किसानों के आंदोलन का असर, MP में खाद वितरण नियम बदले, हाइब्रिड मोड अपनाएंगे विक्रेता

Fertilizer Sale Rules Changed: किसानों के आंदोलन के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए हाइब्रिड मोड से उर्वरक वितरण की घोषणा की है. इस संबंध में कृषि मंत्री ने सभी जिलों को नई व्यवस्था लागू करने का आदेश पत्र जारी कर दिया है.

नोएडा | Updated On: 30 Jul, 2026 | 07:18 PM

मध्य प्रदेश में उर्वरक वितरण व्यवस्था को लेकर किसानों के आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है. अब प्रदेश में किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए हाइब्रिड मोड लागू किया जाएगा. सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से तकनीकी बाधाओं के बावजूद किसानों को समय पर खाद मिल सकेगी. हाल के दिनों में कई जिलों से ई-विकास पोर्टल पर सर्वर धीमा होने, तकनीकी गड़बड़ियों और समय पर एंट्री नहीं होने की शिकायतें सामने आई थीं.

30 जुलाई से आदेश प्रभावी हुआ

किसान संगठनों के प्रतिनिधियों और मंत्री समूह के बीच मूंग खरीदी सहित विभिन्न मुद्दों पर हुई बैठक में ई-विकास पोर्टल में आ रही तकनीकी समस्याओं और उर्वरक वितरण में हो रही देरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था. इसके बाद किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने सभी कलेक्टरों को नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं. यह व्यवस्था 30 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी.

ई-विकास रहेगा, लेकिन ऑफलाइन भी होगी बिक्री

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ई-विकास प्रणाली पूरी तरह बंद नहीं की गई है. जब तक पोर्टल को अधिक सरल और सुचारु बनाने संबंधी समिति की सिफारिशों पर निर्णय नहीं हो जाता, तब तक उर्वरक वितरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जाएगा.

किसानों से कौन-कौन सी जानकारी ली जाएगी

नई व्यवस्था के तहत उर्वरक बेचते समय विक्रेताओं को किसान के आधार कार्ड की प्रति, मोबाइल नंबर और खरीदे गए उर्वरकों जैसे यूरिया, डीएपी, एनपीके, एसएसपी और एमओपी की मात्रा का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। इसके लिए शासन ने एक मानक प्रोफार्मा भी जारी किया है.

बाद में पोर्टल पर करनी होगी एंट्री

हाइब्रिड व्यवस्था में पहले उर्वरक की बिक्री ऑफलाइन दर्ज की जाएगी. इसके बाद उसी रिकॉर्ड को ई-विकास पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा. यह जिम्मेदारी पैक्स, विपणन संघ के डबल लॉक केंद्र, एमपी एग्रो और निजी उर्वरक विक्रेताओं की होगी.

नई व्यवस्था के हिसाब से खाद वितरण का आदेश पत्र.

विक्रेताओं को दिए गए विशेष निर्देश

राज्य सरकार ने सभी सरकारी संस्थाओं, पैक्स, एमपी एग्रो और निजी उर्वरक विक्रेताओं की बैठक आयोजित कर नई व्यवस्था की जानकारी देने के निर्देश दिए हैं. साथ ही व्यवस्था की नियमित समीक्षा भी की जाएगी ताकि खरीफ सीजन में किसानों को खाद की उपलब्धता प्रभावित न हो.

किसानों को राहत, लेकिन बढ़ेगा रिकॉर्ड रखने का काम

हाल के दिनों में प्रदेश के कई जिलों से ई-विकास पोर्टल पर सर्वर धीमा होने, तकनीकी गड़बड़ियों और समय पर एंट्री नहीं होने की शिकायतें सामने आई थीं. इसके कारण किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा था और कई बार उर्वरक भी नहीं मिल पा रहा था. नई हाइब्रिड व्यवस्था से किसानों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद है. हालांकि, ऑफलाइन रिकॉर्ड तैयार करने और बाद में उसे पोर्टल पर अपलोड करने की अतिरिक्त जिम्मेदारी अब उर्वरक विक्रेताओं पर रहेगी.

Published: 30 Jul, 2026 | 07:15 PM

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