यूट्यूब बना सहारा: किसान ने दोहरी फसल और नई तकनीक से बढ़ाया उत्पादन और मुनाफा
परंपरागत केले की खेती से हटकर नई तकनीक अपनाते हुए किसान एक ही जमीन पर गेहू और चना की दो फसलें लगा सकते है, इससे न सिर्फ दोगुनी आय हो रही है बल्कि समय की भी बचत हो रही है, जानिए कैसे.
उत्तर प्रदेश के युवा किसान राकेश गौड़ ने केले की खेती छोड़कर सोशल मीडिया और यूट्यूब के माध्यम से खेती विधियां सीखकर एक ही खेत में दो फसलें करके लाखों रुपये कमा रहे हैं. वह इस बार अपने खेतों में गेहूं और चना की फसल उगा रहे हैं. यह 6 महीने के अंतराल में तैयार हो जाती है. वे पहले केले की खेती करते थे, जो 12 महीने में तैयार होती थी. लेकिन तेज हवा, आंधी, तूफान से बार-बार नुकसान होने लगा. नुकसान से बचने के लिए उन्होंने एक साथ दो फसलों की खेती का नया तरीका खोजा है, जो उन्हें मुनाफा दिला रहा है.
सालाना 5 लाख रुपये का मुनाफा पा रहे राकेश
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के रहने वाले राकेश गौड़ पारंपरिक तरीके से खेती करते थे, लेकिन उससे उन्हें लाभ नहीं होता था. ऐसे में उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों की राय ली और सोशल मीडिया का सहारा लेकर खेती में बदलाव का निर्णय लिया. उन्होंने नई खेती विधियां सीखकर एक खेत में दो फसलें उगाना शुरू किया है. इससे अब उन्हें लाखों रुपये की कमाई हो रही है. वर्तमान में 5 एकड़ की जमीन पर खेती कर रहे है, जिससे साल में 4-5 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा मिल जाता है.
यूट्यूब और अन्य माध्यमों से जुटाई जानकारी
किसान राकेश बताते है कि वे परंपरागत केले की खेती करते थे, शुरूआत में तो उन्हें केले की फसल से लाभ मिला, लेकिन अब बार-बार तेज हवा, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि के कारण केले की फसल लगाने से भारी नुकसान झेलना पड़ रहा था. ऐसे में उन्होंने यूट्यूब और अन्य माध्यमों से जानकारी जुटाई और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लेकर खेत तैयार करके, एक ही खेत में गेहूं और चने की बुवाई कर दी. दोनों फसलें छह महीने में तैयार हो जाती हैं, जिससे न सिर्फ दोगुनी आय हो रही है बल्कि समय की भी बचत हो रही है. पांच एकड़ में की जा रही इस खेती से उन्हें हर साल 4 से 5 लाख रुपये की कमाई हो रही है.
एक ही खेत में दो फसलें
उन्होंने आगे बताया कि, केले की फसल हटाकर खेत को समतल करने के बाद सोशल मीडिया और कृषि विशेषज्ञों की सलाह लेकर खेत तैयार किया. गोबर की खाद का भरपूर उपयोग किया और गेहूं तथा चना – दोनों फसलें एक ही साथ लगा दी. वर्तमान में फसलें तीन से चार महीने की हो चुकी हैं, ये दोनों फसलें अगले एक-दो महीनों में कटाई के लिए तैयार हो जाएगी. इन फसलों को बेचकर वे अगले सीजन में तुवर (तूर) लगाने की तैयारी भी कर रहे हैं.