धान की खेती के लिए मुसीबत बना अल नीनो, सिंचाई संकट के चलते 2 लाख हेक्टेयर रकबा घटेगा

El Nino Effect on Paddy Sowing: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने वाराणसी में कहा कि अल नीनो और सामान्य से कम वर्षा की संभावना को देखते हुए खेती के पैटर्न को भी बदलने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि किसानों को मौसम चुनौतियों से बचाने के हिसाब से फसलों की बुवाई कराई जाएगी.

नोएडा | Published: 10 Jun, 2026 | 06:38 PM

अल नीनो की वजह से बारिश कम होने का अनुमान पहले ही मौसम विज्ञान विभाग जारी कर चुका है. कई मौसम एजेंसियों ने भी जून से सितंबर महीने में मॉनसून के दौरान कम बारिश की चेतावनी दी है. ऐसे में बारिश पर निर्भर धान की खेती का रकबा घटाने की तैयारियां कर ली गई हैं. उत्तर प्रदेश में धान का रकबा 2 लाख हेक्टेयर घटाया जा रहा है. कम बारिश और सिंचाई खर्च से बचने के लिए किसान भी धान की बुवाई से पीछे हट रहे हैं. हालांकि, इस बार नर्सरी की बजाय डीएसआर विधि की तरफ किसान बढ़ गए हैं.

खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए वैकल्पिक खेती अपनाने का आह्वान किया है. उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने वाराणसी में कहा कि अल नीनो और सामान्य से कम वर्षा की संभावना को देखते हुए खेती के पैटर्न को भी बदलने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि किसानों को मौसम चुनौतियों से बचाने के हिसाब से फसलों की बुवाई कराई जाएगी.

कम बारिश के चलते धान का रकबा 2 लाख हेक्टेयर घटेगा

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि इस बार बारिश कम होने की चेतावनी पहले ही जारी की जा चुकी है. ऐसे में पूरे राज्य में धान की बुवाई का रकबा 2 लाख हेक्टेयर घटाया जाएगा. इस रकबे में धान की बजाय श्रीअन्न और तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों की बुवाई को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि धान का रकबा उन हिस्सों में घटाया जाएगा, जहां पर पानी और सिंचाई की दिक्कत ज्यादा है.

नर्सरी की बजाय डीएसआर विधि से 3 लाख हेक्टेयर में होगी धान

कृषि मंत्री ने बताया कि नर्सरी की बजाय इस बार डायरेक्ट सीडेड राइस तकनीक से धान की बुवाई कराने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इस बार 3 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) तकनीक के जरिए धान की खेती की जाएगी. इससे किसानों को कम पानी और कम लागत में बेहतर उत्पादन दिलाने का टारगेट रखा गया है.

किसानों को छूट पर मिलेगा 40 हजार क्विंटल मूंगफली बीज

उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को तिलहन फसलों की बुवाई पर जोर देने को कहा जा रहा है. इसके लिए किसानों को छूट पर 40 हजार क्विंटल मूंगफली बीज उपलब्ध कराया जा रहा है और इसकी ऑनलाइन बुकिंग भी शुरू कर दी गई है. किसान घर बैठे जरूरत के हिसाब से बीज की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं और फिर केंद्र जाकर बीज ले सकते हैं.

खरीफ सीजन के लिए सभी उर्वरकों का भरपूर स्टॉक

खरीफ सीजन के लिए खाद उपलब्धता पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि प्रदेश में यूरिया, डीएपी, एनपीके, सिंगल सुपर फॉस्फेट और पोटाश का पर्याप्त भंडार मौजूद है. उन्होंने कहा कि किसानों को उर्वरकों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 25 से 30 फीसदी तक कम करने और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की. उन्होंने बताया कि 18 एवं 19 जून को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा.

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