दालों की बुवाई में तेजी से घटा अंतर, पिछले साल के करीब पहुंचा रकबा.. तूर-मूंग में कमी के बावजूद बढ़ी उम्मीद
Pulses Sowing 2026: देश में दालों की कुल बुवाई 14 अगस्त तक 108.14 लाख हेक्टेयर पहुंच गई है, जो पिछले साल के करीब है. तूर और मूंग के रकबे में कुछ राज्यों में कमी के बावजूद उड़द की बुवाई बढ़ी है. पर्याप्त सरकारी स्टॉक और सितंबर में अच्छी बारिश की उम्मीद से दालों की सप्लाई को लेकर फिलहाल बड़ी चिंता नहीं है.
Pulses Acreage India: देश में दालों की खेती को लेकर अच्छी खबर सामने आई है. मॉनसून में कई राज्यों में बारिश की स्थिति सुधरने के बाद दालों की कुल बुवाई का रकबा पिछले साल के करीब पहुंच गया है. 14 अगस्त तक देश में कुल 108.14 लाख हेक्टेयर में दालों की बुवाई हो चुकी है. पिछले साल इसी समय यह आंकड़ा 108.49 लाख हेक्टेयर था. यानी इस साल रकबा थोड़ा कम जरूर है, लेकिन अंतर बहुत ज्यादा नहीं है.
हालांकि, तूर और मूंग जैसी प्रमुख दालों की बुवाई में कमी देखने को मिली है. इसके पीछे कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे बड़े उत्पादक राज्यों में बारिश की कमी को बड़ी वजह माना जा रहा है. इसके बावजूद देश में दालों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद होने से फिलहाल सप्लाई को लेकर बड़ी चिंता नहीं है.
तूर की बुवाई कुछ राज्यों में घटी, कुछ में बढ़ी
| राज्य | पिछले साल तूर का रकबा (लाख हेक्टेयर) | इस साल तूर का रकबा (लाख हेक्टेयर) | बदलाव |
|---|---|---|---|
| कर्नाटक | 13.72 | 10.53 | 23 फीसदी कमी |
| महाराष्ट्र | 12.06 | 11.79 | 2.2 फीसदी कमी |
| मध्य प्रदेश | 3.24 | 2.51 | 22.5 फीसदी कमी |
| उत्तर प्रदेश | 3.53 | 4.92 | 39 फीसदी बढ़ोतरी |
गुजरात में 9 फीसदी, तेलंगाना में 7 फीसदी और आंध्र प्रदेश में 16 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.
पर्याप्त स्टॉक से फिलहाल राहत
दालों की बुवाई में कुछ कमी के बावजूद बाजार से जुड़े जानकार इसे बड़ी चिंता नहीं मान रहे हैं. भारत में सरकार के पास करीब 12 लाख टन दालों का स्टॉक मौजूद है. इसके अलावा बंदरगाहों, किसानों और व्यापारियों के पास भी दालों का स्टॉक बताया जा रहा है. बिजनेस लाइन की रिपोर्ट में इंडिया पल्सेस एंड ग्रेंस एसोसिएशन (IPGA) के मानद सचिव सतीश उपाध्याय ने बताया कि, तूर और मूंग के रकबे में कमी फिलहाल चिंता का कारण नहीं है. उनका कहना है कि अगर सितंबर में मौसम का पूर्वानुमान सही रहता है और अच्छी बारिश होती है, तो फसल की पैदावार में सुधार हो सकता है.
उड़द की खेती में जोरदार बढ़ोतरी
दालों में उड़द की खेती को लेकर इस साल अच्छी तस्वीर सामने आई है. उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में उड़द का रकबा बढ़ा है. इससे महाराष्ट्र में हुई कमी की भरपाई होती दिखाई दे रही है. उत्तर प्रदेश में उड़द का रकबा 65 फीसदी बढ़कर 6.11 लाख हेक्टेयर हो गया है. राजस्थान में यह 28 फीसदी बढ़कर 3.99 लाख हेक्टेयर और मध्य प्रदेश में 19 फीसदी बढ़कर 7.07 लाख हेक्टेयर हो गया है.
मूंग की खेती में मामूली बदलाव
मूंग की बुवाई कुल मिलाकर लगभग स्थिर रही है. राजस्थान में इसका रकबा पिछले साल के 23.24 लाख हेक्टेयर के मुकाबले इस बार 23.06 लाख हेक्टेयर रहा. हालांकि, महाराष्ट्र में मूंग का रकबा करीब 30 फीसदी घटकर 1.45 लाख हेक्टेयर रह गया है. कर्नाटक में भी 12 फीसदी की गिरावट के साथ रकबा 3.66 लाख हेक्टेयर रहा.
सितंबर की बारिश पर टिकी उम्मीद
कुल मिलाकर देश में दालों की बुवाई पिछले साल के लगभग बराबर पहुंच चुकी है. कुछ राज्यों में बारिश की कमी से तूर और मूंग प्रभावित हुए हैं, लेकिन दूसरे राज्यों में बढ़ी बुवाई और सरकारी स्टॉक ने स्थिति को संभाल रखा है. अब किसानों और बाजार की नजर सितंबर की बारिश पर है. अगर इस दौरान अच्छी बारिश होती है, तो फसलों की बढ़वार और पैदावार में सुधार हो सकता है. ऐसे में दालों की कुल उपलब्धता बेहतर रहने की उम्मीद है और फिलहाल देश में दालों की सप्लाई को लेकर बड़ी चिंता नजर नहीं आ रही है.