हाईब्रिड के नाम पर बेचा गया धान बीज घटिया निकला, कई एकड़ में अंकुरण नहीं होने पर किसानों का हंगामा
किसान नेता लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि सिजेंटा कंपनी के हाइब्रिड धान बीज का जर्मिनेशन ना होने से रघुआना के किसानों को भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि डीडीए सिरसा को शिकायती पत्र देकर नुकसान की भरपाई और कंपनी पर कार्रवाई की मांग की गई है.
Haryana News: धान की खेती करने वाले हरियाणा के किसान मनदीप सिंह, जगतार सिंह और सुखजीत सिंह ने बाजार से निजी कंपनी का हाईब्रिड खरीदकर बुवाई की. लेकिन, कई दिन बाद तक भी बीजों का अंकुरण नहीं हुआ. किसानों ने कहा कि हाइब्रिड के नाम पर निजी कंपनी घटिया बीज बेचकर किसानों को ठग रही है. किसान नेता लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि बीज अंकुरित नहीं होने के मामले की शिकायत उन्होंने डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर को कार्रवाई के लिए शिकायती पत्र दिया है. उन्होंने कहा कि अगर जिम्मेदार कंपनी पर कार्रवाई नहीं हुई और किसानों को मुआवजा नहीं मिला तो आंदोलन होगा.
सिरसा के खेतों में बीज अंकुरित नहीं हुए
भारतीय किसान एकता के हरियाणा प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने किसान इंडिया को बताया कि उनके पास गांव रघुआना के किसानों मनदीप सिंह, जगतार सिंह, सुखजीत सिंह ने फोन पर सूचना दी कि उन्होंने सिजेंटा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के हाइब्रिड धान बीज एनके 7104 बब्बर बीज भंडार जनता भवन सिरसा से खरीदा था, जिसका उन्होंने अपने-अपने खेतों में छिड़काव किया, लेकिन जर्मिनेशन बहुत कम हुआ है.
कृषि विभाग से शिकायत कर मुआवजे की मांग
किसान नेता ने कहा कि मैंने स्वयं खेत जाकर देखा तो अंकरण में भारी कमी है. तीनों किसानों को भारी नुकसान हुआ है. इसके अलावा इलाके के कुछ अन्य किसानों ने भी इस कंपनी का बीज लेकर बुवाई की है और उनकी भी अंकुरण की शिकायत है. किसान नेता ने कहा कि इस संबंध में डिप्टी डायरेक्टर एग्रीकल्चर (डीडीए) सिरसा को शिकायत पत्र दिया गया है. डिप्टी डायरेक्टर से अपील की गई है कि मामले की जांच करवाने तथा किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए.
बीज अंकुरण असफल होने से किसानों को नुकसान
किसानों ने बताया कि उन्होंने भारी खर्च करके कंपनी का एनके 7104 धान बीज खरीदा था और कृषि विभाग की सलाह अनुसार खेतों में बिजाई की, लेकिन बीज का जर्मिनेशन बहुत कम हुआ. किसानों का आरोप है कि कई खेतों में बीज बिल्कुल नहीं उगा, जिससे किसानों को दोबारा बिजाई करने की नौबत आ गई है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.
कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे सरकार
पीड़ित किसानों ने कहा कि धान की फसल का समय सीमित होता है और खराब बीज के कारण अंकुरण नहीं हुआ हौ और उनकी फसल पिछड़ रही है. दोबारा बुवाई करने में अतिरिक्त मजदूरी, डीजल, खाद और बीज पर खर्च करना पड़ रहा है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है. किसानों ने कृषि विभाग से मांग करते हुए कहा कि प्रभावित खेतों का तुरंत सर्वे करवाया जाए, संबंधित कंपनी के बीज के सैंपल जांच के लिए भेजे जाएं तथा दोषी पाए जाने पर कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
न्याय न मिला तो आंदोलन करेंगे किसान
किसान नेता ने कृषि अधिकारियों से कहा कि किसानों के नुकसान का उचित मुआवजा दिलाया जाए, ताकि किसानों को राहत मिल सके. किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसान संगठन के नेतृत्व में आंदोलन करने को मजबूर होंगे. किसान नेता लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि कई निजी कंपनियां घटिया बीज किसानों को थमाकर ठगी कर रही हैं और ऐसी कंपनियों को बंद किया जाना जरूरी है.