एशिया की सबसे बड़ी मंडी में टमाटर हुआ महंगा, क्या दिल्ली-एनसीआर पर भी पड़ेगा असर.. बढ़ेंगी कीमतें?
आंध्र प्रदेश की मदनपल्ली मंडी में टमाटर के दाम तेजी से बढ़े हैं, जिससे खुदरा बाजार भी प्रभावित हुआ. मार्च में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया. उत्पादन अच्छा होने के बावजूद मांग कमजोर रही. अब गर्मियों की फसल शुरू होने से बाजार में आगे भी दाम अस्थिर रहने की संभावना बनी हुई है.
Tomato Price Hike: टमाटर की कीमतों में बढ़तोरी शुरू हो गई है. आंध्र प्रदेश स्थित एशिया की सबसे बड़ी टमाटर मंडी मदानपल्ली एपीएमसी में भी टमाटर महंगा हो गया है. Agmarknet के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक हफ्ते के अंदर टमाटर के रेट में काफी उछाल आया है. 14 मार्च को कीमत 1,200 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो 16 मार्च को बढ़कर 1,350 रुपये हो गई. हालांकि, 17 और 18 मार्च को टमाटर के दाम थोड़ा घटकर क्रमश: 1,300 और 1,200 रुपये रुपये प्रति क्विंटल रह गए. वहीं, 20 मार्च को टमाटर के दाम में एक बार फिर से बढ़ोतरी दर्ज की गई. इस दिन मदानपल्ली एपीएमसी में टमाटर के होलसेल कीमत बढ़कर 1,600 रुपये प्रति क्विंटल हो गई. इसका असर रिटेल मार्केट में भी पड़ा है. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जो टमाटर एक हफ्ते पहले तक 20 से 30 रुपये किलो बिक रहा हा था, अब कीमत बढ़कर 30 से 40 रुपये हो गई है. खास बात यह है कि Agmarknet और eNam के आकड़ों में खाफी अंदर देखने को मिला है.
वहीं, 21 मार्च को भी आंध प्रदेश की अलग-अलग मंडियों में टमाटर की कीमतों में काफी अंतर देखने को मिला. eNam के आंकड़ों के अनुसार, 21 मार्च को गुर्रमकोंडा मंडी में टमाटर का न्यूनतम और औसत भाव 920 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि अधिकतम भाव 1,200 रुपये तक दर्ज किया गया. वहीं, मदनपल्ली मंडी में टमाटर का न्यूनतम और औसत भाव 900 रुपये प्रति क्विंटल था और अधिकतम भाव 1,400 रुपये तक रहा. यानी गुर्रमकोंडा मंडी के मुकाबले मदनपल्ली मंडी में टमाटर का रेट ज्यादा रहा.
पलामनेर मंडी में टमाटर का न्यूनतम भाव
इसी तरह 21 मार्च को पलामनेर मंडी में टमाटर का न्यूनतम और औसत भाव 900 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि इस दिन अधिकतम भाव 1,200 रुपये तक रहा. eNam के मुताबिक, 21 मार्च को पुंगनुर मंडी में टमाटर का न्यूनतम भाव 800 रुपये रुपये क्विंटल औसत भाव 1,000 रुपये और अधिकतम भाव 1,200 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया.
बारिश से टमाटर की फसल को नुकसान पहुंच सकता है
वहीं, उत्तर भारत की बात करें बारिश से टमाटर की फसल को नुकसान पहुंचा है. उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार सहित कई राज्यों में बारिश से फसल नुकसान की खबर है. उद्यान विभाग (झांसी) के डिप्टी डायरेक्टर विनय कुमार यादव ने किसान इंडिया से कहा कि हल्की बारिश आम और लीची के लिए लाभदायक है, लेकिन टमाटर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है. अगर इसी तरह एक-दो दिनों तक बारिश का दौर चलता रहा, तो टमाटर की फसल में बीमारी लग सकती है. इससे टमाटर सड़ने लगेंगे और उत्पादन में गिरावट आएगी.
दिल्ली में इन राज्यों से होती है टमाटर की सप्लाई
कृषि एक्सपर्ट निर्मल यादव के मुताबिक, यदि बारिश से उत्तर भारत में फसल को नुकसान पहुंचता है, तो पटना, दिल्ली, लखनऊ जैसे शहरों में टमाटर महंगा हो सकता है. ऐसे दिल्ली में टमाटर की आपूर्ति मुख्य रूप से हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से होती है. लेकिन बारिश के मौसम में परिवहन और सप्लाई में दिक्कतें आ जाती हैं, जिससे टमाटर की उपलब्धता कम हो जाती है और इसके दाम बढ़ जाते हैं.