बारिश से 63 करोड़ की फसल चौपट, किसानों को मिलेगा मुआवजा.. CM ने दो दिन में मांगी रिपोर्ट

आंध्र प्रदेश में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से 9 जिलों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है. मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दो दिन में रिपोर्ट मांगी है. कुल 63 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है. साथ ही LPG, उर्वरक, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 21 Mar, 2026 | 05:40 PM

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में बेमौस बारिश से 9 जिलों में फसलों को बहुत अधिक नुकसान पहुंचा है. तेज हवा के चलते मक्का सहित कई फसलें जमीन पर गिर गई हैं. साथ ही खेतों में जलभराव भी हो गया है. ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान का भय सता रहा है. इसी बीच मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राज्य में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से फसलों को हुए नुकसान पर दो दिन के भीतर रिपोर्ट तैयार की जाए. उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जिला कलेक्टरों और अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की. वहीं, कहा जा रहा है कि बारिश से कुल 63 करोड़ रुपये का फसल नुकसान हुआ है.

अधिकारियों के अनुसार, 12 जिलों के 42 मंडलों में 4,840 हेक्टेयर में मक्का, 1,534 हेक्टेयर में धान और 310 हेक्टेयर में उड़द की फसल को नुकसान  हुआ है. इस फसल नुकसान का अनुमान करीब 40 करोड़ रुपये लगाया गया है. इसके अलावा, 9 जिलों के 48 मंडलों में 1,301 हेक्टेयर में बागवानी फसलें भी प्रभावित हुई हैं, जिनमें केला, पपीता, मिर्च, सब्जियां और आम शामिल हैं. बागवानी फसलों में करीब 23 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. कुल मिलाकर फसलों को 63 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है.

सीएम ने एलपीजी आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य में एलपीजी आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की. उन्होंने कहा कि अगर पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष जारी रहा, तो वैश्विक स्तर पर एलपीजी सप्लाई प्रभावित हो सकती है. ऐसे में उन्होंने निर्देश दिया कि राज्य में कहीं भी गैस सिलेंडर की कमी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने खास तौर पर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में गैस आपूर्ति को प्राथमिकता देने को कहा और इंडक्शन चूल्हा व पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) जैसे विकल्पों पर भी ध्यान देने की बात कही. साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर उर्वरक, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भी बुरा हाल

बता दें पश्चिमी विक्षोभ के चलते केवल केवल आंध्र प्रदेश में ही फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा है, बल्कि हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र  और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में गेहूं और दलहन की फसल चौपट हो गई है. महाराष्ट्र कृषि विभाग के प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले चार दिनों में भारी बारिश से 1,439 हेक्टेयर फसलें प्रभावित हुई हैं. असमय बारिश से चना, गेहूं, ज्वार जैसी फसलें और आम, अंगूर, केले जैसे फल के बागानों को नुकसान पहुंचा है.

धाराशिव जिले में 1,014 हेक्टेयर खेत प्रभावित

शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार धाराशिव जिले में सबसे ज्यादा असर हुआ है, जहां 1,014 हेक्टेयर खेत प्रभावित हुए. अन्य प्रभावित जिलों में सोलापुर, नांदेड़, यवतमाल, लातूर, नागपुर, चंद्रपुर और कोल्हापुर शामिल हैं. जबकि, उत्तर प्रदेश के मेरठ क्षेत्र में भी तेज हवा चलने से गेहूं और सरसों की फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे आर्थिक नुकसान का अनुमान है. किसानों के अनुसार, गेहूं की बालियां निकल चुकी हैं लेकिन दाना पूरी तरह तैयार नहीं हुआ था, इसलिए जमीन पर गिरने से पैदावार कम हो सकती है.

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Published: 21 Mar, 2026 | 05:35 PM
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