सचिन पायलट का केंद्र पर हमला, भारत-अमेरिका ट्रेड डील को बताया किसानों के लिए नुकसानदेह

सचिन पायलट ने कहा कि जिस तरह से भारत-अमेरिका के बीच यह अंतरिम व्यापार समझौता किया गया है, उससे देश के छोटे किसानों और व्यापारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं. उनका कहना था कि कपास और सोयाबीन जैसे फसलों से जुड़े किसान पहले ही कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं.

नई दिल्ली | Updated On: 16 Feb, 2026 | 12:23 PM

India US trade deal: देश में हाल ही में पेश हुए केंद्रीय बजट, राजस्थान बजट और भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है. कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि यह व्यापार समझौता आने वाले समय में भारतीय किसानों, खासकर कपास और सोयाबीन उगाने वाले किसानों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है. साथ ही उन्होंने देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए.

किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा असर

सचिन पायलट ने कहा कि जिस तरह से भारत-अमेरिका के बीच यह अंतरिम व्यापार समझौता किया गया है, उससे देश के छोटे किसानों और व्यापारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं. उनका कहना था कि कपास और सोयाबीन जैसे फसलों से जुड़े किसान पहले ही कई तरह की चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. ऐसे में अगर विदेशी दबाव में कोई ऐसा समझौता किया जाता है, जिससे आयात-निर्यात की शर्तें बदलें, तो इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी इस मुद्दे को लगातार संसद के अंदर और बाहर उठाते रहे हैं. पायलट के मुताबिक, जनता को इन फैसलों के बारे में जागरूक होना जरूरी है, क्योंकि इनका असर आने वाले समय में साफ दिखाई देगा.

बजट और व्यापार समझौते पर सवाल

पायलट ने कहा कि देश और राज्य दोनों स्तर पर बजट पेश हो चुके हैं, लेकिन उसके तुरंत बाद अमेरिका के साथ हुआ यह समझौता कई नए सवाल खड़े करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा लगता है मानो सरकार किसी दबाव में आकर फैसले ले रही है. उन्होंने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लेते हुए कहा कि बार-बार इस तरह की घोषणाएं की जाती हैं और भारत पर दबाव बनाया जाता है.

उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने पहले यूरोपीय संघ (EU) के साथ भी समझौता किया था, लेकिन अमेरिका के साथ हो रहा यह समझौता अलग तरह का है और इसकी शर्तों को लेकर पारदर्शिता होनी चाहिए. पायलट का कहना था कि किसी भी सरकार को छोटे व्यापारियों, किसानों और युवाओं के भविष्य के साथ समझौता नहीं करना चाहिए.

देश के माहौल को लेकर चिंता

सचिन पायलट ने कहा कि देश इस समय एक अलग तरह के माहौल से गुजर रहा है. आर्थिक फैसलों और अंतरराष्ट्रीय समझौतों को लेकर जनता में कई तरह की शंकाएं हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में यह जरूरी है कि सरकार अपने फैसलों को साफ और पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखे.

उन्होंने दोहराया कि किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं के हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए. पायलट के अनुसार, आने वाले समय में इन मुद्दों पर व्यापक चर्चा और जनजागरूकता की जरूरत है, ताकि देशहित से जुड़े फैसलों पर सही और संतुलित दृष्टिकोण बन सके.

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी जताई चिंता

राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी सचिन पायलट की बात का समर्थन किया. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अमेरिका से मक्का भारत में आएगा तो हमारे किसानों की उपज कहां जाएगी? अगर बादाम पर शून्य प्रतिशत शुल्क कर दिया गया तो देश के किसानों का क्या होगा? रंधावा ने कहा कि पांच या दस एकड़ जमीन वाले छोटे किसान ऐसी नीतियों से बुरी तरह प्रभावित होंगे. उन्होंने यह भी दावा किया कि पहले अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौतों से देश को खास फायदा नहीं मिला, इसलिए सरकार को सोच-समझकर कदम उठाने चाहिए.

सुल्तानपुर में बोले संजय सिंह, सरकार पर साधा निशाना

वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सुल्तानपुर में केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला. शहर के बहादुरपुर में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे संजय सिंह ने कहा कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील किसानों के हित में नहीं है और इससे देश का कृषि क्षेत्र बर्बादी की ओर जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर विदेशी फल, सब्जियां, दाल, चावल और गेहूं बिना टैक्स के भारत आएंगे, जबकि भारतीय उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैक्स लगेगा, तो यह किसानों और छोटे व्यापारियों के साथ अन्याय है. उन्होंने कहा कि आज किसान खाद की एक बोरी के लिए भी संघर्ष कर रहा है. इसके अलावा संजय सिंह ने बेरोजगारी, बुलडोजर राजनीति और सामाजिक मुद्दों को भी उठाते हुए सरकार को घेरा.

 

Published: 16 Feb, 2026 | 12:14 PM

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