महाराष्ट्र में एनालॉग पनीर पर बैन, अब नहीं होगी बिक्री.. जानें कैसे होता है यह तैयार

महाराष्ट्र ने एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री, भंडारण और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है. सरकार का कहना है कि कई जगह इसे असली डेयरी पनीर बताकर बेचा जा रहा था. जानिए एनालॉग पनीर क्या होता है, यह कैसे तैयार किया जाता है, असली पनीर से कितना अलग है और इसकी पहचान कैसे की जा सकती है.

Kisan India
नोएडा | Updated On: 5 Aug, 2026 | 10:47 AM

महाराष्ट्र सरकार ने एनालॉग पनीर के निर्माण, बिक्री, भंडारण और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है. ऐसा करने वाला महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के बाद देश का दूसरा राज्य बन गया है. सरकार ने यह फैसला लोगों की सेहत की सुरक्षा और भ्रामक फूड लेबलिंग पर बढ़ती चिंताओं को देखते हुए लिया है. आरोप थे कि कई होटल और रेस्तरां में गैर-डेयरी (नॉन-डेयरी) पनीर को असली डेयरी पनीर बताकर बेचा जा रहा था.

क्या होता है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर एक ऐसा पनीर विकल्प है, जिसे ताजे दूध की बजाय वनस्पति तेल (जैसे पाम ऑयल), मिल्क पाउडर या मिल्क सॉलिड, स्टार्च और दूसरे खाद्य पदार्थों से बनाया जाता है. इसे देखने, स्वाद और बनावट में असली पनीर जैसा बनाया जाता है, लेकिन इसकी लागत काफी कम होती है. वहीं, पारंपरिक पनीर केवल दूध को नींबू या साइट्रिक एसिड जैसे पदार्थ से फाड़कर तैयार किया जाता है. भारतीय खाद्य नियमों के तहत एनालॉग पनीर की बिक्री की अनुमति है, लेकिन पैकेट पर साफ तौर पर ‘एनालॉग पनीर’ या ‘नॉन-डेयरी पनीर’ लिखा होना जरूरी है, ताकि उपभोक्ताओं को पता रहे कि वे क्या खरीद और खा रहे हैं.

सरकार ने क्यों लगाया एनालॉग पर बैन

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) का कहना है कि समस्या सिर्फ एनालॉग पनीर नहीं है, बल्कि उसे असली डेयरी पनीर बताकर बेचना है. इससे उपभोक्ता गुमराह होते हैं और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 का उल्लंघन होता है. सरकार ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाया जा सकता है और गंभीर मामलों में जेल की सजा भी हो सकती है.

कैसे तैयार होता है एनालॉग पनीर

विशेषज्ञों के अनुसार, एनालॉग पनीर में आमतौर पर वनस्पति तेल और स्टार्च का इस्तेमाल होता है, जबकि पारंपरिक पनीर मुख्य रूप से दूध से बनाया जाता है. इसके अलावा, एनालॉग पनीर में असली पनीर की तुलना में प्रोटीन और विटामिन B12 जैसे प्राकृतिक पोषक तत्व भी कम होते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, एनालॉग पनीर में असली पनीर की तुलना में सैचुरेटेड फैट ज्यादा हो सकता है, जबकि कैल्शियम, फॉस्फोरस और विटामिन B12 जैसे पोषक तत्व कम होते हैं.

एनालॉग पनीर की पहचान के आसान तरीके

लेबल जरूर पढ़ें: पैकेट पर अगर वनस्पति तेल, पाम ऑयल, स्टार्च या ‘एनालॉग पनीर’ लिखा है, तो यह पारंपरिक डेयरी पनीर नहीं है.
आयोडीन टेस्ट करें: पनीर पर आयोडीन की कुछ बूंदें डालने पर अगर उसका रंग नीला हो जाए, तो उसमें स्टार्च होने की संभावना है.
कीमत पर ध्यान दें: बहुत सस्ता पनीर एनालॉग पनीर हो सकता है.
बनावट जांचें: एनालॉग पनीर अक्सर रबड़ जैसा और चबाने में ज्यादा सख्त होता है.
ध्यान रखें: ये तरीके केवल शुरुआती पहचान के लिए हैं. असली या नकली होने की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच से ही हो सकती है.

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Published: 5 Aug, 2026 | 10:40 AM

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