जनवरी में पौधों को कैसे रखें जिंदा और हरा-भरा, जानें देखभाल के टिप्स

ठंड के मौसम में सबसे आम गलती ज्यादा पानी देना होती है. गर्मियों की आदत के अनुसार रोज पानी डालने से सर्दियों में जड़ें गलने लगती हैं. जनवरी में पौधों को तभी पानी देना चाहिए, जब मिट्टी पूरी तरह सूखी नजर आए. उंगली से मिट्टी को दो-तीन इंच तक जांचें, अगर वह सूखी लगे तभी पानी डालें.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 17 Jan, 2026 | 01:47 PM

जनवरी का महीना इंसानों के साथ-साथ पौधों के लिए भी सबसे ज्यादा मुश्किल भरा होता है. ठंडी हवाएं, गिरता तापमान और नमी पौधों की सेहत पर सीधा असर डालती है. कई बार हम देखते हैं कि जो पौधे कुछ हफ्ते पहले तक हरे-भरे थे, वे अचानक मुरझाने लगते हैं, पत्तियां पीली पड़ जाती हैं और धीरे-धीरे पौधा कमजोर हो जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह होती है कि सर्दियों में पौधों की देखभाल का तरीका बदल जाता है, लेकिन हम वही पुरानी आदतें अपनाए रहते हैं.

सर्द मौसम में ज्यादातर पौधे अपनी सक्रिय वृद्धि रोक देते हैं और एक तरह से निष्क्रिय अवस्था में चले जाते हैं. इस दौरान उन्हें कम पानी, हल्की धूप और सही सुरक्षा की जरूरत होती है. अगर समय रहते थोड़ी सी सावधानी बरत ली जाए, तो जनवरी की कड़ाके की ठंड में भी पौधों को हरा-भरा और स्वस्थ रखा जा सकता है.

मल्चिंग से जड़ों को दें गर्माहट

जनवरी में ठंडी मिट्टी पौधों की जड़ों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाती है. ऐसे में मल्चिंग पौधों के लिए किसी कंबल से कम नहीं होती. गमले या जमीन में लगे पौधों के चारों ओर सूखे पत्ते, भूसा, लकड़ी की छाल या नारियल के रेशे की परत बिछा देने से मिट्टी का तापमान संतुलित रहता है. इससे नमी भी लंबे समय तक बनी रहती है और जड़ों को ठंड से बचाव मिलता है. सर्दियों में मल्चिंग करने से पौधे को अतिरिक्त ऊर्जा नहीं गंवानी पड़ती और वह धीरे-धीरे सुरक्षित तरीके से मौसम निकाल लेता है.

पानी देने में न करें जल्दबाजी

ठंड के मौसम में सबसे आम गलती ज्यादा पानी देना होती है. गर्मियों की आदत के अनुसार रोज पानी डालने से सर्दियों में जड़ें गलने लगती हैं. जनवरी में पौधों को तभी पानी देना चाहिए, जब मिट्टी पूरी तरह सूखी नजर आए. उंगली से मिट्टी को दो-तीन इंच तक जांचें, अगर वह सूखी लगे तभी पानी डालें. कोशिश करें कि पानी सुबह के समय दें, ताकि दिन में धूप मिल सके और अतिरिक्त नमी उड़ जाए. ठंड में शाम या रात को पानी देना पौधों के लिए नुकसानदायक हो सकता है.

सूखी पत्तियों की समय पर छंटाई

ठंडी हवाओं के कारण कई बार पौधों की पत्तियां सूख जाती हैं या मुरझा जाती हैं. ऐसी पत्तियां पौधे से पोषक तत्व खींचती रहती हैं, जिससे नई पत्तियों की ग्रोथ रुक जाती है. इसलिए जनवरी में प्रूनिंग यानी सूखी और खराब पत्तियों की छंटाई बेहद जरूरी हो जाती है. हल्की-फुल्की कटाई से पौधे पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ता और वह अपनी ऊर्जा सही हिस्सों में लगा पाता है. इससे पौधा मजबूत रहता है और ठंड के बाद नई कोंपलें भी अच्छे से निकलती हैं.

सर्द हवाओं से पौधों को बचाना जरूरी

जनवरी में चलने वाली ठंडी हवाएं पौधों के लिए सबसे बड़ा खतरा होती हैं. गमलों में लगे पौधों को खुले स्थान से हटाकर किसी दीवार के पास या घर के अंदर रखना बेहतर होता है. अगर घर के अंदर रखते हैं, तो उन्हें खिड़की के पास रखें, जहां सुबह की हल्की धूप मिल सके. बहुत ज्यादा ठंड सहन न करने वाले पौधों को सीधे खुले वातावरण में छोड़ना उनकी सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है.

गार्डन के पौधों को ऐसे दें सुरक्षा

जो पौधे जमीन में लगे होते हैं, उन्हें घर के अंदर लाना संभव नहीं होता. ऐसे में उन्हें ढककर रखना एक अच्छा उपाय है. ठंडी रातों में पौधों को कपड़े, जूट की बोरी, प्लांट कवर या हल्की पॉलीथिन से ढक दें. सुबह धूप निकलने पर कवर हटा देना चाहिए, ताकि पौधों को हवा और रोशनी मिल सके. इससे ठंड और पाले का असर काफी हद तक कम हो जाता है.

थोड़ी समझदारी से बच सकता है पौधा

जनवरी की ठंड पौधों के लिए चुनौती जरूर है, लेकिन सही देखभाल से यह समय आसानी से निकाला जा सकता है. पानी, धूप, सुरक्षा और सफाई पर थोड़ा ध्यान देने से पौधे न सिर्फ सर्दी से बचेंगे, बल्कि मौसम बदलते ही तेजी से बढ़ने भी लगेंगे. याद रखें, सर्दियों में पौधों को ज्यादा नहीं, बल्कि समझदारी भरी देखभाल की जरूरत होती है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

कीवी उत्पादन के मामले में देश का सबसे प्रमुख राज्य कौन सा है