धान की सही किस्म चुनकर बढ़ाएं कमाई, उन्नत बीज बढ़ा देंगे 20 फीसदी तक पैदावार

खरीफ सीजन में धान की खेती की सफलता काफी हद तक सही किस्म के चयन पर निर्भर करती है. कृषि विशेषज्ञ किसानों को उन्नत और प्रमाणित बीज अपनाने की सलाह दे रहे हैं. सही तकनीक और बेहतर किस्मों के इस्तेमाल से उत्पादन बढ़ाने, लागत घटाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिल सकती है.

नोएडा | Updated On: 13 Jun, 2026 | 06:36 AM

Paddy Farming: खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ किसान धान की बुवाई और रोपाई की तैयारियों में जुट गए हैं. ऐसे समय में कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार किसानों को अधिक उत्पादन देने वाली, रोग प्रतिरोधी और जलवायु अनुकूल धान की उन्नत किस्में अपनाने की सलाह दे रहे हैं. उनका कहना है कि सही बीज का चयन और वैज्ञानिक खेती अपनाकर किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं. धान देश की सबसे महत्वपूर्ण खाद्यान्न फसलों में से एक है और लाखों किसानों की आय का प्रमुख स्रोत भी है. ऐसे में उन्नत किस्मों का चयन किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है.

अधिक उत्पादन देने वाली उन्नत धान किस्में

कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार के अनुसार किसानों को ऐसी धान किस्मों  का चयन करना चाहिए जो अधिक उत्पादन देने के साथ-साथ रोगों और बदलते मौसम का सामना करने में सक्षम हों. उन्होंने बताया कि राजेश्वरी (IGKV R-1), महामाया (IGKV R-2), छत्तीसगढ़ सादा (IGKV R-3) और राजेश्री (IGKV R-4) जैसी उन्नत किस्में बेहतर उत्पादन, रोग प्रतिरोधक क्षमता और गुणवत्ता वाले चावल के लिए जानी जाती हैं. इसके अलावा IGKV भाटापारा-1 और IGKV भाटापारा-2 भी किसानों के लिए लाभकारी विकल्प मानी जाती हैं. इन किस्मों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने और जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है.

हाइब्रिड धान से मिल सकती है बंपर पैदावार

विशेषज्ञों का कहना है कि संकर (हाइब्रिड) धान की किस्में  अधिक उत्पादन के लिए जानी जाती हैं. अराइज 6444 गोल्ड, US-362, एडवांटा-837 और सिजेंटा-7001 जैसी हाइब्रिड किस्में किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. ये किस्में कम समय में अच्छी पैदावार देने के साथ बदलते मौसम की परिस्थितियों को भी बेहतर तरीके से सहन कर सकती हैं. यही वजह है कि अधिक उत्पादन और बेहतर लाभ की चाह रखने वाले किसान इन किस्मों की ओर आकर्षित हो रहे हैं.

कम अवधि और सुगंधित किस्मों की बढ़ रही मांग

MTU-1010, स्वर्ण (मसूरा), IR-64 और TCSM जैसी किस्में कम अवधि में पककर तैयार हो जाती हैं और अच्छी उपज देने के लिए जानी जाती हैं. वहीं दुबराज, विष्णुभोग, जीराफूल, बादशाह भोग और लुचई जैसी सुगंधित धान किस्मों  की बाजार में विशेष मांग रहती है. इनका मूल्य सामान्य धान की तुलना में अधिक मिलता है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आय अर्जित करने का अवसर मिलता है.

रोपाई से पहले इन बातों का रखें ध्यान

कृषि विशेषज्ञ प्रमोद कुमार ने किसानों को सलाह दी है कि वे केवल प्रमाणित बीजों का चयन करें, समय पर खेत की तैयारी करें और कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र की सलाह के अनुसार रोपाई करें. संतुलित उर्वरक प्रबंधन, उचित सिंचाई और समय पर रोग-कीट नियंत्रण से उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है. उनका कहना है कि उन्नत बीजों और वैज्ञानिक तकनीकों का उपयोग करके किसान न केवल फसल लागत को नियंत्रित कर सकते हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच भी बेहतर पैदावार और अधिक मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं. खरीफ सीजन में सही धान किस्म का चयन ही सफल खेती की पहली सीढ़ी साबित हो सकता है.

Published: 13 Jun, 2026 | 06:00 AM

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