गंगा का तटबंध टूटने से कई गांवों में घुसा पानी.. मंत्री का गांव भी खतरे में, मक्का-धान की फसलें डूबीं

Bihar Flood : बिहार में जलस्तर बढ़ने से गंगा पर बना तटबंध टूटने से ऊर्जा मंत्री के पैतृक गांव समेत कई गांव बाढ़ के खतरे में हैं. जबकि, कुछ गांवों में पानी घुस भी चुका है. वहीं, फसलों और रास्ते पानी में डूब गए हैं.

नोएडा | Updated On: 24 Aug, 2026 | 02:12 PM

बिहार के भागलपुर जिले में गंगा के पानी को रोकने के लिए बना तंटबंध जलस्तर बढ़ने से टूट गया है. इससे गंगा का पानी ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के पैतृक गांव के पास पहुंच गया है. जबकि, कई अन्य गांवों पर भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. वहीं, इलाके में मक्का और धान समेत अन्य फसलें भी जलभराव की चपेट में हैं. बिहार सरकार ने स्थानीय प्रशासन को तत्काल राहत और बचाव कार्यों के निर्देश दिए हैं. प्रभावित इलाकों में प्रशासनिक अमला पहुंचा हुआ और प्रभावित लोगों की मदद की जा रही है.

भागलपुर में गंगा का तटबंध टूटा, इलाके में दहशत

बिहार के भागलपुर जिले के राघोपुर क्षेत्र से गुजरने वाली गंगा नदी के किनारे स्थित एक तटबंध का हिस्सा टूट जाने से इलाके में दहशत फैल गई है. प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार खरीक अंचल के काजीकोरैया-राघोपुर मार्जिनल तटबंध में रविवार देर रात करीब 2:30 बजे गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज जलदाब के कारण कटाव हुआ, जिससे तटबंध का एक हिस्सा टूट गया. जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन, नवगछिया के अनुमंडल पदाधिकारी, बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी और अभियंता राहत बचाव कार्य के लिए जुटे हुए हैं. प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है.

ऊर्जा मंत्री के पैतृक गांव के नजदीक पहुंचा बाढ़ का पानी

जिला प्रशासन ने एक बयान जारी कर कहा है कि कटाव के कारण पानी नवगछिया की ओर बह रहा है. बाढ़ नियंत्रण विभाग की तकनीकी टीम युद्धस्तर पर सुरक्षात्मक कार्य कर रही है. जल प्रवाह को नियंत्रित करने और आगे कटाव रोकने के लिए आवश्यक संसाधन एवं सामग्री मौके पर तैनात कर दी गई है. प्रशासन के अनुसार कटाव स्थल बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के पैतृक गांव से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है. अगर जलस्तर और बढ़ा तो पानी उनके गांव में भी पहुंच सकता है.

राघोपुर गांव में घुसा पानी, तटबंध ठीक करने का काम तेज

तटबंध के टूटने से गंगा का पानी राघोपुर गांव गांव में घुस गया. शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक तटबंध का लगभग 70 से 80 मीटर का हिस्सा प्रभावित हुआ है. भागलपुर की DM अलंकृता पांडे ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि जल संसाधन विभाग (WRD) की ओर से रात से तटबंध ठीक करने काम किया जा रहा है. तेज बहाव से हुई टूट-फूट को ठीक करने के लिए हम कटाव रोकने के उपायों पर तेजी से काम कर रहे हैं. जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अफवाहों पर ध्यान न दें. प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि तटबंध की सुरक्षा और लोगों की जान-माल की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.

मक्का, धान समेत कई एकड़ में खड़ी फसलें डूबीं

प्रशासनिक और शुरुआती आकलन के अनुसार तटबंध के आसपास के कई एकड़ खेतों में खड़ी मक्का, धान, सब्जी और अन्य मौसमी फसलें पानी में डूब गई हैं. हालांकि, प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से अभी कुल डूबी फसलों का आंकड़ा जारी नहीं किया गया है. वहीं, कृषि विभाग और राजस्व विभाग ने भी फसलों और रास्तों को होने वाले नुकसान का आकलन करने के लिए टीमों का गठन किया गया है.

Published: 24 Aug, 2026 | 02:09 PM

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