CM योगी का बड़ा ऐलान! UP की कृषि विकास दर 18 फीसदी के पार, अब प्राकृतिक खेती पर फोकस

UP Agriculture Growth: गोरखपुर में आयोजित खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को आधुनिक खेती, मिट्टी परीक्षण और प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत से उत्तर प्रदेश कृषि क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब राज्य की कृषि विकास दर 18 फीसदी तक पहुंच गई है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 3 Jun, 2026 | 02:37 PM

Gorakhpur Farmers Meet 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ मंडल की संयुक्त मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी-2026 का शुभारंभ किया. योगी आदित्यनाथ ने यहां किसानों को साफ संदेश दिया कि अब खेती पुराने तरीकों से नहीं, बल्कि नई तकनीक, सही जानकारी और समझदारी के साथ करनी होगी. मिट्टी की जांच से लेकर बीज की क्वालिटी और मौसम की तैयारी तक हर बात पर किसानों को समझाया गया ताकि उनकी मेहनत का पूरा फायदा मिल सके और आय भी बढ़े.

मिट्टी की जांच क्यों जरूरी है

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह हम अपनी अपनी सेहत की जांच कराते हैं, उसी तरह किसानों को भी अपनी मिट्टी की नियमित जांच करानी चाहिए. मिट्टी परीक्षण से यह पता चलता है कि उसमें कौन से पोषक तत्व कम हैं, जिससे उर्वरकों का संतुलित उपयोग कर पैदावार को बढ़ाया जा सकता है. उन्होंने इसे खेती की सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया.

यूपी की कृषि ताकत और सिंचाई व्यवस्था

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि, उत्तर प्रदेश में लगभग 86 प्रतिशत खेतों में पानी की सुविधा है. यहां किसान रबी, खरीफ और जायद तीनों मौसमों में खेती कर रहे हैं. बेहतर सिंचाई व्यवस्था और किसानों की मेहनत के कारण राज्य की कृषि उत्पादकता में लगातार सुधार हो रहा है और किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य भी मिल रहा है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कृषि विकास दर अब करीब 8 फीसदी से बढ़कर 18 फीसदी तक पहुंच गई है. उत्तर प्रदेश अब देश में सबसे ज्यादा अनाज पैदा करने वाला राज्य बन गया है, जबकि एरिया के हिसाब से यह चौथे नंबर पर है.

कृषि और डेयरी में यूपी नंबर-1

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में चीनी उत्पादन, चीनी मिलों की संख्या, इथेनॉल उत्पादन, आलू और सब्जियों के उत्पादन के साथ-साथ दूध उत्पादन में भी पहले नंबर पर है. यहां बड़ी संख्या में चीनी मिलें भी चल रही हैं. ये सभी उपलब्धियां राज्य को खेती के क्षेत्र में आगे रखती हैं और इससे किसानों और गांवों की कमाई भी मजबूत हो रही है.

किसानों को नई जानकारी दी जा रही है

सरकार की इन बैठकों का मकसद किसानों को नई जानकारी देना है. इसमें बताया जाता है कि कौन-सा बीज अच्छा है, कौन-सी खेती से ज्यादा फायदा होगा और सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे लिया जाए.

बटाईदार किसानों को भी राहत

राज्य सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं के समय बटाईदार किसानों को भी सहायता देने का फैसला लिया है. इसके साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के जरिए किसानों को उनकी फसलों के बेहतर दाम दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके.

लखनऊ में एक नया आधुनिक सीड पार्क बनाया जा रहा है, ताकि किसानों को अच्छे और बेहतर बीज आसानी से मिल सकें. मुख्यमंत्री ने किसानों से कहा है कि वे प्राकृतिक खेती अपनाएं और रासायनिक खाद का कम इस्तेमाल करें. इससे खेती की लागत कम होगी और मिट्टी की सेहत भी अच्छी बनी रहेगी.

कम बारिश को लेकर सावधानी

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. ऐसे में किसानों और कृषि विभाग को पहले से तैयारी करनी होगी. उन्होंने कहा कि खरीफ गोष्ठियां किसानों को सही जानकारी देती हैं और मौसम की मुश्किलों से निपटने में मदद करती हैं. अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसान मजबूत होंगे तो देश भी मजबूत होगा. आत्मनिर्भर खेती से ही भारत आगे बढ़ेगा और विकसित बनेगा.

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