ICAR की नई तकनीक से अब ज्यादा दिनों तक ताजा रहेगा पनीर, डेयरी सेक्टर को होगा बड़ा फायदा

Paneer Shelf Life: ICAR के नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, करनाल ने AMCF नाम की नई तकनीक विकसित की है, जिससे पनीर 10 दिन से ज्यादा समय तक ताजा और सुरक्षित रखा जा सकेगा. यह तकनीक पनीर बनाने के साथ-साथ हानिकारक बैक्टीरिया की बढ़त को भी रोकती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 2 Aug, 2026 | 03:45 PM

Paneer Storage: देश में पनीर की बढ़ती मांग को देखते हुए वैज्ञानिकों ने एक ऐसी नई तकनीक विकसित की है, जिससे पनीर पहले की तुलना में ज्यादा समय तक ताजा और सुरक्षित रखा जा सकेगा. यह नई तकनीक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (NDRI), करनाल के वैज्ञानिकों ने तैयार की है. इस तकनीक का नाम एंटीमाइक्रोबियल कोएगुलेंट फॉर्मूलेशन (AMCF) है. इसकी खास बात यह है कि यह पनीर बनाने के साथ-साथ उसमें हानिकारक बैक्टीरिया की बढ़त को भी रोकती है. इससे पनीर की शेल्फ लाइफ 10 दिन से ज्यादा बढ़ सकती है, यानी पनीर लंबे समय तक ताजा, सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी में बना रहेगा.

क्या है AMCF तकनीक?

एंटीमाइक्रोबियल कोएगुलेंट फॉर्मूलेशन (Antimicrobial Coagulant Formulation) एक ऐसी आधुनिक तकनीक है, जो एक साथ दो काम करती है. पहला, यह दूध को फाड़कर पनीर बनाने में मदद करती है और दूसरा, यह प्राकृतिक एंटीमाइक्रोबियल एजेंट की तरह काम करके हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकती है. आमतौर पर पनीर कुछ दिनों बाद खराब होने लगता है, जिससे उसकी क्वालिटी और स्वाद प्रभावित होता है. लेकिन AMCF तकनीक इस समस्या को काफी हद तक कम कर सकती है.

लाभकारी बैक्टीरिया से तैयार की गई तकनीक

इस तकनीक को विकसित करने के लिए वैज्ञानिकों ने Lactobacillus plantarum MTCC 25406 नाम के लाभकारी (गुड) बैक्टीरिया का इस्तेमाल किया है. यह बैक्टीरिया प्राकृतिक रूप से हानिकारक सूक्ष्मजीवों की ग्रोथ को रोकने में मदद करता है. यही वजह है कि, इस तकनीक से तैयार पनीर लंबे समय तक सुरक्षित रहता है और उसकी खाने योग्य स्थिति बनी रहती है.

लंबे समय तक बनी रहेगी स्वाद और क्वालिटी

पनीर खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होती है कि कुछ ही दिनों में उसका स्वाद और बनावट बदलने लगती है. कई बार पनीर जल्दी खराब भी हो जाता है. नई AMCF तकनीक की मदद से पनीर का स्वाद, टेक्सचर और क्वालिटी लंबे समय तक बरकरार रह सकती है. इससे उपभोक्ताओं को बेहतर क्वालिटी का पनीर मिलेगा और खाने की सुरक्षा भी बढ़ेगी.

छोटे डेयरी कारोबारियों को मिलेगा बड़ा लाभ

देश में बड़ी डेयरी कंपनियों के अलावा हजारों छोटे और मध्यम डेयरी कारोबारी भी पनीर का उत्पादन करते हैं. पनीर जल्दी खराब होने की वजह से उन्हें कई बार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. अगर यह नई तकनीक बड़े स्तर पर अपनाई जाती है, तो छोटे डेयरी उत्पादक भी अपने पनीर को ज्यादा दिनों तक सुरक्षित रख सकेंगे. इससे उत्पाद की बर्बादी कम होगी, बाजार तक पहुंच आसान होगी और उनकी आय बढ़ने की संभावना भी मजबूत होगी.

डेयरी उद्योग के लिए क्यों है महत्वपूर्ण?

भारत दुनिया के सबसे बड़े दुग्ध उत्पादक देशों में शामिल है. ऐसे में दूध और उससे बनने वाले उत्पादों की क्वालिटी, सुरक्षा और शेल्फ लाइफ बढ़ाना समय की बड़ी जरूरत है. विशेषज्ञों का मानना है कि ICAR-NDRI की यह तकनीक डेयरी उद्योग के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकती है. इससे खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, उत्पाद खराब होने से होने वाला नुकसान कम होगा और डेयरी कारोबारियों को बेहतर मुनाफा मिल सकेगा.

AMCF तकनीक का फायदा सिर्फ डेयरी उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा. इससे दूध उत्पादकों, डेयरी कारोबारियों, दुकानदारों और उपभोक्ताओं सभी को लाभ मिलने की उम्मीद है. पनीर लंबे समय तक ताजा रहेगा, बर्बादी कम होगी और लोगों को बेहतर क्वालिटी का उत्पाद मिलेगा.

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Published: 2 Aug, 2026 | 03:45 PM

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