खाद्य तेल की कीमतों में बढ़त देखी जा रही है. सोयाबीन तेल का वायदा भाव 15 रुपये प्रति किलो बढ़ गया है. जबकि, मूंगफली, बिनौल और कच्चा पाम ऑयल के दाम में भी बढ़त देखी जा रही है. बाजार एक्सपर्ट का कहना है कि किसानों की ओर से कम आवक और आगामी त्योहारी मांग मजबूत होने से कीमतों में उछाल दर्ज किया जा रहा है. वहीं, वैश्विक बाजारों में भी आपूर्ति दिक्कतों ने घरेलू स्तर पर कीमतें बढ़ाई हैं. जबकि, कम उपलब्धता के चलते देश में बिनौले की लगभग 97 फीसदी पेराई मिलें अब बंद हो चुकी हैं.
खाद्य तेलों के दाम में उछाल की कई वजहें
मंडियों में कम आवक के बीच आगामी त्योहारों के मद्देनजर मांग बढ़ने के कारण देश के तेल-तिलहन बाजारों में सभी तेल-तिलहनों में मजबूती रही. इस तेजी की वजह से सरसों, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल के दाम बढ़त के साथ बंद हुए. बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि किसानों को सोयाबीन जैसी फसलों के पहले अच्छे दाम मिल चुके हैं और वे नीचे दाम पर बिक्री से कतरा रहे हैं और बाजार में कम आवक कम ला रहे हैं. जबकि, बिनौले की उपलब्धता नगण्य के लगभग है.
इस बीच आगामी त्योहारी मांग से भी तेजी देखी जा रही है. इसके अलावा बरसात के मौसम में अचार बनाने वाली कंपनियों के बीच सरसों की मांग बढ़ रही है. बीते सप्ताह डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरावट बढ़ने से आयातित तेलों के दाम और मजबूत हुए है. बीते सप्ताह सरकार ने पाम-पामोलीन का आयात शुल्क मूल्य भी बढ़ाया है. इन मिल-जुले कारणें से बीते सप्ताह सभी खाद्य तेलों में मजबूती दिखाई दी.
सोयाबीन के दाम में 15 रुपये का उछाल
पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा कि सरसों के मामले में इसकी आवक कम है और मांग अधिक है. कुछ सप्ताह पहले की स्थिति से उलट, सरसों तेल का दाम अब सोयाबीन और पाम-पामोलीन से 10-15 रुपये किलो महंगा हो गया है. इस परिस्थिति में बीते सप्ताह सरसों तेल-तिलहन के दाम मजबूत रहे.
पहले 2.5 लाख बोरी आवक थी अब घटकर 60 हजार हुई
उन्होंने कहा कि सोयाबीन के मामले में बाजार में बीते सप्ताह मंडियों में इसकी आवक घटकर 60 हजार बोरी से एक लाख 10 हजार बोरी के बीच रह गई. जबकि सोयाबीन के प्रत्येक दिन की खपत मांग लगभग ढाई से तीन लाख बोरी की है. कम दाम पर किसानों की ओर से कम आवक के बीच महाराष्ट्र के लातूर में सोयाबीन के बड़े प्लांट वालों ने किसानों को आकर्षित करने के लिए आगामी 10 अगस्त के बाद के खरीद का भाव 7,700 रुपये क्विंटल से बढ़ाकर 8,100 रुपये क्विंटल कर दिया है. इस वजह से बीते सप्ताह सोयाबीन तेल-तिलहन में भी सुधार आया.
मूंगफली और बिनौला तेल के दाम में मजबूती
मूंगफली के संदर्भ में उपलब्धता कम रहने के बीच इसकी मांग निरंतर बढ़ रही है. बिनौला तेल की नगण्य उपलब्धता के बीच ब्रांडेड कंपनियों की ओर से मूंगफली की मांग बढ़ी है. मूंगफली का सरकार के पास अभी का और दो साल पहले का स्टॉक है. निरंतर मांग बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन में भी सुधार दिखा. बीते सप्ताह डॉलर के मुकाबले रुपये के और कमजोर होने से आयातित तेलों के दाम बढ़ गये हैं. इन तेलों के आयात शुल्क मूल्य भी बीते सप्ताह बढ़े हैं जिससे पाम-पामोलीन के दाम में भी सुधार है. सूत्रों ने कहा कि लगभग नगण्य उपलब्धता के बीच औद्योगिक मांग के कारण बीते सप्ताह बिनौला तेल के दाम भी मजबूत हुए. वैसे कम उपलब्धता के कारण देश में बिनौले की लगभग 97 फीसदी पेराई मिलें अब बंद हो चुकी हैं.
दलहन-तिलहन दाना का भाव
- सूत्रों ने बताया कि बीते सप्ताह सरसों दाना 350 रुपये के सुधार के साथ 8,075-8,100 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों तेल 650 रुपये के सुधार के साथ 16,550 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों पक्की और कच्ची घानी तेल क्रमश: 90-90 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 2,705-2,805 रुपये और 2,705-2,855 रुपये टिन (15 किलो) पर बंद हुआ.
- सोयाबीन दाना और सोयाबीन लूज का थोक भाव क्रमश: 375-375 रुपये के सुधार के साथ क्रमश: 7,550-7,600 रुपये और 7,400-7,475 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ.
- दिल्ली में सोयाबीन तेल 275 रुपये के सुधार के साथ 15,825 रुपये प्रति क्विंटल, सोयाबीन इंदौर तेल 375 रुपये के सुधार के साथ 15,675 रुपये और सोयाबीन डीगम तेल 300 रुपये के सुधार के साथ 12,350 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ.
- औद्योगिक मांग बढ़ने के बीच बीते सप्ताह मूंगफली तिलहन का दाम 400 रुपये के सुधार के साथ 7,350-7,925 रुपये क्विंटल, मूंगफली तेल गुजरात 1,000 रुपये के सुधार के साथ 17,000 रुपये क्विंटल और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 105 रुपये के सुधार के साथ 2,665-2,965 रुपये प्रति टिन पर बंद हुआ.
- कच्चा पामतेल (सीपीओ) तेल का दाम 225 रुपये के सुधार के साथ 13,850 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ. पामोलीन दिल्ली 300 रुपये के सुधार के साथ 15,825 रुपये प्रति क्विंटल तथा पामोलीन एक्स कांडला तेल 300 रुपये के सुधार के साथ 14,625 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ. औद्योगिक मांग बढ़ने के बीच बिनौला तेल का दाम भी 500 रुपये के सुधार के साथ 16,500 रुपये प्रति क्विंटल पर बंद हुआ.