लीची के फल फटकर हो रहे बर्बाद! समय रहते नहीं संभले तो होगा बड़ा नुकसान, जानें बचाव के उपाय

Litchi Ki Kheti: लीची के फल फटने और गिरने की मुख्य वजह ज्यादा तापमान, नमी की कमी और बोरोन की कमी होती है. इससे फलों की गुणवत्ता और बाजार कीमत दोनों प्रभावित होती हैं. बचाव के लिए पेड़ों के पास नमी बनाए रखें, फलों को पेपर बैग से ढकें, प्रति पेड़ बोरेक्स का उपयोग करें और NAA स्प्रे का छिड़काव करें. सही देखभाल से फसल को नुकसान से बचाकर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.

नोएडा | Published: 26 Apr, 2026 | 10:31 AM

Litchi Farming Tips: गर्मियों के मौसम में लीची की खेती करने वाले किसानों के सामने एक बड़ी समस्या आती है फल का फटना और गिरना. यह समस्या सीधे तौर पर उत्पादन और बाजार में मिलने वाली कीमत को प्रभावित करती है. बिहार कृषि विभाग के अनुसार, लीची के फल फटने के पीछे मुख्य कारण अधिक तापमान, बोरोन (Boron) की कमी और हार्मोनल असंतुलन होता है.

खासतौर पर शाही, रोजसेंटेड और पूर्वी जैसी कुछ किस्मों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है, जिससे फल की गुणवत्ता खराब हो जाती है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है.

उत्पादन और गुणवत्ता पर पड़ता है असर

बिहार कृषि विभाग के अनुसार, जब लीची के फल पकने के समय फट जाते हैं या समय से पहले गिरने लगते हैं, तो उनका बाजार मूल्य काफी कम हो जाता है. फटे हुए फल जल्दी खराब भी हो जाते हैं, जिससे उनकी बिक्री मुश्किल हो जाती है. इसलिए समय रहते इस समस्या का समाधान करना बेहद जरूरी है.

नमी बनाए रखना है सबसे जरूरी

लीची के पेड़ों के आसपास मिट्टी में नमी बनाए रखना बहुत जरूरी होता है. गर्मी के कारण अगर मिट्टी सूख जाती है, तो फल तेजी से फटने लगते हैं.

पेपर बैग से करें फलों की सुरक्षा

फल को फटने से बचाने के लिए एक बेहद आसान और प्रभावी तरीका है पेपर बैगिंग. जब पेड़ पर फल विकसित होने लगें, तब उन्हें सावधानी के साथ पेपर बैग से ढक देना चाहिए. इससे फल सीधे तेज धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में नहीं आते, जिससे उनके फटने की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है. इसके अलावा, पेपर बैगिंग फल को बाहरी नुकसान, कीटों और धूल-मिट्टी से भी बचाती है, जिससे उनकी गुणवत्ता, रंग और चमक बेहतर बनी रहती है.

पोषक तत्वों की कमी दूर करें

लीची में बोरोन की कमी भी फल फटने का एक प्रमुख कारण मानी जाती है. इस कमी को दूर करने के लिए प्रति पेड़ लगभग 100 ग्राम सुहागा (बोरेक्स) का प्रयोग करना लाभकारी होता है. सही मात्रा में बोरोन मिलने से फल की त्वचा मजबूत होती है, जिससे उनके फटने की संभावना काफी कम हो जाती है. साथ ही, यह फल के समुचित विकास और गुणवत्ता को भी बेहतर बनाने में मदद करता है.

हार्मोन स्प्रे से रोकें फल गिरना

सही देखभाल से बढ़ेगा मुनाफा

अगर किसान समय पर इन उपायों को अपनाते हैं, तो लीची के फलों को फटने और गिरने से बचाया जा सकता है. इससे न केवल उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि फलों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी और बाजार में अच्छी कीमत मिलेगी. लीची की खेती में सफलता के लिए जरूरी है कि किसान तापमान, नमी और पोषण का संतुलन बनाए रखें. सही समय पर सिंचाई, पोषक तत्वों का उपयोग और सुरक्षा उपाय अपनाकर इस समस्या से आसानी से बचा जा सकता है.

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