक भारतीय टॉफी और कन्फेक्शनरी उत्पादों की मांग विदेशों में लगातार बढ़ रही है. खास तौर पर भारतीय फ्लेवर और कम कीमत वाले उत्पाद कई देशों में पसंद किए जा रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में तेजी और बेहतर एक्सपोर्ट नेटवर्क की वजह से यह वृद्धि देखने को मिली है.
India’s TOFFEE TALE would surely be melody to the ears!
Exports have grown nearly 166% since 2013-14. 🍬 pic.twitter.com/EJle6m4BnT
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) May 20, 2026
छोटे कारोबार से बड़ा बाजार बना
एक समय ऐसा था जब भारतीय टॉफियां केवल घरेलू बाजार तक सीमित मानी जाती थीं. लेकिन अब भारतीय कंपनियां एशिया, अफ्रीका, यूरोप और मध्य पूर्व के कई देशों में अपने उत्पाद भेज रही हैं. कम लागत में बेहतर गुणवत्ता और अलग स्वाद भारतीय टॉफियों की बड़ी ताकत बन रहे हैं. बच्चों के साथ-साथ विदेशी बाजारों में भारतीय मिठास वाले स्वाद की मांग भी बढ़ रही है.
भारत-इटली रिश्तों पर भी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी इस समय इटली दौरे पर हैं. इस यात्रा का उद्देश्य भारत और इटली के बीच व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है. लेकिन इस बार राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चाओं के बीच मेलोडी टॉफी सबसे ज्यादा सुर्खियों में रही. सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे “स्वीट डिप्लोमेसी” का नाम देना शुरू कर दिया.
भारतीय ब्रांड्स को मिल रही नई पहचान
मेलोडी टॉफी को लेकर बढ़ी चर्चा ने भारतीय कन्फेक्शनरी ब्रांड्स को भी नई पहचान दी है. सोशल मीडिया पर लोग भारतीय टॉफियों, बचपन की यादों और पुराने स्वादों को लेकर पोस्ट साझा कर रहे हैं. इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी दिखाया कि भारत के छोटे खाद्य उत्पाद अब वैश्विक स्तर पर भी पहचान बना रहे हैं.