40 दिनों में 45 टन की उपज, 32 फीसदी छूट पर मिल रहे मूली के बीज, कीमत मात्र 51 रुपए
राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) ने किसानों की सुविधा के लिए इस बीज की ऑनलाइन बिक्री शुरू कर दी है. किसान अब घर बैठे एनएसपी की वेबसाइट या ओएनडीपी (ONDP) स्टोर के माध्यम से भी मंगवा सकते हैं. ऑर्डर के बाद बीज सीधे किसानों के घर पहुंच जाएगा, जिससे उन्हें बाजार या दुकानों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
Radish Farming: नवंबर का महीना मूली की खेती के लिए सबसे उपयुक्त माना जाता है. बाजार में कई हाई यील्ड वैरायटी के बीज उपलब्ध हैं जो सिर्फ 40 दिनों में 45 टन तक की उपज दे सकती हैं. इन बीजों की खरीद पर 30% प्रतिशत तक की छूट मिल रही है.
सर्दियों के मौसम में मूली की खेती किसानों के लिए कमाई का सुनहरा मौका लेकर आती है यदि आप मूली की खेती करना चाहते हैं तो आप राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) से मूली की हाई यील्ड वैरायटी काशी हंस की खरीद कर सकते हैं. यह कम समय में अधिक उत्पादन देती है.
नई वैरायटी से होगी बंपर पैदावार
काशी हंस मूली की वैरायटी को तैयार होने में 45 से 60 दिन लगते हैं. इसका रंग सफेद और जड़े लंबी और नुकीली होती हैं. इसका स्वाद हल्का मीठा होता है. यह ठंडी जलवायु की फसल है इसलिए सर्दियों का मौसम इसकी खेती के लिए उपयुक्त माना जाता है. इस वैरायटी का उत्पादन लगभग 40 से 45 टन प्रति हेक्टेयर तक पहुंच जाता है जो अन्य देसी किस्म की तुलना में बहुत अधिक है.
घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से मंगवाए बीज
राष्ट्रीय बीज निगम (NSC) ने किसने की सुविधा के लिए इस बीज की ऑनलाइन बिक्री शुरू कर दी है. किसान अब घर बैठे एनएसपी की वेबसाइट या ओएनडीपी (ONDP) स्टोर के माध्यम से भी मंगवा सकते हैं. ऑर्डर के बाद बीज सीधे किसानों के घर पहुंच जाएगा, जिससे उन्हें बाजार या दुकानों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
बीजों पर 32% तक की छूट
राष्ट्रीय बीज निगम की वेबसाइट पर इस समय काशी हंस मूली के 100 ग्राम पर 32% तक की छूट दी जा रही है. छूट के बाद इसकी कीमत केवल 51 रुपए है. यह कीमत अन्य ब्रांड के बीजों की तुलना में काफी कम है. कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली मूली की इस वैरायटी को किसान थोक मात्रा में भी खरीद सकते हैं.
गमलें में भी उगाना आसान
काशी हंस किस्म के बीजों की खासियत यह है कि इसे न केवल खेत में बल्कि गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है. यदि आप घर की छत या बालकनी में मूली उगाना चाहते हैं तो यह किस्म आपके लिए उपयुक्त रहेगी. इसके लिए 12 इंच का गमला लें. उसमें मिट्टी, गोबर की खाद और कोकोपीट मिलाकर डालें. बीजों को एक इंच की गहराई में बोएं और मिट्टी को नम रखें. पौधों को धूप वाली जगह पर रखें. 40-60 दिनों में मूली तैयार हो जाएगी.
मूली की खेती करते समय कुछ बातों का रखें ध्यान
खेतों में मूली की खेती करने के लिए खेत की लगभग 5 से 6 बार जुटाई करें ताकि मिट्टी भुरभुरी हो जाए. इसके बाद ट्रैक्टर या मिट्टी पलटने वाले हल से गहरी जुताई करें क्योंकि मूली की जड़े लंबी होती हैं. खेत तैयार होने के बाद बीजों को 4 – 5 सेंटीमीटर की गहराई में बोएं. सिंचाई नियमित रूप से करते रहें और पौधे को खरपतवार से मुक्त रखें.