महंगाई से पशुपालकों को नुकसान, दूध खरीद मूल्य बढ़ाने की उठी मांग, सरकार पर बढ़ा दबाव
तमिलनाडु दुग्ध उत्पादक कल्याण संघ ने दूध खरीद मूल्य बढ़ाने, चारा कीमतों में वृद्धि और आर्थिक दबाव का मुद्दा उठाया. संघ ने चुनावी वादों को पूरा करने, हाईकोर्ट आदेश लागू करने और Aavin में सुधार की मांग की. किसानों ने MRF फॉर्मूला पर नुकसान, बीमा सब्सिडी और उचित मुआवजे की भी मांग की.
Tamil Nadu Milk Farmers: तमिलनाडु दुग्ध उत्पादक कल्याण संघ ने राज्य सरकार से चुनावी वादे के अनुसार दूध खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग की है. संघ के अध्यक्ष आर. राजेंद्रन ने कहा कि वर्तमान में सरकार गाय के दूध के लिए 38 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के लिए 47 रुपये प्रति लीटर का भुगतान कर रही है. उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में पशु चारे की कीमतें करीब 100 फीसदी बढ़ गई हैं. वहीं, ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण पिछले दो महीनों में 70 किलोग्राम वाले चारे के बैग की कीमत में 250 रुपये की वृद्धि हुई है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के डेयरी किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है.
द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, राजेंद्रन ने कहा कि चुनावी घोषणा पत्र में मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गाय के दूध का खरीद मूल्य बढ़ाकर 44 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 60 रुपये प्रति लीटर करने का वादा किया था. ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द इस वादे को पूरा करना चाहिए, ताकि डेयरी किसानों को राहत मिल सके. तमिलनाडु दुग्ध उत्पादक कल्याण संघ ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट ने डेयरी किसानों को दूध जमा करने की रसीद (अक्नॉलेजमेंट कॉपी) देने और आविन सहकारी समितियों के माध्यम से दूध का भुगतान समय पर करने का आदेश दिया था. लेकिन अब तक इस आदेश का पूरी तरह पालन नहीं किया गया है. संघ के अध्यक्ष आर. राजेंद्रन ने राज्य सरकार से अदालत के आदेश को सख्ती से लागू करने की मांग की, ताकि डेयरी किसानों को राहत मिल सके.
किसानों को 65.50 करोड़ रुपये का नुकसान
दूध की गुणवत्ता जांच को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई. राजेंद्रन के अनुसार, Aavin फिलहाल किसानों से दूध खरीदते समय मॉडिफाइड रिचमंड फॉर्मूला (MRF) का इस्तेमाल कर रही है. उनका दावा है कि इस व्यवस्था के कारण डेयरी किसानों को हर साल करीब 65.50 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. उन्होंने मांग की कि आविन को दूध खरीद के लिए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानकों को अपनाना चाहिए, ताकि किसानों को उचित भुगतान मिल सके.
पशु बीमा पर 75 प्रतिशत सब्सिडी
तमिलनाडु दुग्ध उत्पादक कल्याण संघ ने सरकार से डेयरी किसानों के लिए पशु बीमा पर 75 प्रतिशत सब्सिडी देने और पशुओं की मौत होने पर उचित मुआवजा देने वाली बीमा योजना शुरू करने की मांग की है. संघ का कहना है कि इससे डेयरी किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी. संघ के अध्यक्ष आर. राजेंद्रन ने आविन (Aavin) के लिए विशेष वित्तीय सहायता की भी मांग की.
कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती
उन्होंने कहा कि पिछली डीएमके सरकार के कार्यकाल में आविन दूध की कीमत में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी. इसके कारण पिछले पांच वर्षों में आविन को करीब 1,500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. ऐसे में राज्य सरकार को इस नुकसान की भरपाई करनी चाहिए. राजेंद्रन ने यह भी आरोप लगाया कि नवंबर 2023 से डेयरी किसानों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि का बड़ा हिस्सा आविन यूनियन के शेयरों में बदला जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था किसानों के हित में नहीं है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए.